खोपा धाम में होती है दानव की पूजा ।khopadham-surajpur chhattisgarh

( नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे )

हेलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको सुरजपुर के खोपा धाम के बारे में बताने वाला हूं ।

खोपा धाम, सुरजपुर,छत्तीसगढ़

पता – यह धाम छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लाक के ग्राम खोपा में स्थित है जो दतिमा मोड़ से 8 की.मि की दुरी पर स्थित है

दानव की मूर्ति – सैकड़ो सालो से प्राचीन पत्थर की इस प्रतिमा में दानव का चेहरा निर्मित है साथ ही खोपा दाई, बूढी माई, जलहल देवता , कुदरगढ़ी दाई, छुरीपाट, और संकर पाट की पत्थर रूपी मुर्तिया स्थापित है।

किस दानव की पूजा होती है – जैसा की हम लोगो ने सुना है की खोपा धाम में दानव की पूजा होता है।लेकिन दोस्तो दानव तो बहुत है दोस्तो आओ जानते है कोन से दानव की लोग पूजा करते है यहां के लोग इस दानव को बकासुर के नाम से जानते है जिन्हे दानव देवता भी बोलते है।

जगह का नाम खोपाधाम कैसे पड़ा –दोस्तो लोगो में यह जानने का काफी इच्छा होता है की इस जगह को खोपा धाम क्यू बोला जाता होगा दोस्तो जहां पे खोपाधाम विराजमान है उस गांव का नाम ही खोपा है इसी गांव में विराजमान इस दानव के स्थान को खोपाधाम के नाम से जाना जाता है।

खोपा धाम की पूजा विधि –दोस्तो जैसा की हम ने बाकी धार्मिक स्थानों के पूजा पाठ के विधि को जानते है लेकिन खोपा धाम का पूजा पाठ विधि अलग है पहले यहां नारियल तेल और सुपाड़ी के साथ पूजा कर अपनी मन्नत मांगते है और मन्नत पूरी होने पर यहां बकरा, मुर्गा और शराब का प्रसाद चढ़ाया जाता है।

खोपा धाम में होता है मन्नत पूरी –दोस्तों जिस तरह से आप देवी देवताओं के सामने जाकर अपने मन्नत को रखते है ना उसी तरह खोपा धाम में आकार लोग इस दानव से मन्नत मांगाते है।कहा जाता है जो इस दानव देवता पर सच्चे विश्वास करता है उनका मन्नत जरूर पूरा होता है।।

महिलाओं के प्रवेश निषेध – दोस्तो प्राचीन काल में बहुत से स्थानों में महिलाओं के प्रवेश में मनाही था ठीक उसी तरह इस स्थान में भी महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी थी लेकिन अब आधुनिकता में महिलाएं भी भारी संख्या में इस पवित्र स्थल पर जाकर पूजापाठ करती है।

यहां मंदिर क्यों नही बन पाया – दोस्तो आओ जानते है खोपा धाम अभी तक क्यू मंदिर से वंचित है इस स्थान में पिछले कई सौ सालो से पूजा हो रही है लेकिन आज तक यहां मंदिर का निर्माण नहीं कराया गया है इसकी भी अपनी अलग कहानी है। जानकारो के अनुसार खोपा देवता ने स्थापित होने से पहले ही यह बात कह दी थी मेरा मंदिर ना बनाया जाए ताकि मैं चार दीवारी में कैद होने के बजाए स्वतंत्र रह सकूं। साथ ही इस स्थान की मान्यता है कि यहां का प्रसाद महिलाए नहीं खा सकती है साथ ही यहां के प्रसाद को घर नहीं ले जाया जा सकता है।

कहानी – प्रत्येक धार्मिक स्थान के भाती इस स्थान का अपना इतिहास और कहानी है, बताया जाता है कि बकासुर नाम का दानव खोपा गांव के बगल से गुजरती रेड नदी में रहते थे। गांव के एक बैगा जाति के युवक से प्रसन्न होकर वहां गांव के बाहर एक स्थान पर रहने लगे और अपनी पूजा के लिए उन्होंने बैगा जाति के लोगो को ही स्वीकृति प्रदान की। यही वजह है कि यहां पूजा कोई पंडित नहीं बल्कि बैगा ही कराते है तब से लेकर आज तक यह स्थल आस्था का केन्द्र बना हुआ है।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post, I am going to tell you about the Khopa Dham of Surajpur.

Khopa Dham, Surajpur, Chhattisgarh

Address – This dham is located in village Khopa of Bhaiyathan block of Surajpur district of Chhattisgarh, which is 8 km away from Datima Mor.

Statue of the Demon – This statue of the ancient stone from hundreds of years has the face of the demon built in it, as well as the stone form of Murtia of Khopa Dai, Budhi Mai, Jalahal Devta, Kudargarhi Dai, Churipat, and Sankar Pata.

Which demon is worshiped – As we have heard that the demon is worshiped in Khopa Dham. Those who know by name are also called demon gods.

How the place got named Khopadham – There is a lot of desire in the people of Dosto to know that this place will be called Khopa Dham, friends, where the Khopadham is situated, the name of the village is Khopa. Is known as.

Khoopa Dham Puja Vidhi – Dosto as we know the method of worship of other religious places, but the method of worship of Khopa Dham is different, first ask for your vow by worshiping it here with coconut oil and spadi and when the vow is completed Here, offerings of goat, rooster and liquor are offered.

In Khopa Dham, the vow is complete – the way you keep your vow in front of the Gods and Goddesses, in the same way, in the Khopa Dham, people ask for a vow to this demon. His vow is definitely fulfilled.

Prohibition of entry of women – Friends, in the ancient times, the entry of women in many places was forbidden, in the same way, the entry of women was banned in this place, but now in modernity, women also visit this sacred site in large numbers to worship.

The temple could not be built here – friends come know that Khopa Dham is still deprived of the Q temple. This place is being worshiped for the past several hundred years, but till date the temple has not been built here, it also has its own different story. According to the information, before the establishment of the god Khopa had said this that my temple should not be built so that I can remain independent instead of being imprisoned in four walls. Also, there is a belief of this place that the prasad of this place cannot be eaten by women, as well as the prasad of this place cannot be taken home.

Story – Every religious place has its own history and story, it is told that a demon named Bakasur lived in the Red River passing next to the village of Khopa. Pleased with a Baiga caste young man from the village, he started living in a place outside the village and he approved only the people of Baiga caste for his worship. This is the reason that Pooja is not a pandit here but only Baiga, since then this place has remained a center of faith.

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Jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा और अन्य रहस्यमय जगह के बारे इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे।

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