घने जंगलो के बीच में हैं जतमई माता का मंदिर(छ. ग)

                   जतमई माता गरियाबंद

पता- राजधानी रायपुर से लगभग 80 किलोमीटर की दुरी पर घने जंगलो के बीच में स्थित हैं माँ जतमई का भव्य मंदिर।

प्रवेश द्वार – जतमई माता मंदिर के प्रवेश द्वार में आपको सिंह के मुख के अंदर से प्रवेश करना होता हैं।

गर्भगृह में विराजमान –चट्टानों क़े नीचे छोटे से जगह में विराजमान हैं माँ जतमई ।

घने जंगलो के बीच में हैं जतमई माता का मंदिर(छ. ग)

हनुमान की विशालकाय प्रतिमा- माँ जतमई माता के मंदिर से कुछ दूर पर हैं हनुमान जी की विशालकाय प्रतिमा जिसमे राम और लक्ष्मण को हनुमान जी अपने कन्धे मे बैठायेे हैं।

घने जंगलो के बीच में हैं जतमई माता का मंदिर(छ. ग)

पर्यटक स्थल- माँ जतमई माता का मंदिर पर्यटक स्थल का मुख्य केंद्र हैं।और यह सुंदर पिकनिक स्पॉट भी यहाँ दूर- दूर से लोग हजारो की संख्या में यहाँ आते हैं।

नवरात्रि पर्व पर- माँ जतमई माता के मंदिर में नवरात्र मे भारी संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए आते हैं।

मंदिर परिसर में हैं शेर की गुफा-  माँ जतमई माता के मंदिर प्रांगण से कुछ दूर की ऊँचाई पर हैं शेर की गुफा।

घने जंगलो के बीच में हैं जतमई माता का मंदिर(छ. ग)

मन को मोह लेती हैं यह झरना- माँ जतमई माता के मंदिर प्रांगण में यह झरने कल-कल की मधुर ध्वनि व्यक्तियो के कानो को और भी सुकून और शांत वातावरण का अनुभव कराती हैं।

घने जंगलो के बीच में हैं जतमई माता का मंदिर(छ. ग)

ज्योति कलश- चैत्र और क्वार नवरात्रि में माँ जतमई माता के मंदिर मे ज्योति कलश जलाया जाता हैं।

माता के चरण चिन्ह –  मंदिर प्रांगण में झरना जिस जगह में गिरता हैं उसी जगह मे माँ जतमई माता के चरण चिन्ह दिखाई देती हैं।

हमने यूट्यूब चैंनल में माँ जतमई का वीडियो बनाया हैं जिसे देखे और चैंनल को सब्सक्राइब जरूर कर दे
        Youtube channel –hitesh kumar hk

                            !! धन्यवाद !!

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा और अन्य रहस्यमय जगह के बारे इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे।

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