सवा लाख छिद्र वाला शिवलिंग ,खरौद l Laxmaneshwar Temple Kharaud chhattisgarh

     
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हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे
 
लक्ष्मणेश्वर मंदिर खरौद

पता- दोस्तों यह राजधानी रायपुर से 120 किलोमीटर की दुरी पर खरौद शहर में स्थित है। लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर।

गर्भ गृह में विराजमान –  लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग हैं । इस शिवलिंग में सवा लाख छिद्रा हैं इस लिए इस शिवलिंग को लक्षलिंग कहा जाता है। माना जाता हैं की इस शिवलिंग का निर्माण लक्ष्मण के द्वारा किया गया था।
            

सवा लाख छिद्र वाला शिवलिंग , खरौद(छ.ग)
दुनिया का अनोखा शिवलिंग – दोस्तों लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में दुनिया का अनोखा शिवलिंग हैं। इस शिवलिंग के लाखो छिद्र में से एक  छिद्र ऐसा भी हैं जो सीधे पाताल तक जाता हैं।

      सवा लाख छिद्र वाला शिवलिंग , खरौद(छ.ग)

छत्तीसगढ़ का काशी-  दोस्तों माना जाता है कि इस स्थान पर मोक्ष की भी प्राप्ति होती है इसलिए इस स्थान को छत्तीसगढ़ का काशी भी कहा जाता है।
            सवा लाख छिद्र वाला शिवलिंग , खरौद(छ.ग)
धार्मिक तीर्थ स्थल- दोस्तों लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर एक पवित्र धार्मिक तीर्थ स्थल है और इस मंदिर को लखेश्वर शिवलिंग के नाम से भी जाना जाता हैं।

सावन तथा शिवरात्रि पर्व पर –  दोस्तों इस मंदिर में सावन मास में श्रावणी पर्व मनाया जाता है इसके साथ ही शिवरात्रि के पावन पर्व में भगवान शिव जी की बारात की झाँकी भी निकाला जाता हैं ।

रामायण काल का मंदिर-  दोस्तों लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर छत्तीसगढ़ में स्थित एक प्राचीन मंदिर है माना जाता हैं की यह मंदिर रामायण कालीन समय का बताया जाता है।

छठवी शताब्दी का मंदिर-     दोस्तों लक्ष्मणेश्वर महादेव का मंदिर छठवी शताब्दी ईस्वी का मंदिर माना जाता हैं।

मंदिर का निर्माण-  दोस्तों लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण बाद में राजा खड्गदेव ने करवाया था।

खरौद नाम कैसे पडा- दोस्तों कहा जाता हैं की रामायण काल में श्री राम ने दो राक्षस खर और दूषण का वध इस जगह पर किया था तभी से इस जगह का नाम खरौद पड़ा।

प्राचीन शिलालेख-  दोस्तों सिरपुर के चंद्रवंशी द्वारा बनाये गये इस मंदिर के विकृत शिलालेख में कुटील लिपि में इंद्रबल तथा उसके पुत्र ईशान देव नामक दो शासको का उल्लेख किया गया हैं।यह शिलालेख खण्डित अवस्था में हैं।इसलिए इसका सम्पूर्ण अनुवाद उपलब्ध नहीं हैं।

आकर्षक हैं मंदिर का स्तम्भ –  दोस्तों मंदिर के स्तम्भ पर अर्धनारीश्वर शिव के दृश्य तथा राम सुगिव मित्रता, बाली का वध, शिव तांडव , राम चरित्र से सम्बंधित दृश्य हैं।

हमने यूट्यूब में लक्ष्मणेश्वर मंदिर का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइबेट जरूर करे

YouTube channel – dk 808 

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           जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Laxmaneshwar Mahadev Temple in Chhattisgarh. If you like this information then do comment and share

Laxmaneshwar Temple Kharaud

Address- Friends, it is located at a distance of 120 km from the capital Raipur in Kharaud city. Laxmaneshwar Mahadev Temple.

Situated in the sanctum sanctorum – There is a Shivling in the sanctum sanctorum of Laxmaneshwar Mahadev temple. There are 1.25 lakh holes in this Shivling, hence this Shivling is called Lakshling. It is believed that this Shivling was built by Lakshmana.

The world’s unique Shivling – Friends, there is a unique Shivling of the world in Laxmaneshwar Mahadev temple. Out of the millions of holes of this Shivling, there is one such hole which goes straight to the underworld.

Kashi of Chhattisgarh – Friends, it is believed that salvation is also attained at this place, hence this place is also called Kashi of Chhattisgarh.

Religious pilgrimage site- Friends Laxmaneshwar Mahadev Temple is a holy religious pilgrimage site and this temple is also known as Lakheshwar Shivling.

On the festival of Sawan and Shivratri – Friends, in this temple, the Shravani festival is celebrated in the month of Sawan, along with this the tableau of Lord Shiva’s procession is also taken out in the holy festival of Shivratri.

Temple of Ramayana period – Friends Laxmaneshwar Mahadev Temple is an ancient temple located in Chhattisgarh, it is believed that this temple is said to be of Ramayana period.

Temple of 6th century – Friends, the temple of Laxmaneshwar Mahadev is considered to be a temple of 6th century AD.

Construction of the temple- Friends Laxmaneshwar Mahadev temple was later built by King Khadgdev.

How did the name Kharaud come to be – Friends, it is said that during the Ramayana period, Shri Ram had killed two demons Khar and Dushan at this place, since then the name of this place was Kharod.

Ancient inscriptions – In the distorted inscription of this temple made by Chandravanshi of friends Sirpur, two rulers named Indrabal and his son Ishan Dev have been mentioned in crooked script. This inscription is in a fragmented state. Therefore, its complete translation is not available.

The pillars of the temple are attractive. Friends, there are scenes of Ardhanarishwar Shiva on the pillar of the temple and scenes related to Ram Sugiv friendship, slaughter of Bali, Shiva Tandava, Ram character.

We have made a video of Laxmaneshwar temple in youtube, watch it and subscribe to the channel

YouTube channel – dk 808 

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Jai johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा और अन्य रहस्यमय जगह के बारे इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे।

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