अक्षय तृतीया क्या है 2021 l what is akshaya tritiya

( नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे )

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको अक्षय तृतीया के बारे जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट जरूर करे।

अक्षय तृतीया

अक्षय का अर्थ है जिसका क्षय न हो,अक्षय तृतीया को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अक्षय तृतीया तिथि को बहुत ही शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया एक ऐसी सर्वसिद्धि देने वाली तिथि मानी जाती है जिसमें किसी भी मुहूर्त को दिखाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

अक्षय तृतीया का महत्व – शास्त्रों में ही नहीं हमारे जीवन पर भी असर डालता हैं | कहते हैं अक्षय तृतीया के दिन हर प्रकार के शुभ काम होने शुरू हो जाते हैं और इस माता लक्ष्मी को खुश करने का भी खास दिन होता हैं |

अक्षय तृतीया कब होता है – अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है।इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है।

आज के दिन क्या क्या करते है – इस दिन मुहूर्त में किसी भी तरह के नए व्यवसाय का शुभारंभ, गृह प्रवेश, सगाई, शादी, नामकरण, जनेऊ संस्कार करने से वह फलदायी होता है।

शादी के लिए उत्तम दिन- छत्तीसगढ़ में ग्रामीण समेत शहर में धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं इस दिन शादी करने के लिए काफी शुभ माना जाता है। दूसरी ओर गुड्डा-गुड़िया का ब्याह पूरे रीति-रिवाज से किया जाता है, जिन घरों में युवक-युवती शादी योग्य नहीं होते वहां गुड्‌डे-गुड़ियों की शादी की जाती है। ऐसा करने से परिवार के सुखी होने की मान्यता है। सालों से यह परंपरा चली आ रही है। इससे छोटे बच्चों को शादी के संस्कार के बारे में पता चलता है वो रस्मों को समझते हैं।

ग्रामीण देवी देवता की पूजा- आमतौर गांवों में इस दिन ठाकुर देव या गांव प्रमुख देवी-देवता के सामने धान दौने पर धान रखकर पूजा करते हैं।

फसल की बुवाई – अक्षय तृतीया के दिन ही धान से खरीफ फसल की बोआई शुरू हो जाती है। इसका खासा महत्‍व भी है।

1,भविष्य पुराण के अनुसार इस तिथि को सतयुग और त्रेता युग का प्रारम्भ हुआ है।

2,भगवान विष्णु के अवतार भगवान परशुराम जी का अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था।

3,ब्रह्माजी के पुत्र अक्षय कुमार का आविर्भाव भी इसी दिन हुआ था।

4,प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बद्रीनारायण के कपाट भी इसी तिथि से ही पुनः खुलते हैं।

5,वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी जी मन्दिर में भी केवल इसी दिन श्री विग्रह के चरण दर्शन होते हैं, अन्यथा वे पूरे वर्ष वस्त्रों से ढके रहते हैं।

6,इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था।

7,इस दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान ने एक वर्ष की पूर्ण तपस्या करने के पश्चात गन्ने के रस से पारायण किया था । इसी कारण इस तिथि को इक्षु तृतीया भी कहते हैं ।

8, कृषक समुदाय में इस दिन एकत्रित होकर आने वाले वर्ष के आगमन, कृषि पैदावार आदि के शगुन देखते हैं।

9,आज ही के दिन माँ गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था ।

10,महर्षी परशुराम का जन्म आज ही के दिन हुआ था ।

11,माँ अन्नपूर्णा का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था

12,द्रोपदी को चीरहरण से कृष्ण ने आज ही के दिन बचाया था ।

13,कृष्ण और सुदामा का मिलन आज ही के दिन हुआ था ।

14,कुबेर को आज ही के दिन खजाना मिला था ।

15,सतयुग और त्रेता युग का प्रारम्भ आज ही के दिन हुआ था ।

16,ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण भी आज ही के दिन हुआ था ।

17,इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था ।

अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है।

यह पोस्ट आप को अच्छा लगे या इसके बारे में अधिक जानकारी है तो नीचे कॉमेंट करके जरूर बताए।

जय जोहार जय छत्तीसगढ़़

Hello friends my name is Hitesh Kumar In this post, I am going to give you information about Akshaya Tritiya. If you like this information, then please comment.

Akshaya Tritiya

Akshaya means that there is no decay, Akshaya Tritiya is also known as Akha Teej. Akshaya Tritiya Tithi is considered very auspicious for Manglik and auspicious works. Akshaya Tritiya is considered to be an all-encompassing date in which there is no need to show any Muhurta.

The importance of Akshaya Tritiya – affects our life not only in the scriptures. It is said that on the day of Akshaya Tritiya, every kind of auspicious work starts, and it is also a special day to please this Goddess Lakshmi.

When is Akshaya Tritiya – Akshaya Tritiya or Akha Teej is called Tritiya Tithi of Shukla Paksha in Vaishakh month. According to mythological texts, the auspicious results of whatever auspicious work is done on this day, it is called Akshaya Tritiya.

When is Akshaya Tritiya – Akshaya Tritiya or Akha Teej is called Tritiya Tithi of Shukla Paksha in Vaishakh month. According to mythological texts, the auspicious results of whatever auspicious work is done on this day, it is called Akshaya Tritiya.

Best day for marriage- Chhattisgarh is celebrated with pomp in the city, including rural. On this day, it is considered auspicious to get married. On the other hand, Gudda-Gudiya is married with full custom, in the houses where young men and women are not eligible for marriage, Gudde-Gudis are married. By doing this, there is a belief that the family is happy. This tradition has been going on for years. With this, young children get to know about the rites of marriage, they understand the rituals.

What do we do on this day – On this day, starting any kind of new business, home entry, engagement, marriage, christening, performing Janeu rituals, it is fruitful.

Worship of Rural Goddess – Usually in villages, on this day, Thakur Dev or village head goddess is worshiped by placing paddy in front of the goddess.

Sowing of crop – On the day of Akshaya Tritiya, sowing of kharif crop starts from paddy. It also has a significant value.

1, according to the Bhavishya Purana, the Satyuga and Treta Yugas have started on this date.

2, the incarnation of Lord Vishnu, the incarnation of Lord Vishnu, also took place on this date.

3, the appearance of Brahma’s son Akshay Kumar also occurred on this day.

4, The doors of the famous pilgrimage site Badrinarayan also reopen from this date itself.

5, Shri Banke Bihari Ji Temple located in Vrindavan also has the feet of Shri Vigraha on this day only, otherwise they are covered with clothes for the whole year.

6, The war of Mahabharata ended on this day.

7, On this day, the first Tirthankara of Jainism, Sri Rishabhdev Bhagwan, after performing a complete penance for one year, did Parayana with sugarcane juice. For this reason, this date is also called Ikshu Tritiya.

8, Farmers gather on this day to see the omen of the arrival of the coming year, agricultural yields etc.

9, On this day, the incarnation of Mother Ganga took place on earth.

10, Maharishi Parshuram was born on this day.

11, Mother Annapurna was also born on this day

12, Krishna was saved by Draupadi from Chiraharan on this day.

13, Krishna and Sudama met on this day.

14, Kubera got the treasure on this day.

15, Satyuga and Treta Yuga started on this day.

16, the incarnation of Akshay Kumar, son of Brahma, also took place on this day.

17, The war of Mahabharata came to an end on this day.

Akshaya Tritiya is a self-proven Muhurta in itself, any auspicious task can be started.

If you like this post or know more about it, then please comment by commenting below.

Jai johar jai Chattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा और अन्य रहस्यमय जगह के बारे इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!