कर्णेश्वर महादेव मंदिर, सिहावा l Karneshwar shiv Mandir dhamtari

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले कर्णेश्वर महादेव मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं ।ये जानकारी अच्छा लगा है तो इसे शेयर जरूर करे

कर्णेश्वर महादेव मंदिर, सिहावा (जिला धमतरी)

पता – दोस्तों यह स्मारक रायपुर से लगभग 140 कि. मी. की दूरी पर स्थित है।

पांच प्राचीन मंदिर – दोस्तों इस मंदिर में कर्णेश्वर मंदिर सहित कुल पांच प्राचीन मंदिर हैं। ये मंदिर महानदी के पश्चिमी तट पर अवस्थित है।

मंदिर का निर्माण काल – दोस्तों कर्णेश्वर मंदिर कांकेर के सोमवंशी राजा कर्णराज या कर्णदेव द्वारा बनवाया गया था। इसी कारण से यह मंदिर कर्णेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हो गया। इस मंदिर का निर्माण 12वीं शती ईस्वी में हुआ था। पुरातत्वीय दृष्टि से यह स्मारक स्थल अधिक महत्वपूर्ण है। यहां पर मंदिर के निकट जलकुण्ड (जिसमें नीचे से जल की धार निकलती रहती है) ऐसी मान्यता है कि इसमें स्नान करने से रोग निर्मूल हो जाता है। ज्ञातव्य है कि श्रृंगकूट (सिहावा की चोटी) चित्रोत्पला (महानदी) का उद्गम स्थल है, जहाँ पर श्रृंगी ऋषि का आश्रम था।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Karneshwar Mahadev temple in Dhamtari district of Chhattisgarh. If you liked this information, then definitely share it.

Karneshwar Mahadev Temple, Sihawa (Dist. Dhamtari)

Address – Friends, this monument is about 140 km from Raipur. m. Is situated at this distance.

Five Ancient Temples – Friends, there are a total of five ancient temples in this temple including the Karneshwar temple. This temple is situated on the west bank of Mahanadi.

Construction of the temple period – Friends Karneshwar temple was built by the Somvanshi king Karnaraj or Karnadev of Kanker. For this reason this temple became famous as Karneshwar Temple. This temple was built in the 12th century AD. This monument site is more important from the archaeological point of view. Here, near the temple, the water tank (in which the stream of water keeps coming out from below) is believed to cure diseases by taking a bath in it.It is known that Shringkoot (peak of Sihava) is the origin of Chitrotpala (Mahanadi), where Shringi Rishi had his ashram.

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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