बाबा जी का समाधि स्थल, बाबा रुक्कड़नाथ धाम, नारधा(छ.ग)

                    बाबा रुक्कड़नाथ धाम , नारधा
प्रवेश द्वार-  बाबा रुक्कड़नाथ मंदिर के प्रवेश द्वार में आपको शिव शंकर की प्रतिमा दिखाई देगा।
 बाबा जी का समाधि स्थल, बाबा रुक्कड़नाथ धाम, नारधा(छ.ग)
समाधी स्थल-   बाबा रुक्कड़नाथ इस मंदिर में जीवित समाधि लिये है।
 बाबा जी का समाधि स्थल, बाबा रुक्कड़नाथ धाम, नारधा(छ.ग)
गोबर से बना है हनुमान जी- नारधा में है हनुमान जी की मूर्ति  जो गोबर से बनी हुई है।
 बाबा जी का समाधि स्थल, बाबा रुक्कड़नाथ धाम, नारधा(छ.ग)
प्राचीन है पीपल का पेड़ – बाबा रुक्कड़नाथ मंदिर में है प्राचीन है पीपल का पेड़ जो आज भी है।
प्राचीन है बावली-  नारधा के रुक्कड़नाथ मंदिर में है प्राचीन बावली जो आज भी है।

 बाबा जी का समाधि स्थल, बाबा रुक्कड़नाथ धाम, नारधा(छ.ग)

अखंड ज्योति कलश-  बाबा रुक्कड़नाथ मंदिर में  अखंड ज्योति कलश है जो 16 जनवरी 2005 से जल रहा है

नवग्रह-  रुक्कड़नाथ मंदिर में शनि देव के नवग्रह की प्रतिमा दिखाई देगी।
दो भैरव की समाधि स्थल-  बाबा रुक्कड़नाथ के दो भैरव(कुत्ते) की समाधि स्थल बना हुआ है।
महाशिवरात्रि के पर्व पर-  नारधा के रुक्कड़नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भक्तो की भीड़ उमड़ पड़ती है।और यहाँ मेले का आयोजन भी होता है।
साधना स्थल-  बाबा रुकड़नाथ पीपल के पेड़ के नीचे साधना करते थे।
रुक्कड़नाथ मंदिर का एतिहास-  रुक्कड़नाथ बाबा जो समाधि लिए है वह स्थल यही है , मंदिर में एक सीढ़ी है जो 15 से 16 फिट नीचे गई है जमीन के नीचे  बाबा रुक्कड़नाथ उत्तर दिशा की मुख करके बैठे हैं और मंदिर को ऊपर से ढ़क दिया गया मंदिर का निर्माण किया गया। और मंदिर के गर्भ गृह के समाधि के ऊपर में ही पुरे शिव परिवार को स्थापित गया है।
बताते है की  एक बार खैरागढ़  के राजा ग्राम नारधा के मंदिर  में पधारे थे बाबा रुकड़नाथ ने  उनके खातिर दारी के लिये पकवान बनवाया  तो चेलो ने कहा की घी  की कमी है तो स्वामी जी ने  बावली के पानी को कडाही में डाला तो वह घी में परिवर्तित हो गया।
          बाबा रुक्कड़नाथ आपकी मनोकामना पूर्ण करे
   हमने यूट्यूब में  बाबा रुक्कड़नाथ का  वीडियो बनाया है ।इसे जरूर देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दे ।  
यह पोस्ट आपको अच्छा लगा है तो हमें कमेंट बॉक्स में नीचे कमेंट कर सकते हैं 
    !!  धन्यवाद !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

सोलह स्तम्भ पर आधारित शिव मंदिर सहसपुर (बेमेतरा)सोलह स्तम्भ पर आधारित शिव मंदिर सहसपुर (बेमेतरा)

                  शिव मंदिर , सहसपुर (जिला बेमेतरा) पता – ग्राम सहसपुर में यह बजरंग बली मंदिर के निकट ही स्थित है। शिव मंदिर।पूर्वाभिमुख

बत्तीस खम्भों वाला बत्तीसा मंदिर, बारसुर(छ. ग) Battisa mandir barsur chhattisgarhबत्तीस खम्भों वाला बत्तीसा मंदिर, बारसुर(छ. ग) Battisa mandir barsur chhattisgarh

  ( नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे ) हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको बारसूर के बत्तीसा मंदिर के बारे

सोलह खंभो पर आधारित है यह ओंकारेश्वर शिव मंदिर,पलारी, बालोद, (छ.ग)सोलह खंभो पर आधारित है यह ओंकारेश्वर शिव मंदिर,पलारी, बालोद, (छ.ग)

                        ओंकारेश्वर शिव मंदिर,पलारी स्थान –छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरूर तहसील के अन्तर्गत ग्राम पालरी में स्थित है ओंकारेश्वर

सिद्धि माता का दूसरा मंदिर, बेमेतरा। Siddhi mandir bemetara Chattisgarhसिद्धि माता का दूसरा मंदिर, बेमेतरा। Siddhi mandir bemetara Chattisgarh

(नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे ) हेलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको सिद्धि माता के दूसरे मंदिर के बारे में

दो- दो शिव मंदिर उत्खनन से अनवृत हुए हैं।बौद्ध चैत्य गृह, भोंगापाल(जिला- कोंडागांव)दो- दो शिव मंदिर उत्खनन से अनवृत हुए हैं।बौद्ध चैत्य गृह, भोंगापाल(जिला- कोंडागांव)

             बौद्ध चैत्य गृह, भोंगापाल(जिला- कोंडागांव) स्थान –कोंडागांव से लगभग 70 किलोमीटर दूर(व्हाया नारायणपुर) भोंगापाल नामक गांव के पास 2 किलोमीटर की दूरी पर घने

मनोकामना को पुरी करती है मां सिद्धि, siddhi mata mandir bemetaraमनोकामना को पुरी करती है मां सिद्धि, siddhi mata mandir bemetara

 सिध्दि माता मंदिर संडी,बेमेतरा                                 स्थान  –  यह बेमेेतरा जिले के संडी नामक गांव में स्थित है

साल में 3 बार रंग बदलने वाला अद्भुत शिवलिंग,छत्तीसगढ़ का सोमनाथ Somnath temple raipur chattisgarhसाल में 3 बार रंग बदलने वाला अद्भुत शिवलिंग,छत्तीसगढ़ का सोमनाथ Somnath temple raipur chattisgarh

( नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे ) हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट मैं आपको सिमगा के सोमनाथ मंदिर के बारे जानकारी देने

सांप के बिल से निकला हुआ है यह शिवकोकड़ी का प्रसिद्ध शिव मंदिर. shiv kokdi temple deurkona chhattisgarhसांप के बिल से निकला हुआ है यह शिवकोकड़ी का प्रसिद्ध शिव मंदिर. shiv kokdi temple deurkona chhattisgarh

  शिव कोकड़ी मंदिर देऊरकोना शिव मंदिर शिवकोकड़ी पता – यह दुर्ग से लगभग 35 से 40किलोमीटर की दूरी में आमनेर नदी के किनारे स्थित है यह देऊरकोना का प्रसिद्ध

14 वर्ष की उम्र से तपस्या में लीन है बाबा सत्यनारायण, कोसमनारा, रायगढ़(छ.ग)14 वर्ष की उम्र से तपस्या में लीन है बाबा सत्यनारायण, कोसमनारा, रायगढ़(छ.ग)

   महादेव के देवदूत बाबा सत्यनारायण कोसमनारा, रायगढ़ पता –कोसमनारा से 19 किलोमीटर दूर देवरी, डूमरपाली में एक स्थान बैठ हुआ है सत्यनारायण बाबा। हठयोगी – बाबा जी भीषण गर्मी

महानदी के तट पर स्थित माँ चंद्रहासिनी देवी का मंदिर(छ. ग)महानदी के तट पर स्थित माँ चंद्रहासिनी देवी का मंदिर(छ. ग)

                    चंद्रहासिनी देवी चंद्रपुर पता- यह छत्तीसगढ़ के जांजगीर चाँपा से लगभग 120 किलोमीटर तथा रायगढ़ से लगभग 32 किलोमीटर की दुरी