शिवलिंग से आती है तुलसी की महक, गंधवेंश्वर शिव मंदिर, सिरपुर l Gandheshwar Shiv Temple Sirpur

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के गंधवेंश्वर शिव मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं ये जानकारी अच्छा लगा है तो इसे शेयर जरूर करे

गंधवेंश्वर शिव मंदिर, सिरपुर

पता – दोस्तों यह छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के सिरपुर नामक गांव में महानदी के दक्षिण तट पर गंधवेंश्वर शिव मंदिर स्थित है।

दूरी – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर महासमुंद से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

प्रवेश द्वार – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर के प्रवेश द्वार में माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश और नंदी देव के दर्शन होते हैं।

गर्भ गृह – दोस्तों मंदिर के गर्भगृह के अंदर शिवलिंग स्थापित है। जो भक्तों के द्वारा मांगी गई मनोकामना को पूरी करती है।

तुलसी की महक – दोस्तों मंदिर के अंदर में जो शिवलिंग है उसी शिवलिंग से तुलसी के पत्तों की महक आती है।

पुरातत्वीय महत्व – दोस्तों धार्मिक और पुरातत्वीय दृष्टि से यह मंदिर अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

खूबसूरत नक्काशी – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर की दीवारों के चारों तरफ खूबसूरत नक्काशी की गई है जिससे इस मंदिर को और भी खूबसूरत बनाती है।

भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर के आगे जाने पर एक मंदिर पड़ता है उस मंदिर में 3 गुफा के अन्दर में भगवान जगन्नाथ का मूर्ति स्थापित है।

मंदिर का निर्माण – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर का निर्माण 7-8 वीं शती ई. में हुआ माना जाता है।

मंदिर के तीन अंग – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर 16 स्तंभों पर आधारित है मण्डप, अंतराल एवं गर्भगृह है।

मंदिर का बाह्य स्वरूप – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर का बाह्य स्वरूप मराठा काल का माना जाता है। इस मंदिर के परकोटे में बाह्य भित्तियों में अनेक मूर्तियाँ जड़ी हुई हैं।

मनोकामना की पूर्ति – दोस्तों गंधेश्वर शिव मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर दूर से इस मंदिर में आते हैं और अपनी मनोकामना की पूर्ति के भोले बाबा से प्रार्थना करते है।

चंडी माता – दोस्तों गंधेश्वर मंदिर के पास में ही चंडी माता का मंदिर है जिसमे माता शेर में विराजमान हुई है।

शिलालेख – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर महाशिवगुप्त पाण्डुवंशी शासक के 3 शिलालेख का वर्णन मिलता है।

पुरातत्व विभाग – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर वह पुरातत्व विभाग के देखरेख में है।

प्राचीन शिवलिंग – ‍दोस्तों यह जो शिवलिंग हैं वह लगभग 2 हजार साल पुराना बताया जाता है।

प्राचीनकाल की मूर्ति – दोस्तों गंधवेंश्वर शिव मंदिर में प्राचीन काल के समय की मूर्ति भी इस मंदिर में दिखाई देती हैं।

महाशिरात्रि एवम सावन पर्व में –दोस्तों यह मंदिर में सावन के माहिने में भक्तों की हजारों की संख्या में कावड़ यात्री इस मंदिर में आते है और इस गंधेश्वर शिवलिंग का जलाभिषेक करते है जिससे यह मंदिर शिवमय हो जाता है ।कावड़ यात्री बोल बम के जयकारों के साथ यह मंदिर परिसर गूंज उठता है और महाशिरात्रि में मेला का आयोजन भी होता है।

हमने यूट्यूब में गंधवेंश्वर शिव मंदिर का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे
Youtube channel – hitesh kumar hk

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Gandhavneshwar Shiva temple in Mahasamund district of Chhattisgarh, if you liked this information, then do share it.

Gandheshwar Shiva Temple, Sirpur

Address – Friends, this Gandheshwar Shiva temple is situated on the south bank of Mahanadi in a village named Sirpur in Mahasamund district of Chhattisgarh.

Distance – Friends Gandheshwar Shiva Temple is situated at a distance of 34 kms from Mahasamund.

Entrance – Friends, in the entrance of the Gandheshwar Shiva temple, Mata Parvati, Lord Shiva, Ganesha and Nandi Dev are seen.

Garbh Griha – Friends, Shivling is installed inside the sanctum sanctorum of the temple. Which fulfills the wishes asked by the devotees.

Fragrance of Tulsi – Friends, the smell of Tulsi leaves comes from the same Shivling which is inside the temple.

Archaeological importance – Friends, this temple is very important from the religious and archaeological point of view.

Beautiful carvings – Friends, beautiful carvings have been done all around the walls of Gandheshwar Shiva temple, which makes this temple even more beautiful.

Statue of Lord Jagannath – Friends, there is a temple on the way ahead of Gandheshwar Shiva temple, in that temple the idol of Lord Jagannath is installed in 3 caves.

The construction of the temple – Friends, the construction of the Gandheshwar Shiva temple is believed to have taken place in the 7-8th century AD.

The three parts of the temple – Friends Gandheshwar Shiva temple is based on 16 pillars, there is a mandapa, antar and a sanctum.

External appearance of the temple – Friends, the external form of Gandheshwar Shiva temple is believed to be of Maratha period. There are many idols in the outer walls of this temple.

Fulfillment of wishes – Friends, Shivling is installed in the sanctum sanctorum of Gandheshwar Shiva temple, for whose darshan devotees come from far and wide to this temple and pray to Bhole Baba for the fulfillment of their wishes.

Chandi Mata – Friends, there is a temple of Chandi Mata near the Gandeshwar temple, in which the mother is seated in a lion.

Inscriptions – Friends, 3 inscriptions of Gandheshwar Shiva Temple Mahashivgupta Panduvanshi ruler are described.

Department of Archeology – Friends, Gandheshwar Shiva Temple is under the supervision of the Department of Archeology.

Ancient Shivling – Friends, this Shivling is said to be about 2 thousand years old.

Idol of ancient times – Friends, the idol of ancient times is also visible in this temple in Gandheshwar Shiva temple.

In the festival of Mahashiratri and Sawan – Friends, in the month of Sawan in this temple, thousands of devotees come to this temple and perform Jalabhishek of this Gandeshwar Shivling, due to which this temple becomes Shivamay. Along with this, the temple complex resonates and a fair is also organized in Mahashiratri.

We have made a video of Gandhavneshwar Shiv Mandir in YouTube, watch it and subscribe to the channel

Youtube channel – hitesh kumar hk

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Jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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