छत्तीसगढ़ में सिंचाई परियोजना – chattisgarh me sinchai pariyojana

                 छत्तीसगढ़ में सिंचाई परियोजना 

राज्य की कुछ प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं निम्नलिखित हैं।

                     1. हसदो बांगो परियोजना

यह कोरबा जिले हसदो नदी पर बनाया गया है। इस परियोजना से कोरबा, जांजगीर-चांपा तया रायगढ़ जिले सिंचित होते है।
 

                          2. पैरी परियोजना

पह परियोजना गरियाबंद जिले में पैरी नदी पर बनाया गया है। इस परियोजना गरियाबंद जिला लाभान्वित होता है।

                       3. महानदी परियोजना

छत्तीसगढ राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है। यह परियोजना महानदी नदी पर अवस्थित है। इस परियोजना मे धमतरी, रायपुर एवं दुर्ग जिलों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होती है।

                         4. कोडार परियोजना 

यह परियोजना महासमुन्द जिले में कोडार नदी पर स्थित है। इस परियोजना से महासमुन्द जिले को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होती है।

                         5. मनियारी परियोजना  

यह परियोजना मुंगेली जिले के लोरमी तहसील में मनियारी नदी पर बना है। इस परियोजना से मुख्यतः बिलासपुर जिले को सिंचाई सुविधा उपलब्ध है।

                          6. अरप्पा परियोजना  

इसका निर्माण बिलासपुर जिले की कोटा तहसील के भैसा झार गांव के समीप किया गया है।

                         7 . बोधघाट परियोजना    

यह परियोजना बस्तर जिले में इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है।

                         8. खरांद परियोजना  

यह रतनपुर के समीप लूटपाट बांध पर खारंद नदी पर स्थित है।

                         9. घोंघा परियोजना   

यह परियोजना बिलासपुर जिले में घोघा नाले पर स्थित है।

                         10. जोंक परियोजना

यह महानदी की सहायक नदी जोक पर बलोदा बाजार जिले में स्थित है।

                 11.तांदुला कॉम्पलेक्स परियोजना

यह परियोजना बालोद जिले में तांदुला नदी स्थित हैं
सिंचाई के साधन – राज्य में मुख्य रूप से चार प्रकार से कृषि
 क्षेत्रो की सिंचाई होती है।

                                  (a) नहरे

छत्तीसगढ़ में सिंचाई के साधनों में नहरें प्रमुख है। वर्ष 2000-01 में 984162 हेक्टेयर शुद्ध सिंचित क्षेत्र का लगभग 69 प्रतिशत नहरों से किया जागा हैं यहाँ की नहरों में महानदी एवं तेन्दुला नहरें प्रमुख है। इनसे रायपुर. धमतरी, बलैदा बाजार, दुर्ग तथा बालोद तहसीलों में सिंचाई होती है। जशपुर का सामरी- पाट प्रक्षेत्र भी नहरों से सिंचित है।

                                 (b) तालाब

प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ में तालाब सिंचाई का मुख्य साधन था। वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के कुल कृषि क्षेत्र में मात्र 6 प्रतिशत भाग में तालाब के माध्यम से सिंचाई होती है। छत्तीसगढ़ में तालाबों की संख्या अधिक है। प्राय: प्रत्येक गांव में तालाब पाए जाते हैं। अनेक गांवो में एक से अधिक तालाब भी देखने को मिलते हैं।
                               

                                  (c) कुऑ

छत्तीसगढ़ के कुल कृषि क्षेत्र के लगभग 4 प्रतिशत हिस्से में कुओ माध्यम से सिंचाई की जाती है। कुओं से पानी खींचने के लिए वर्तमान में विधुत चालित यंत्र तथा डीजल पम्पों का प्रयोग हो रहा है। राज्य में सब्जियों की बढ़ती मांग के कारण सिंचाई हेतु कुओं के उपयोग में तेजी आयी है।

                                  (d) नलकूप

छत्तीसगढ़ के कुल कृषि क्षेत्र के लगभग 21 प्रतिशत हिस्से में नलकूप एवं अन्य साधनों के द्वारा सिंचाई होती है।
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Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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