गौ हत्या के पाप से मुक्ति चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद l Vishnu mandir banbarad

               

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको चतुर्भुजी विष्णु मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं । ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे।

  चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद
दुरी-यह दुर्ग से लगभग 20किलोमीटर की दुरी पर अहिवारा के पास स्थित है यह चतुर्भुजी विष्णु मंदिर।

गर्भ गृह में स्थित-
 गर्भ गृह में स्थित में भगवान विष्णु जी की प्रतिमा ।

प्राचीन है यह विष्णु मंदिर-बानबरद के चतुर्भुजी विष्णु मंदिर प्राचीन विख्यात मंदिर है।
 
आश्चर्य जनक है यह मंदिर-यहाँ पर चतुर्भुजी श्री विष्णु जी का मंदिर है कहा जाता है की मंदिर का निर्माण छह माह का दिन और छह माह का रात में बना है।
   गौ हत्या के पाप से  मुक्ति,  चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद(छ.ग)
गौ हत्या के पाप से  मुक्ति- बानबरद के चतुर्भुजी विष्णु मंदिर के कुण्ड में स्नान करने से गौ हत्या के पाप से मुक्ति मिल जाती है।
   गौ हत्या के पाप से  मुक्ति,  चतुर्भुजी विष्णु मंदिर, बानबरद(छ.ग)
गांव का नाम  बानबरद ऐसे पड़ा- इस गांव का नाम प्रचलित कथा के आधार पर यह कहा जाता है की यहाँ बाणासुर नाम का राजा राज्य करता था ।जिसके आधार पर इस गांव का नाम बानबरद पड़ा है।
 
द्वापर युग का-बानबरद में स्थित है का द्वापर युग का हनुमान और द्वापर युग का शिवलिंग  स्थापित है।
 
दुर्गा की प्रतिमा- सन् 2018 में  नवरात्रि के अष्ठमी के दिन स्थापित किया गया है माँ दुर्गा की प्रतिमा।

16वी तथा 17वी सदी पुराना –
पुरातत्व विभाग के खोज बीन से यह पता चला है की मंदिर 16वी तथा 17वी सदी ईस्वी से निर्मित माना है।
 
स्मरणीय तथ्य यह हैं की-बानबरद गांव से ही गुप्त सम्राटो के कुल नौ स्वर्ण सिक्के मिले है। जिनमे एक सिक्का गुप्त का सात सिक्के स्कन्दगुप्त के एवं सिक्का काव्य गुप्त का है।
 
भव्य मेला – माघ महीने के पूर्णिमा के दिन प्रतिवर्ष बानबरद में विशाल मेला का आयोजन होता है।जिसमें भारी संख्या में भीड़  दिखाई देती है।
 
चतुर्भुजी मन्दिर का इतिहास-चतुर्भुजी मंदिर का निर्माण बाणासुर राजा ने छमसी  रात  में इस मंदिर का निर्माण कराया था। जब बाणासुर राजा विश्राम कर रहे थे उस समय भगवान  जमीन  से  निकल कर और राजा को स्वपन दिया की  यहाँ  पर इस मंदिर का निर्माण  करने को कहा।

सबसे पहले गौ  हत्या –गौ  हत्या  सबसे पहले गाय को ही लगी थी बताते है की गाय के दो बच्चे खेलते- खेलते छोटे बच्चे नीचे गिर जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है।तथा गाय का शरीर नीला पड़ जाता है। उस समय  मनुष्य गाय की भाषा को जान सकता था। उस समय पूछा कीे गौ  हत्या के पाप से मुक्ति कैसे पाया जाय तो बताया की यहां एक कुण्ड है कुंड में स्नान करने से पाप से मुक्ति मिल जाती है।
 
मनुष्य को गौ  हत्या के पाप से मुक्ति पाने के उपाय- सबसे पहले नाई  से मुंडन करना पड़ता है तथा उस जमीन के मिट्टी को सर में तिलक लगाकर ,कुण्ड में स्नान करके ,भगवान के चरण कमल  में जल अर्पित करके,पूजा पाठ करने के बाद ही गौ हत्या के पाप से मुक्ति मिल सकती है।
 
हमने यूटयूब में बानबरद के विष्णु मंदिर का वीडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे
Youtube channel – hitesh kumar hk

बानबरद के मेले का वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करे

यह पोस्ट आपको अच्छा लगे या इसके बारे में जरूरी जानकारी है तो हमे कमेंट कर जरूर बताएं।

।।जय जोहार जय छत्तीसगढ।।

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about Chaturbhuji Vishnu temple. If you like this information, then do comment and share.

Chaturbhuji Vishnu Temple, Banbarad

Distance – This Chaturbhuji Vishnu temple is located near Ahiwara at a distance of about 20 km from the fort.

Situated in the Garbh Griha – Statue of Lord Vishnu in the Garbh Griha.

This Vishnu temple is ancient – Chaturbhuji Vishnu temple of Banbarad is an ancient famous temple.

It is surprising that this temple – here is the temple of Chaturbhuji Shri Vishnu ji. It is said that the construction of the temple took six months of day and six months of night.

Salvation from the sin of killing cow- Taking a bath in the Kund of Chaturbhuji Vishnu temple in Banbarad, one gets freedom from the sin of killing cow.

The name of the village was named as Banbarad – The name of this village is based on the popular legend that it is said that a king named Banasura used to reign here.

Dwapar Yuga – The Hanuman of Dwapar Yuga and the Shivling of Dwapar Yuga are situated in Banbarad.

Statue of Durga – In the year 2018, the idol of Maa Durga has been installed on the Ashtami day of Navratri.

16th and 17th century old – From the search bean of the Archaeological Department it has been found that the temple is believed to be built from 16th and 17th century AD.

The memorable fact – is that nine gold coins of Gupta emperors have been found from Banbarad village itself. In which one coin of Gupta, seven coins of Skandagupta and coin of Kavya Gupta.

Grand Fair – A huge fair is organized every year in Banbarad on the full moon day of Magh month. In which a large number of crowds are seen.

History of Chaturbhuji Temple – The construction of Chaturbhuji Temple was built by King Banasura in Chhamsi night. When the Banasura king was resting, at that time the Lord came out of the ground and gave a dream to the king that he asked to build this temple here.

First of all, cow slaughter – cow slaughter was first done to the cow itself. It is said that two children of the cow while playing, a small child falls down and dies. And the body of the cow turns blue. At that time man could know the language of the cow. At that time, when asked how to get rid of the sin of killing a cow, he was told that there is a pond here, bathing in the pool gives freedom from sin.

Remedies for a person to get rid of the sin of cow slaughter- First of all, the barber has to be shaved and the soil of that land has to be shaved by applying tilak on the head, after bathing in the pool, by offering water to the lotus feet of the Lord, after reciting the worship Only one can get rid of the sin of cow slaughter.

We have made a video of Vishnu temple of Banbarad in youtube, watch it and subscribe to the channel

Youtube channel – hitesh kumar hk

If you like this post or have important information about it, then definitely tell us by commenting.

Jai johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!