स्वयं भू है माता महामाया की मूर्ति l mahamaya mandir kumhari

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको कुम्हारी के महामाया मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं । ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे।

 
 महामाया मंदिर , कुम्हारी
पता-यह दुर्ग से लगभग 22  किलोमीटर की दुरी पर स्थित है कुम्हारी का प्रसिद्ध माँ महामाया मंदिर।
 
प्रवेश द्वार- माँ महामाया मंदिर  के  प्रवेश द्वार के बाहर  में आपको दो सिंह दिखाई देगा।

           
स्वयं भू है माता महामाया की मूर्ति , कुम्हारी (रायपुर)

मुख्य मंदिर – कुम्हारी के प्रसिद्ध माँ महामाया मंदिर के गर्भगृह में ही विराजमान है  माँ महामाया देवी  देखने से लगता है की माँ महामाया की प्रतिमा  का  स्वरूप ईसान कोण में विराजमान है।

          स्वयं भू है माता महामाया की मूर्ति , कुम्हारी (रायपुर)

मंदिर प्रांगण में अन्य मूर्ति-माँ महामाया मंदिर में दुर्गा, कालभैरव, राधा कृष्ण, शिवलिंग, हनुमान जी, शनिदेव, और रामजानकी का मंदिर है।
 
अखण्ड ज्योति कलश- कुम्हारी के प्रसिद्ध माँ महामाया मंदिर में चैत व कुंवार नवरात्रि में अखण्ड ज्योति कलश का महत्व है।
 
 
नवरात्रि पर्व पर-कुम्हारी के प्रसिद्ध  माँ महामाया मंदिर में नवरात्रि के पंचमी को माँ महामाया देवी  को आभूषणों से सजाया जाता है।जिसे देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु दुर- दूर से आते है।
 
आश्चर्यजनक है कुम्हारी का महामाया मंदिर-माँ महामाया मंदिर में माँ महामाया के पैरों  के नीचे में विराजमान है महादेव की प्रतिमा जिसे कुछ ही लोग ही जानते है।
 
भंडारे का आयोजन – नवरात्रि के उत्सव पर माँ  महामाया मंदिर  में भंडारे का आयोजन किया जाता है। जिसमे भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते है।

जलकी या तालाब-माँ महामाया मंदिर के  प्रांगण से कुछ दूर में है जलकी जिसे तालाब भी कहते है  जिसमे कमल का फूल बारिश के समय में और भी मन को मोह लेती हैं। 

मंदिर का इतिहास – माँ महामाया देवी स्वयंभू है स्वपन के आधार पर  माँ इस जगह में प्रगट हुई पहले इस जगह में  घना जंगल हुआ करता था लोग यहाँ आने से डरते थे।पहले समय इस मंदिर को छोटा सा झोपडी नुमा बनाया गया था धीरे – धीरे माता जी की कृपा से यह मंदिर का विकास हुआ है। माँ महामाया देवी की  प्रतिमा ईसान कोण में है। पुराणों में कहते है की  जो मूर्ति ईसान कोण की तरफ होती है उसे तीर्थ का महत्व  मिलता है।
 
  मां महामाया देवी आपकी मनोकामना को पूरा करे।     
!!  जय माता दी !!

हमने यूट्यूब में माँ महामाया देवी, कुम्हारी का वीडियो बनाया है जिसे देखे और  चैंनल को सब्सक्राइब जरूर कर दे।
Youtube channel – hitesh kumar hk

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।।जय जोहार जय छत्तीसगढ।।

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about Mahamaya temple of kumhari. If you like this information then do comment and share.

Mahamaya Temple kumhari

Address- It is situated at a distance of about 22 kilometers from the fort, the famous Maa Mahamaya Temple of the kumari.

Entrance – Outside the entrance of Maa Mahamaya Temple, you will see two lions.

Main temple – The famous Maa Mahamaya of the potter is seated in the sanctum of the temple itself. Seeing Mother Mahamaya Devi, it seems that the idol of Maa Mahamaya is sitting in the Isan angle.

Other idols in the temple – premises are the shrines of Durga, Kalabhairava, Radha Krishna, Shivling, Hanuman ji, Shanidev, and Ramjanaki in the Maa Mahamaya temple.

Akhand Jyoti Kalash – The importance of Akhand Jyoti Kalash in Chait and Kunwar Navratri in the famous Maa Mahamaya temple of the kumari.

On the festival of Navratri – in the famous Maa Mahamaya temple of Kumhari, on the fifth day of Navratri, Goddess Mahamaya is decorated with ornaments. A large number of devotees come from far and wide to see it.

Amazing is the Kumari Mahamaya temple – in the Maa Mahamaya temple, the statue of Mahadev is seated under the feet of Maa Mahamaya, which only a few people know.

Organizing Bhandara – On the festival of Navratri, a Bhandara is organized in Maa Mahamaya Temple. In which a large number of devotees are present.

Jalki or Talab- Maa Mahamaya is situated some distance away from the temple courtyard, which is also called a pond, in which the lotus flower attracts even more mind in the time of rain.

History of the temple – Mother Mahamaya Devi is self-styled on the basis of dreams. Mother appeared in this place. Earlier this place used to be a dense forest, people were afraid to come here. Earlier this temple was made like a small hut, gradually. Due to the grace of Mother, this temple has developed. The idol of Maa Mahamaya Devi is in Isan angle. It is said in the Puranas that the idol which is towards Isan angle gets the importance of pilgrimage.

May Maa Mahamaya Devi fulfill your wishes.

Jai mata di

We have made a video of Maa Mahamaya Devi, Kumhari in YouTube, which must be seen and subscribed to the channel.

Youtube channel – hitesh kumar hk

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Jai johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा और अन्य रहस्यमय जगह के बारे इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे।

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