कनकेश्वर मंदिर कोरबा lKankeshwar temple Korba

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कनकेश्वर महादेव मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

कनकेश्वर महादेव मंदिर कोरबा

पता – दोस्तों यह छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कनकी नामक गांव में कनकेश्वर महादेव मंदिर है।

दूरी – दोस्तों यह बिलासपुर से कनकेश्वर महादेव की दूरी लगभग 65 किलोमीटर व कोरबा से कनकेश्वर महादेव की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है।

मंदिर का गर्भगृह – दोस्तों इस मंदिर के गर्भगृह के अंदर में शिवलिंग स्थापित है।

प्राचीन मंदिर – दोस्तों कनकेश्वर महादेव एक प्राचीन अद्भुत अनोखा मंदिर है।

स्वयंभू शिवलिंग – दोस्तों कनकेश्वर महादेव एक स्वयंभू शिवलिंग है।

प्रवासी पक्षी – दोस्तों कनकेश्वर महादेव मंदिर के आसपास के पेड़ों में प्रवासी पक्षी नजर आते हैं।

महाशिवरात्रि उत्सव पर – दोस्तों महाशिवरात्रि के पावन पर्व और सावन के समय भक्तों की लंबी कतार भोले बाबा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ती है।

मंदिर का इतिहास – इस मंदिर की यह मान्यता है की कि एक गाय प्रतिदिन जाकर शिवलिंग पर दूध चढ़ाती थी. ऐसा बहुत दिनों तक चला ।एक दिन इस गाय ऐसा करते हुए एक ग्वाले ने देख लिया. गुस्से में आकर उसने जहां पर दूध गिर रहा था वहां डंडे से प्रहार कर दिया. जैसे ही ग्वाले ने डंडा मारा कुछ टूटने की आवाज आई और कनकी (चावल के टुकड़े) के दाने वहां बिखर गए. उस जगह की सफाई करने पर वहां एक टूटा हुआ शिवलिंग मिला. बाद में इसी स्थान पर मंदिर का निर्माण करवाया गया।

शिवलिंग के पास कनकी के दाने गिरे होने के कारण मंदिर का नाम कनकेश्वर महादेव पर रखा गया. मंदिर के स्थापित होने के बाद वहां पर गांव भी बस गया जिसका नाम कनकी रखा गया।

हमने यूट्यूब में कनकेश्वर महादेव मंदिर का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे

Youtube channel – dk 808

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about Kankeshwar Mahadev temple in Korba district of Chhattisgarh. If you like this information then do comment and share

Kankeshwar temple Korba

Address – Friends, this is Kanakeshwar Mahadev temple in a village named Kanki in Korba district of Chhattisgarh.

Distance – Friends, the distance from Bilaspur to Kankeshwar Mahadev is about 65 kilometers and from Korba to Kankeshwar Mahadev is about 25 kilometers.

The sanctum sanctorum of the temple – Friends, Shivling is installed inside the sanctum of this temple.

Ancient Temple – Friends Kanakeshwar Mahadev is an ancient wonderful unique temple.

Swayambhu Shivling – Friends, Kanakeshwar Mahadev is a self-styled Shivling.

Migratory Birds – Friends, migratory birds are seen in the trees around Kanakeshwar Mahadev Temple.

On Mahashivratri festival – Friends, during the holy festival of Mahashivratri and Sawan, long queues of devotees throng to see Bhole Baba.

History of the temple – It is a belief of this temple that a cow used to go daily and offer milk to Shivling. This went on for many days. One day a cowherd saw this cow doing this. In anger, he hit the place where the milk was falling with a stick. As soon as the cowherd hit the stick, the sound of something breaking came and the grains of Kanaki (rice pieces) were scattered there. After cleaning that place, a broken Shivling was found there. Later a temple was built at this place..

The temple was named after Kanakeshwar Mahadev because the grains of Kanaki fell near the Shivling. After the establishment of the temple, the village also settled there, which was named Kanaki.

Have made a video of Kankeshwar Mahadev temple in YouTube, watch it and subscribe to the channel

Youtube channel – dk 808

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Jai johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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