स्वयं- भू शिवलिंग शिवधाम कोड़िया shiv mandir kodia

 

   ( नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे )
 
हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको कोडिया के शिव मंदिर के बारे जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट जरूर करे।  
  
भुई फोड़ शिवलिंग शिवधाम कोड़िया
दुरी-  यह दुर्ग से 22 किलोमीटर की दूरी पर दुर्ग से धमधा मार्ग पर शिवधाम कोड़िया स्थित  है।
 
 
        
प्रवेश द्वार – गेट के सामने में आपको ऊपर में शिवजी की प्रतिमा दिखाई देगा। और उसके नीचे में अन्य देवी – देवताओं के छोटे-छोटे मूर्ति बनाया गया है।

स्वयं- भू शिवलिंग-शिवधाम कोड़िया में स्थित है स्वयं-भू शिवलिंग जो दिव्य एवं भव्य है।स्वयं भू भोले बाबा सभी भक्तो की मनोकामना को पुरा करता है।

बिना चांदी की परत –पहले शिवलिंग में चाँदी की परत नहीं लगी थी।
 
 
मंदिर में और अन्य मूर्ति- शिवधाम कोड़िया में आपको गणेश, हनुमान, रामसीता, शंकर पार्वती,राधा कृष्ण,सरस्वती, जगन्नाथ, की मूर्ति देखने को मिलेगी।
स्वयं- भू शिवलिंग शिवधाम कोड़िया shiv mandir kodia
 
मंदिर की दीवारो में आकर्षक चित्रकला- शिवधाम कोड़िया के मंदिर की दीवारो पर शंकर जी की आकर्षक चित्रकला दिखाई देगी।
 
 
सावन पर्व – इस शिव मंदिर सावन पर्व में कावड़ यात्री अपने कावर में जल भरकर लाते है और इस कोडिया के शिव मंदिर के शिवलिंग पर जल अर्पण करते है। कावड़ यात्री बोल बम के जयकारे से यह मंदिर परिसर कुंज उठता है।
 
 
महाशिवरात्रि के विशेष पर्व पर- मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव पर  स्वयं- भू  भोले बाबा के दर्शन के लिए भक्तो की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है और मेले का भी आयोजन किया जाता है। 
 
शिवलिंग की उत्पत्ति की कहानी- यही कोई 200 साल पहले मालगुजारी शासन काल की बात है गांव में पीने के पानी की बड़ी समस्या थी दाऊ रूपसिंह वर्मा ने गांव में कुआँ खोदने का आदेश दिया जिस जगह में लोग कचरा फेकते थे। वहां कुआँ खोदा गया।कुछ गहराई पर नारियल के आकार का भूरा रंग का पत्थर  दिखाई दिया।उसे निकालने का बहुत प्रयास किया गया लेकिन वह विफल हो गया।कुछ जानकारों ने इसे देव प्रतिमा बताया गया। धीरे -धीरे यह पत्थर बढ़ता गया और अब यह पत्थर भुई फोड़शिवलिंग के नाम से जाना जाता है।अब यह शिवलिंग एक विशाल रूप ले लिया है।
छत्तीसगढ में एक कहावत है कि घुरवा के दिन घलो बहुराथे !यह कहावत शिवधाम कोड़िया में चरितार्थ है।
 
जिस जगह में लोग अपने घरों  कचरा का  कचरा  फेकते थे। आज वहा पर भगवान शिव का भव्य मंदिर बन चुका है।
यह हैं शिवधाम कोड़िया के भूई फोड़ शिवलिंग की महिमा।
 
भगवान शिव आपकी मनोकामना पूर्ण करे
  ।। ओम नमः शिवाय ।।
 
हमने यूट्यूब में भुई फोड़ शिवलिंग का वीडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दे
 
1000 हजार कावड़ यात्री चले शिवधाम कोडिया शिवलिंग पर जल चढ़ाने

महाशिवरात्रि पर्व पर शिवधाम कोड़िया में लगा मेला

यह पोस्ट आप को अच्छा लगे या इसके बारे में अधिक जानकारी है तो नीचे कॉमेंट करके जरूर बताए।

जय जोहार जय छत्तीसगढ़़

Hello friends my name is Hitesh Kumar In this post, I am going to give you information about the Shiva temple of Kodia. If you like this information, then please comment.

Bhui phod Shivling Shivdham Kodia

Duri- it is located at Shivdham Kodia on Durg to Dhamdha road, 22 kilometers from Durg.

Entrance gate – In front of the gate you will see a statue of Shivji in the top. And below it, small idols of other deities have been made.

Silver layer – Previously, there was no silver layer in the Shivling. So this Shivling looked something like this.

In the temple and other idols – Shivdham Kodia, you will see the idols of Ganesha, Hanman, Ramsita, Shankar Parvati, Radha Krishna, Saraswati, Jagannath.

Attractive painting in the walls of the temple- An attractive painting of Shankar Ji will be seen on the walls of the temple of Shivdham Kodia.

Sawan Parv – In this Shiva temple Sawan festival, Kavad pilgrims bring water in their Kavar and offer water on the Shivling of Shiva temple of Kodia. This temple complex arises from the cheering of the Kavad Yatri Bol Bomb.

On the special festival of Maha Shivaratri – Mahashivaratri festival in the temple, huge crowds of devotees throng to see Bho Bhole Baba and a fair is also organized.

The story of the origin of Shivling- This is the case of Malgujari rule 200 years ago, there was a big problem of drinking water in the village. The well was dug there. At some depth a brown colored stone shaped like coconut appeared. A lot of effort was made to remove it but it failed. Some experts called it a god statue. Gradually this stone grew and now this stone is known as Bhui Phodshivalinga.Now this Shivling has taken a huge form.

There is a saying in Chhattisgarh that dissolve on the day of Ghurwa!

The place where people used to throw garbage from their homes. Today a grand temple of Lord Shiva has been built there.

May lord shiva fulfill your wish

We have made a video of Bhui Phod Shivling in YouTube which you can watch and subscribe to the channel.

Youtube Channal – hitesh kumar hk

you like this post or know more about it, then please comment by commenting below. Jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!