डोंगरगढ़ की पहाड़ी पर विराजमान है माँ बम्लेश्वरी, डोंगरगढ़(छ.ग) Maa bamleshwari temple in dogargarh l Bamleshwari temple dogargarh l

          नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के राजनादगांव जिले के प्रसिद्ध मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे।

                              माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़
पता – यह  दोस्तों छत्तीसगढ़ के राजनादगांव जिले के डोगरगढ़ में स्थित है माँ बम्लेश्वरी का दिव्य एवम् भव्य मंदिर ।
 
प्रवेश द्वार –  दोस्तों डोगरगढ़ में पहुंचने पर एक सुंदर प्रवेश द्वार आपका स्वागत करता है।
 
गर्भगृह-  दोस्तों मंदिर के गर्भगृह के अंदर विराजमान हैं मां बम्लेश्वरी की सुंदर प्रतिमा है। जिसके दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है।
 डोंगरगढ़  की पहाड़ी पर  विराजमान है  माँ बम्लेश्वरी, डोंगरगढ़(छ.ग) Maa-bamleshwari-temple-in-dogargarh
डोंगरगढ़ का पुराना नाम –  दोस्तों पहाड़ो व जंगलो में बसे होने के कारण इस जगह को डोंगरी कहा जाता था । अब इस डोंगरी को डोगरगढ़ के नाम से जाना जाता है।छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन का केंद्र है डोंगरगढ़ ।
 
 
उँची चोटी में विराजमान-  दोस्तों डोंगरगढ़ की ऊँची चोटी और जंगलो व पहाड़ों के बीच में बसा है माँ बम्लेश्वरी का मंदिर
 डोंगरगढ़  की पहाड़ी पर  विराजमान है  माँ बम्लेश्वरी, डोंगरगढ़(छ.ग) Maa-bamleshwari-temple-in-dogargarh
माँ बम्लेश्वरी की बहन-  दोस्तों मां बम्लेश्वरी की बहन को छोटी बमलाई के नाम से जाना जाता है। और इस माता का मंदिर और भी खूबसूरत है।
 
कुल सीढ़ियां  –दोस्तो डोगरगढ़ के माँ बम्लेश्वरी के मंदिर  में  जाने के लिए  कुल 1100 सीढ़िया है।
 
मंदिर का निर्माण- बम्लेश्वरी मंदिर का निर्माण कराने का श्रेय राजा वीरसेन को जाता है। मंदिर पहाड़ी के शिखर पर गोलाकार रूप में सफेद संगमरमर से निर्मित है जिसका दरवाजा चांदी से बना है।
 
स्वर्ण से निर्मित सिंहासन – मां बम्लेश्वरी का सिंहासन स्वर्ण से निर्मित कमल के आकार का है।
 
छत्तीसगढ़ी भाषा मे – मां बम्लेश्वरी को भक्तजन बम्लाई दाई के नाम से पुकारते हैं।
 
रोपवे की व्यवस्था- यात्रियों के सुविधा के लिए रोपने की व्यवस्था की गयी है जिससे वृद्ध व्यक्तियों को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन करने में परेशानी न हो।
 
नवरात्रि पर्व पर- माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए नवरात्रि में भक्तो की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है।
 
दो मंदिर – डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी का दो मंदिर है एक मंदिर पहाड़ के नीचे विराजमान है तो दूसरा मंदिर पहाड़ो के ऊपर विराजमान है।माँ बम्लेश्वरी का मंदिर 1600 फिट की ऊंचाई पर बसा है।
 
ट्रेन की व्यवस्था – ट्रेन से आप कम समय में डोंगरगढ़ पंहुचा सकते है।माँ बम्लेश्वरी के दर्शन कर सकते है।
 
      माँ बम्लेश्वरी माता आपकी मनोकामना को पूर्ण करे
   ।। जय माता दी।।
 
हमने यूट्यूब में माँ बम्लेश्वरी माता का वीडियो बनाया है ।इसे जरूर देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दे ।  
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Youtube channel – dk 808

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about the famous temple of Rajnadgaon district of Chhattisgarh, if you like this information then do comment and share.

Maa Bamleshwari Temple Dongargarh

Address – Friends, this divine and grand temple of Maa Bamleshwari is located in Dogargarh of Rajnadgaon district of Chhattisgarh.

Entrance Gate – Friends, on arrival at Dogargarh, a beautiful entrance welcomes you.

Garbhagriha – Friends are sitting inside the sanctum sanctorum of the temple, there is a beautiful statue of Maa Bamleshwari. The mere darshan of which fulfills the wishes of the devotees.

Old name of Dongargarh – Friends, this place was called Dongri due to being settled in the mountains and forests. Now this dongri is known as Dogargarh. Dongargarh is the center of religious tourism in Chhattisgarh.

Situated in a high peak – Friends, the high peak of Dongargarh and the temple of Maa Bamleshwari is situated between the forests and the mountains.

Sister of Maa Bamleshwari – Friends, sister of Maa Bamleshwari is known as Choti Bamlai. And the temple of this mother is even more beautiful.

Total stairs – Friends, there is a total of 1100 steps to go to the temple of Maa Bamleshwari of Dogargarh.

Construction of the temple- The credit for the construction of the Bamleshwari temple goes to King Veerasen. The temple is built on the top of the hill in a circular form of white marble, whose door is made of silver.

Throne made of gold – The throne of Maa Bamleshwari is in the shape of a lotus made of gold.

In Chhattisgarhi language – Maa Bamleshwari is called by the devotees by the name of Bamlai Dai.

Arrangement of Ropeway – For the convenience of the passengers, arrangements have been made to rope in so that old people do not face any problem in visiting Maa Bamleshwari.

On Navratri festival- Huge crowds of devotees throng during Navratri to have darshan of Maa Bamleshwari.

Two Temples – There are two temples of Maa Bamleshwari in Dongargarh, one temple is situated under the mountain and the other temple is situated on top of the hills. The temple of Maa Bamleshwari is situated at an altitude of 1600 feet.

Train Arrangement – By train you can reach Dongargarh in less time. You can visit Maa Bamleshwari.

May Maa Bamleshwari Mata fulfill your wish

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We have made a video of Maa Bamleshwari Mata in YouTube. Must watch it and subscribe to the channel.

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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