करेला की पहाड़ी पर विराजमान मां भवानी karela bhawani rajnandgaon

(नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे )

हेलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको करेला भवानी मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं।   

    करेला भवानी मंदिर, करेला राजनादगांव

पता – छत्तीसगढ़ के पावन धार्मिक स्थल डोंगरगढ़ से लगभग 17 किलोमीटर की दूरी पर करेला नामक ग्राम में बसी है मां करेला भवानी का भव्य मंदिर है।

भवानी डोंगरी के नाम – करेला भवानी के मंदिर को भवानी डोंगरी के नाम से जाना जाता है।

गर्भ गृह – मंदिर के गर्भ गृह मां करेला भवानी विराजमान है।

कुल सीढ़ी – मां करेला भवानी मंदिर तक पहुंचने के लिए कुल 1100 सीढ़ी पार करनी पड़ती हैं।तब आप मां करेला भवानी मंदिर तक पहुंच सकते हैं।

करेला की पहाड़ी पर विराजमान मां भवानी मंदिर, करेला राजनादगांव(छ.ग)

प्राकृतिक वातावरण – मां करेला की पहाड़ी पर आपको प्राकृतिक दृश्य और शांत वातावरण का अनुभव होता है।

करेला की पहाड़ी पर विराजमान मां भवानी मंदिर, करेला राजनादगांव(छ.ग)

मनोकामना ज्योति –  मां करेला भवानी मंदिर में चैत्र व कुंवार में भक्तो के द्वारा मनोकामना ज्योति जलाई जाती हैं।और यहां भक्तो की भारी भीड़ माता रानी के दर्शन के लिए उमड़ पड़ती है।

करेला की पहाड़ी पर विराजमान मां भवानी मंदिर, करेला राजनादगांव(छ.ग)

पहाड़ की चोटी पर विराजमान – करेला पहाड़ी की चोटी पर विराजमान हैं मां करेला भवानी।

बन्दबोड़ में बसा है मां बन्छोर देव – करेला से ही लगा हुआ है ग्राम बन्दबोड़, यहां जंगल में स्थापित है बाबा बन्छोर देव।

बन्छोर देव की प्रतिमाएं –  माना जाता है कि बन्छोर देव की प्रतिमाएं पन्द्रहवीं – सोलहवीं ईसा पूर्व की बताई जाती है।

हवनकुण्ड- मां भवानी मंदिर के सामने बनाया गया है हवनकुण्ड। यहां क्वांर एवं चैत्रनवरात्रि पर्व पर ज्योति विर्सजन किया जाता है।

मां के लिए बनाया गया है एक झूला – मंदिर की दक्षिण दिशा में मां के लिए झूला बनाया गया है इसके ठीक पीछे त्रिशूल, बाना, तराजू खंजर और माताजी के नील लगे चरण पादुका रखा गया है।

करेला की पहाड़ी पर विराजमान मां भवानी मंदिर, करेला राजनादगांव(छ.ग)

माता जी आगमन की कहानी – 
कहा जाता है कि लगभग दो व ढाई सौ वर्ष पूर्व उस गांव में एक दाऊ थे वह कुछ ग्रामीणों के साथ बैठे हुए थे। जेठ – बैसाख का माह था। भरे दोपहर में जलजलाती हुई अवस्था में एक कन्या आयी उसके चेहरे पर तेज, उन्नत ललाट, और श्वेत वस्त्र धारण किये हुए थे उस कन्या ने दाऊ जी से अपने विश्राम के लिए जगह मांगी। दाऊ जी ने उससे अपने घर में ही रहने के लिए कहा फिर ग्रामीणअपने बातचीत करने व्यस्त हो गये मगर जैसे ही उनका ध्यान आया कि कोई कन्या आयी थी तथा ठहरने के लिए जगह मांगी थी वह दिखाई नहीं दे रही है वे लोग आश्चर्य चकित हो गए ।

 तब तक वह कन्या जंगल की ओर का चल पड़ी थी। दाऊ जी ने उस कन्या के पीछे दौड़े साथ ही ग्रामीण भी। जब तक वे उस तक पहुंचते तब तक वह कन्या ऊपर पहाड़ी पर पहुंचकर एक नीम पेड़ के छांव के नीचे जा कर बैठी थी । दाऊ ने हाथ जोड़कर कहा कि माता मैंने तो आपको अपने घर में ठहरने को कहा था, आप तो यहां आ गयी। चलिए मेरे निवास में… तब माता ने कहा – मेरे लिए यही जगह उपयुक्त है।

मुझे यही रहना है। मां भवानी की बात सुनकर दाऊ ने ग्रामीणों को वहां एक कुटिया बनाने को कहा। ग्रामीण कुटिया बनाने के लिए लकड़ी की व्यवस्था कर ही रहे थे कि वह कन्या वहीं पर लुप्त हो गयी। तब दाऊ जी ग्रामीणों से कहा कि माता जी का कहा है कि इस जगह पर मन्दिर बनाना हैं। तब दो तीन लोग उस जगह पर नीव खोदते – खोदते उस स्थान पर एक मूर्ति निकली उस मूर्ति के नीचे और खोदाई की गई।फिर उसके दूसरे दिन आके देखा कि वह जगह जितना खोदाई किया गया था वह जगह थोड़ा समतल हो गया था ।वह मूर्ति थोड़ा ही बची थी। तभी दाऊ जी ने माता को प्रणाम करके मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया।

    मां भवानी आपकी मनोकामना को पूर्ण करे

  !!  जय माता दी !!

हमने यूट्यूब में मां करेला भवानी मंदिर का वीडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को जरूर सब्सक्राइब करे।
              Youtube channel – hitesh kumar hk

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!  धन्यवाद !!

 

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post, I am going to give you information about Karela Bhawani temple.

Karela Bhavani Temple, Karela Rajnadgaon

Address: About 17 km from Chhattisgarh’s sacred shrine Dongargarh, there is a grand temple of Maa Karela Bhawani, situated in a village called Karela.

Names of Bhavani Dongri – The temple of Karela Bhavani is known as Bhavani Dongri.

Garbha Griha – The mother house Karela Bhavani is sitting in the sanctum sanctorum of the temple.

Total Stairway – To reach the Maa Karela Bhawani Temple, a total of 1100 ladders have to be crossed. Then you can reach the Maa Karela Bhawani Temple.

Natural environment – On the hill of Maa Karela you get to experience the natural view and the serene environment.

Manokamna Jyoti – In the Karela Bhavani temple, the Manokamna Jyoti is lit by the devotees in Chaitra and Kunwar. And here a huge crowd of devotees flock to the Mother Rani’s darshan.

Mother Karela Bhavani is sitting on the top of the mountain – Karela is sitting on the top of the mountain.

Maa Banchhore Dev is situated in Bandbod – Village Bandodar is attached to the bitter gourd, Baba Banchor Dev is established in the forest here.

Statues of Banchhor Dev – Statues of Banchhor Dev are believed to be dated to the fifteenth – sixteenth BCE.

Havan Kund – Havan Kund is built in front of Maa Bhawani temple. Jyoti immersion is done here on the festival of Quaran and Chaitranavratri.

A cradle has been made for the mother – In the south direction of the temple, a cradle is made for the mother, behind it is placed Trishul, Bana, Scales dagger and Charan Paduka with Neel of Mataji.

Mata ji’s arrival story –is said that about two and two hundred and fifty years ago there was a dau in that village, he was sitting with some villagers. Jeth – It was the month of Baisakh. On a full afternoon, a girl came in a burning state, wearing a sharp, advanced frontal, and white clothes on her face.Dau ji asked him to stay in his house, then the villagers got busy talking to him but as soon as he came to notice that a girl had come and asked for a place to stay, she is not seen, they were surprised.

By then the girl was walking towards the forest. Dau ji ran after that girl as well as the villagers. By the time they reached her, the girl had reached the top of the hill and sat under the shade of a neem tree. Dau folded his hands and said that mother, I had asked you to stay in your house, you have come here. Come to my residence… Then Mata said – This place is suitable for me.

I want to stay this way. Hearing the talk of Maa Bhavani, Dau asked the villagers to build a hut there. The villagers were arranging wood to make the hut so that the girl disappeared there. Then Dau ji told the villagers that Mata ji has said that a temple is to be built at this place. Then two or three people dug the foundation at that place – a sculpture was found at that place and the carving was done under that statue.The idol was little left. Then Dau ji started the construction work of the temple by bowing to the mother.

Mother Bhavani fulfill your wish!

! Hail mother Goddess !!

We have made a video of Maa Karela Bhavani temple in YouTube, watch it and subscribe to the channel.

Youtube channel – hitesh kumar hk

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      Jai Johar Jai Chhattisgarh

 

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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