गौ हत्या के पाप से मुक्ति, चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद(छ.ग)

                    चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद
   गौ हत्या के पाप से  मुक्ति,  चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद(छ.ग)

दुरी- यह दुर्ग से लगभग 20किलोमीटर की दुरी पर अहिवारा के पास स्थित है यह चतुर्भुजी विष्णु मंदिर।

गर्भ गृह में स्थित-
 गर्भ गृह में स्थित में भगवान विष्णु जी की प्रतिमा ।
प्राचीन है यह विष्णु मंदिर- बानबरद के चतुर्भुजी विष्णु मंदिर प्राचीन विख्यात मंदिर है।
   गौ हत्या के पाप से  मुक्ति,  चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद(छ.ग)
आश्चर्य जनक है यह मंदिर- यहाँ पर चतुर्भुजी श्री विष्णु जी का मंदिर है कहा जाता है की मंदिर का निर्माण छह माह का दिन और छह माह का रात में बना है।
   गौ हत्या के पाप से  मुक्ति,  चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद(छ.ग)
गौ हत्या के पाप से  मुक्ति-  बानबरद के चतुर्भुजी विष्णु मंदिर के कुण्ड में स्नान करने से गौ हत्या के पाप से मुक्ति मिल जाती है।
   गौ हत्या के पाप से  मुक्ति,  चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद(छ.ग)
गांव का नाम  बानबरद ऐसे पड़ा-  इस गांव का नाम प्रचलित कथा के आधार पर यह कहा जाता है की यहाँ बाणासुर नाम का राजा राज्य करता था ।जिसके आधार पर इस गांव का नाम बानबरद पड़ा है।
द्वापर युग का- बानबरद में स्थित है का द्वापर युग का हनुमान और द्वापर युग का शिवलिंग  स्थापित है।
दुर्गा की प्रतिमा- सन् 2018 में  नवरात्रि के अष्ठमी के दिन स्थापित किया गया है माँ दुर्गा की प्रतिमा।

16वी तथा 17वी सदी पुराना –
पुरातत्व विभाग के खोज बीन से यह पता चला है की मंदिर 16वी तथा 17वी सदी ईस्वी से निर्मित माना है।
स्मरणीय तथ्य यह हैं की- बानबरद गांव से ही गुप्त सम्राटो के कुल नौ स्वर्ण सिक्के मिले है। जिनमे एक सिक्का गुप्त का सात सिक्के स्कन्दगुप्त के एवं सिक्का काव्य गुप्त का है।
भव्य मेला – माघ महीने के पूर्णिमा के दिन प्रतिवर्ष बानबरद में विशाल मेला का आयोजन होता है।जिसमें भारी संख्या में भीड़  दिखाई देती है।
चतुर्भुजी मन्दिर का इतिहास- चतुर्भुजी मंदिर का निर्माण बाणासुर राजा ने छमसी  रात  में इस मंदिर का निर्माण कराया था। जब बाणासुर राजा विश्राम कर रहे थे उस समय भगवान  जमीन  से  निकल कर और राजा को स्वपन दिया की  यहाँ  पर इस मंदिर का निर्माण  करने को कहा।

सबसे पहले गौ  हत्या –  गौ  हत्या  सबसे पहले गाय को ही लगी थी बताते है की गाय के दो बच्चे खेलते- खेलते छोटे बच्चे नीचे गिर जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है।तथा गाय का शरीर नीला पड़ जाता है। उस समय  मनुष्य गाय की भाषा को जान सकता था। उस समय पूछा कीे गौ  हत्या के पाप से मुक्ति कैसे पाया जाय तो बताया की यहां एक कुण्ड है कुंड में स्नान करने से पाप से मुक्ति मिल जाती है।
मनुष्य को गौ  हत्या के पाप से मुक्ति पाने के उपाय-  सबसे पहले नाई  से मुंडन करना पड़ता है तथा उस जमीन के मिट्टी को सर में तिलक लगाकर ,कुण्ड में स्नान करके ,भगवान के चरण कमल  में जल अर्पित करके,पूजा पाठ करने के बाद ही गौ  हत्या के पाप से मुक्ति मिल सकती है।
       
          चतुर्भुजी विष्णु जीआपकी मनोकामना पूर्ण करे  हमने यूट्यूब में चतुर्भुजी विष्णु मंदिर का  वीडियो बनाया है ।इसे जरूर देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दे ।  Hitesh kumar hk

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