रेत से बना शिवलिंग, kuleshwar mahadev temple rajim

( नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे )

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको राजिम के कुलेश्वर मंदिर के बारे जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट जरूर करे।

 कुलेश्वर महादेव मंदिर,राजिम
 रेत से बना शिवलिंग, kuleshwar mahadev temple rajim
कुलेश्वर मंदिर

पता – यह  रायपुर से लगभग 45 किलोंमीटर की दूरी पर धार्मिक तीर्थस्थल राजिम स्थित है जहां त्रिवेणी संगम के बीच में कुलेश्वर नाथ महादेव का भी मंदिर स्थित है।

तीन नदियों के संगम पर – राजिम जहां पैरी एवं सोंढुर और महानदी के बीच में बसा है यह कुलेश्वर महादेव का मंदिर।

गर्भगृह – इस मंदिर के गर्भगृह में मुख्य आराध्य देव पंचमुखी शंकर जी का शिवलिंग स्थापित है।

 रेत से बना शिवलिंग, kuleshwar mahadev temple rajim
रेत से बना शिवलिंग कुलेश्वर महादेव

सैकड़ों वर्ष पुराना बरगद – कुलेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में सैकड़ों वर्ष पुराना बरगद आज भी देखा जा सकता है।

पवित्र नगरी – राजिम एक ऎसा पवित्र धार्मिक नगरी है जो छत्तीसगढ में नहीं अपितु पूरे भारत में प्रसिद्ध है।

आकर्षण का केंद्र – राजिम में विधमान राजिम लोचन मंदिर, भगवान कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर और लोमस ऋषी का आश्रम यहां के मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

महत्त्वपूर्ण मन्दिर – राजिम में राजीव लोचन देवालय में विष्णु भगवान् कि पूजा होती हैं, राजेश्वर रामचंद्र एवं दानेश्चर मंदिर इस समूह के अन्य महत्त्वपूर्ण मंदिर हैं।

प्राचीन नाम – इस जगह का प्राचीन नाम कमलक्षेत्र एवं पदमपुर था।

छत्तीसगढ का प्रयाग – राजिम को छत्तीसगढ का प्रयाग भी कहा जाता हैं।

पूर्वाभिमुख मन्दिर – कुलेश्वर मंदिर का जो मुख है वह पूर्व दिशा की ओर स्थित हैं इस कारण इस मंदिर को पूर्वाभिमुख मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है।

इस मन्दिर के तीन भाग – कुलेश्वर मन्दिर के तल विन्यास में गर्भगृह ,अंतराल एवं मण्डप है।

सुन्दर नमुना – यह मंदिर कला एवं स्थापत्य का एक सुन्दर नमुना  प्रस्तुत करता है।

महाशिवरत्रि पर्व – महाशिवरत्रि उत्सव पर भक्त कुलेश्वर नाथ महादेव शिवलिंग के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ती हैं और यहां भव्य मेले का आयोजन भी होता है और सावन के पर्व में भी कावड़ यात्री मन्दिर में पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और यह मन्दिर बम बम के जयकारों के साथ यह मंदिर परिसर ही गूंज उठता है ।

रेत से बना शिवलिंग – कहा जाता हैं कि वनवास के दौरान इस स्थान में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता आए थे सीता ने यहां पूजा करने के लिए रेत से एक शिवलिंग का निर्माण किया।जिसे आज कुलेश्वर नाथ शिवलिंग के नाम से भी जाना जाता है।

8वीं सदी से निर्मित मन्दिर – आज जो मंदिर यहां मौजूद है उसका निर्मांण कल्चुरी शासनकाल में 8वीं सदी से निर्मित माना जाता है।

एक गुप्त गुफा – कहा जाता हैं कि इस मंदिर के अंदर एक गुप्त गुफा है जो लोमस ऋषि के आश्रम तक पहुंचती है।

स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना – यह कुलेश्वर नाथ महादेव मन्दिर स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है इस मंदिर की मजबूत नींव के साथ यह मंदिर सदियों से टिका हुआ है ।तीन नदियों के संगम पर स्थित होने के कारण यहां बारिश के दिनों में नदियां पूरी तरह आवेग में होती हैं। जिससे यह मंदिर तीन नदियो के बीच में होने के कारण जल से घिरा रहता हैं और भक्त इस मंदिर के दर्शन करने के लिए नाव में बैठकर उस मंदिर तक पहुंचते हैं।

कुम्भ मेला –  राजिम में माघी पुन्नी के दिन भव्य मेले का आयोजन होता है और इस कुम्भ मेला में देशभर से साधु-संत इकठ्ठा होते हैं। इस मेले को देखने के लिए देश विदेश से लोग इस पर्यटन स्थल राजिम में आते हैं।

जनश्रुति कथा के अनुसार – जब नदी में बाढ़ की स्थिति निर्मित होती हैं तब कुलेश्वर मंदिर से राजिम लोचन मंदिर की ओर से एक आवाज आती हैं कि मामा बचाओ मामा बचाओ तब राजिम लोचन मंदिर को ओर से आवाज़ आती हैं कि भांजा कुछ नहीं होगा और फिर धीरे धीरे पानी कम होने लगता है यहां के पुजारी बताते हैं की दरअसल में यह दोनों मंदिर शिव मंदिर हैं जिससे एक शिव मंदिर में मामा पक्ष के पुजारी अपनी सेवा प्रदान करता है तो दूसरा भांजा पक्ष के पुजारी अपनी सेवा प्रदान करता है उसी कारण यह मान्यता बनी हुई हैं।

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हमने यूट्यूब में राजिम का वीडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दे-
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माघी पुन्नी का मेला देखने के लिए नीचे क्लिक करे

Youtube channel – dk 808

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!! जय जोहार जय छत्तीसगढ़ !!

Hello friends my name is Hitesh Kumar In this post, I am going to give you information about the Kuleshwar temple of Rajim. If you like this information, then please comment.

Kuleshwar Mahadev Temple, Rajim

Address – It is situated at a distance of about 45 kilometers from Raipur, the religious shrine Rajim where the temple of Kuleshwar Nath Mahadev is also situated in the middle of Triveni Sangam.

The temple of Kuleshwar Mahadev at the confluence of three rivers – Rajim where it is situated between Pari and Sondhur and Mahanadi.

Garbha Griha – The shrine of the main deity Panchmukhi Shankar Ji is installed in the sanctum sanctorum of this temple.

Hundred Years Old Banyan – Hundred years old Banyan can be seen even today in the Kuleshwar Nath Temple compound.

Holy City – Rajim is such a holy religious city which is famous not only in Chhattisgarh but all over India.

Center of Attraction – Rajim Lochan Temple, existing in Rajim, Lord Kuleshwar Nath Mahadev Temple and Ashram of Lomas RishiThe main attraction here is the center.

Important temples – The Rajiv Lochan Temple in Rajim worships Lord Vishnu, Rajeshwar Ramchandra and Daneshchar Temple are other important temples of this group.

Ancient name – The ancient name of this place was Kamalkshetra and Padampur.

Prayag of Chhattisgarh – Rajim is also called Prayag of Chhattisgarh.

East-facing temple – The face of the Kuleshwar temple is located towards the east, due to this the temple is also known as the Purvi-oriented temple.

This temple has three parts – the sanctum sanctorum, the gaps and the pavilion in the floor configuration of the Kuleshwar temple.

Sundar Namuna – This temple presents a beautiful Namuna of art and architecture.

Mahashivaratri festival – On Mahashivaratri festival, devotees throng to visit Kuleshwar Nath Mahadev Shivalinga and a grand fair is organized here and in the festival of Sawan, Kavad pilgrims reach the temple and offer water to Shivalinga and this temple bomb bombs This temple complex resonates with the cheers of.

Shivling made of sand – It is said that Lord Rama, Lakshman and Sita came to this place during exile, Sita built a Shivalinga from the sand to worship here. Also known as Kuleshwar Nath Shivling.

Temple built since the 8th century – The temple that exists here today is believed to have been built from the 8th century under the Nilaman Kalkuri regime.

A secret cave – It is said that inside this temple there is a secret cave that reaches the ashram of the sage Lomas.

Unmatched Architecture – This Kuleshwar Nath Mahadev Temple is a unique piece of architecture, with a strong foundation of this temple, it has been standing for centuries. Rivers being situated at the confluence of three rivers, the rivers here are full of impulse. Occur in Due to which this temple is surrounded by water due to being in the middle of three rivers, and the devotees reach the temple in a boat to visit this temple.

Kumbh Mela – A grand fair is organized on the day of Maghi Punni in Rajim and saints and saints from all over the country gather in this Kumbh Mela. People from foreign countries visit this tourist destination Rajim to see this fair.

According to Jan Shruti Katha – When the flood situation is created in the river, there is a voice from the Kuleshwar temple from the Rajim Lochan Temple that Mama Bachao Mama Bachao, then the Rajim Lochan Temple sounds from the side that nothing will happen and then Slowly the water starts to recede, the priests here say that in reality both these temples are Shiva temples, so that one priest of the maternal side serves in the Shiva temple and the priest of the other nephew provides his service, that is why this recognition Remains.

Bhole Baba fulfill your wish

!! Om Namah Shivaya !!

We have made a video of Rajim in YouTube, watch it and subscribe to the channel.

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Jai johar jai Chattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

2 thoughts on “रेत से बना शिवलिंग, kuleshwar mahadev temple rajim

  • September 22, 2021 at 7:05 pm
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    I’m not that much of a internet reader to be honest but your sites really nice, keep it up! I’ll go ahead and bookmark your site to come back later on. Many thanks

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