सांप के बिल से निकला हुआ है शिवलिंग l shiv kokdi temple deurkona chhattisgarh

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के शिव कोकड़ी के शिव मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

  शिव कोकड़ी मंदिर देऊरकोना
सांप के बिल से निकला हुआ है यह शिवकोकड़ी का प्रसिद्ध शिव मंदिर. shiv kokdi temple deurkona chhattisgarh
शिव मंदिर शिवकोकड़ी
पता –  दोस्तों यह दुर्ग से लगभग 35 से 40किलोमीटर की दूरी में आमनेर नदी के किनारे स्थित है यह देऊरकोना का प्रसिद्ध शिवकोकड़ी का शिव मंदिर।
 
 
गर्भगृह –  दोस्तों मंदिर के गर्भगृह में विराजमान में स्वयं भू – शिवलिंग। और इस शिवलिंग का आकार पहले बड़ता था ।
सांप के बिल से निकला हुआ है यह शिवकोकड़ी का प्रसिद्ध शिव मंदिर. shiv kokdi temple deurkona chhattisgarh
 शिवकोकड़ी शिवलिंग देऊरकोना
सुंदर नक्काशी – दोस्तों इस मंदिर के चार दरवाजे है और इस मंदिर को सफेद संगमरमर पत्थर से तराशा गया है और इनकी दीवारों पर सुंदर नक्काशी की गई है जिसे दूर से देखने पर इस मंदिर की सुंदरता मन को मोह लेती है।
 
 
शिवलिंग की ऊंचाई –  दोस्तों कहा जाता है कि जमीन के अंदर से शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 15फीट है ।
 
 
मेला का आयोजन –   दोस्तों दुर्ग जिले के सबसे प्रसिद्ध शिवकोकोड़ी का मंदिर है जो शिवरात्रि के समय में विशाल मेले का आयोजन होता है जिसमे दूर दूर से लोग इस मेले को देखने के लिए आते हैं।
 
 
सावन पर्व में – दोस्तों सावन के प्रथम सोमवार को भक्त इस शिवकोकड़ी गांव में पहुंचते है और शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं।
 
 
अन्य मंदिर –  दोस्तों इस मंदिर के आस पास और अन्य छोटे- छोटे मंदिर बनाए गए है जिसमे प्रमुख रूप से श्री कृष्ण मंदिर और राम जानकी का मंदिर बना हुआ है।
 
 
इस गांव का नाम शिवकोकड़ी कैसे पड़ा – दोस्तों इस गांव को पहले देऊरकोना के नाम से जाना जाता था। लेकिन इस गांव में शिवलिंग कि उत्त्पति होने के कारण इस जगह का नाम शिवकोकड़ी पड़ा है।
 
 
मंदिर का इतिहास –  दोस्तों इस शिवलिंग का इतिहास हजार साल पुराना है यहां के पुजारी बताते है की इस जगह में पहले गोठान हुआ करता था जहां लोग अपना गाय चराया करते थे। एक दिन ऊन चरवाहों को  उस स्थान में सांप का बिल दिखाई दिया जब वे उस स्थान में गए तो साप के बिल में काले रंग का पत्थर दिखाई दिया लोग सांप के बिल में पत्थर देख हैरान हो गए उन्हें निकालने का कोशिश करने लगे लेकिन वे विफल हो गए, रात में इन्हे स्वप्न दिया कि मैं यहां शिवलिंग के रूप में विराजमान हो रहा हूं मेरे लिए एक मंदिर बनवा दिया जाए।लोगो से फिर इन्होंने चर्चा किया और एक छोटा सा मंदिर बनवा दिया।
 
इस शिवलिंग के आकार को बढ़ते देख कई बार मंदिर का निर्माण करवाया गया अभी जो मंदिर बना है ओ छटवा बार इस मंदिर का निर्माण किया गया है।
 
           भोले बाबा आपकी मनोकामना को पूर्ण करे
          !! ओम नमः शिवाय !!
 
हमने यूट्यूब में शिव कोकड़ी के प्रसिद्ध शिव मंदिर का वीडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दे-
 
           Youtube channel – hitesh kumar hk

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़।

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about Shiv temple of Shiv Kokdi in Durg district of Chhattisgarh. If you like this information then do comment and share.

Shiv Kokdi Temple Deurkona

Address – Friends, it is situated on the banks of river Amner, at a distance of about 35 to 40 kms from the fort, this famous Shiva temple of Deurkona Shivakokadi.

The sanctum sanctorum – Friends, in the sanctum sanctorum of the temple, the Bhu-Shivalinga itself is situated in the sanctum. And the size of this Shivling used to increase earlier.

Beautiful carvings – Friends, this temple has four doors and this temple has been carved with white marble stone and beautiful carvings have been done on its walls, which attracts the beauty of this temple when viewed from a distance.

Height of Shivling – Friends, it is said that the height of Shivling from inside the ground is about 15 feet.

Organizing the Fair – Friends, the most famous temple of Shivkokodi in Durg district is a huge fair organized during the time of Shivratri, in which people from far and wide come to see this fair.

In Sawan festival – Friends, on the first Monday of Sawan, devotees reach this Shivkokadi village and perform Jalabhishek of Shivling.

Other Temples – Friends, other small temples have been built around this temple, in which the main temple of Shri Krishna and Ram Janaki is built.

How did this village get its name Shivkokadi – Friends, this village was earlier known as Deurkona. But due to the origin of Shivling in this village, this place is named Shivkokadi.

History of the temple – Friends, the history of this Shivling is thousand years old, the priests here tell that earlier there used to be Gothan in this place where people used to graze their cows. One day the wool shepherds saw a snake’s bill in that place, when they went to that place, a black stone appeared in the snake’s bill, people were surprised to see the stone in the snake’s bill, but they failed. Went, gave them a dream in the night that I am here I am sitting in the form of Shivling, a temple should be built for me. He again discussed with the people and got a small temple built.

Seeing the increasing size of this Shivling, the temple was built many times, the temple which is now built, this temple has been built for the sixth time.

Bhole baba may your wish come true

!! Adoration to Lord Shiva !!

We have made a video of the famous Shiva temple of Shiv Kokdi in YouTube, which must be seen and subscribed to the channel-

Youtube channel – hitesh kumar hk

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Jai johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

2 thoughts on “सांप के बिल से निकला हुआ है शिवलिंग l shiv kokdi temple deurkona chhattisgarh

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