छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल l Traditional Games of Chhattisgarh

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल के बारे जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे।

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल

1.फुगड़ी – बालिकाओं द्वारा खेला जाने वाला फुगड़ी लोकप्रिय खेल है।चार छः लड़कियां इकट्ठा होकर, ऊखर बैठकर बारी-बारी से पैर के पंजों को आगे पीछे करती है।इस खेल में अधिक समय तक यह प्रक्रिया करना होता है। सांस भरने या थकान से जिस खिलाड़ी के पांव चलने रुक जाता है वह हार जाती है।और अधिक समय तक इस खेल में जो ठीक रहता है वही विजेता बनाता है

2.अटकन मटकन – दोस्तो अटकन मटकन इस खेल में बच्चे आंगन या परछी में बैठकर, गोलाकार घेरा बनाते है और घेरा बना के दोनो हाथ को जमीन में उल्टा रख के एक लड़का उगली को गीत गाते हुए (अटकन मटकन) उन उल्टे पंजों पर बारी-बारी से उगली रखते हुए गीत की अंतिम अंगुली जिसकी हथेली पर समाप्त होती है वह अपनी हथेली सीधी कर लेता है।इस क्रम में जब सबकी हथेली सीधे हो जाते है, तो अंतिम बच्चा गीत को आगे बढ़ाता है।

3.रेस-टीप – दोस्तो रेस टिप तो सभी का पसंदीदा खेला हुआ करता था इस खेल को बहुत सारे बच्चे मिलकर खेलते थे।इस खेल में एक बच्चा( दाम देता था) मतलब सभी को खोजना होता था और बाकी बच्चे छुप जाया करते थे इस खेल में दिखाई नही देना होता था अगर जो आप को ढूंढ रहा है ओ अगर आप को सबसे पहले देख लिए तो आप को दाम के रूप में सभी को ढूढन पड़ेगा।इस खेल में सभी को खोजकर नंबर से संबोधित करना होता था।जैसे पहला टिप,दूसरा टिप जितने लोग है उसके हिसाब।।

नोट : इस खेल को सुबह और शाम दोनो समय खेला जाता था।

4.बांटी – दोस्तो बाटी है ओ कांच या चीनी मिट्टी का बना होता है। बहुत सारे बच्चे ग्रुप में मिलकर इस खेल कों खेलते है। एक जगह छोटा सा गड्ढा बनाकर सबसे पहले बाटी को सब गढ़े के पास फेकते है। जिसका बाटी सबसे पहले होता है ओ गढ़े मे अपना बाटी डुबाकर सपने जिसका भी बाटी होता है। उसे मरता है और दस बीस तीस और जब तक सौ नही हो जाता एक दूसरे के बाटी को मरना होता है। जिनका सौ जल्दी हुआ वे सभी जीत जाते हैं जिसका सौ नही हो पाता ओ हार जाता है। और दाम देना होता है।

5.गोंटा – दोस्तो गोटा का खेल है ओ मुख्यता लड़कियों द्वारा खेला जाता था।इस खेल में दो या दो से अधिक लड़किया मिलकर इस खेल को खेलती थी।इस खेल में खोट(पत्थर का टुकड़ा या रेत में मिलने वाले पत्थर या गिटटी) को एक हाथ से उछालकर बाकी गोटे को एक एक कर उठाना होता था।उपर उछाले हुए पत्थर के गिरने से पहले बाकी गोटे को उठाना होता था।

6.रस्सी कूद – रस्सी कूद इस खेल को मुख्यता लड़कियों द्वारा खेला जाता था।इस खेल में लड़किया रस्सी को दोनो हाथो से घुमाकर उछलती थी इस खेल में लगातार रस्सी को घूमना और कूदना होता था इसलिए इस खेल को रस्सी कूद बोला जाता था।नोट : इस खेल में जो रस्सी का उपयोग किया जाता था जो पैरा(धान के पौधे) से बना होता था।जिसे पैरा डोरी बोला जाता था।

7.भांवरा – दोस्तो आओ जानते है भौरा के खेल को जिसे बच्चों का पसंदीदा खेल माना जाता है। हिंदी में इसे लड्डू कहा जाता है। इस खेल में लकड़ी का एक भावरा होता है जिसमे कील लगा होता जिसे रस्सी से लपेट कर फेंकते है जिससे भौरा कील के सहारे गोल घूमने लगता है। इस खेल में एक दूसरे के घूमते भौरे को गिराना होता है।

8.तिरीपासा – दोस्तो छत्तीसगढ़ का पारंपरिक खेलो में से एक है तिरिपासा, यह खेल लूडो की तरह ही होता है इस खेल में बच्चे जमीन में चाक के मदद से डिब्बे बना लेते है जैसे लूडो में होता है। इस खेल में 4 गोली का जरूरत होता है। गांव के बच्चे गोली के रूप में चूड़ी के टुकड़े,गोटी,माचिस का तीली और भी अनेक प्रकार के चीजों का प्रयोग करते है इस खेल में पासा के लिए इमली के बीज को दो भागों में तोड़कर पासे के रूप में प्रयोग करते है। जिसे लोकल बोली में चिचोल बोला जाता है। इस खेल को दो या दो से अधिक लोग मिलकर खेलते है। सबसे पहले पासे को घुमाकर जमीन में फेका जाता है,उसके बाद जितने नंबर आता है गोली को उतने घर में बैठाया जाता है।जिसका गोली लास्ट में बच जाता है उसे दाम देना होता है।

9.गिल्ली डण्डा – दोस्तो गिल्ली डंठा गाँव के बच्चों का पसंदीदा खेल है।इस खेल को जोड़ी में खेला जाता है। इस खेल को खेलने के लिए लकड़ी का डंडा और लकड़ी का ही गिल्ली बना होता है। फिर एक बड़े गोले के अंदर से डंडे की सहायता से गिल्ली को मारा जाता है। जिसकी गिल्ली सबसे कम दूरी जाता है, वह दाम देता है। हारने वाले को गिल्ली को फेककर गोले के अंदर डालना होता है। इधर जितने वाला डंडे से गिल्ली को रोकता है। गोला में गिल्ली आने पर फिर खेल शुरू करना पड़ता है। गिल्ली गोले के अंदर नहीं आता तब तक जितने वाला बार-बार गिल्ली को मारकर दूर भेजता है।।

10.डंडा पिचरंगा – डंडा पिचरंगा गाँव के चौराहों में बच्चों द्वारा यह खेल खेला जाता है। इस खेल को कम से कम 3-10 तक की संख्या में खेला जा सकता है। इस खेल को खेलने के लिए निर्धारित स्थान में बारी बारी से झुककर अपने दोनों टांगों के बीच से अपने डंडे को ताकत लगाकर फेंकना पड़ता है। जिसका डंडा कम दूरी तक जाता है, उसे दाम देना होता है। फिर हारने वाला अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाकर कर डंडे को हाथ में रखता है। बाकी लोग पीछे से उसके डंडे को अपने डंडे से फेकते फेकते दूर ले जाते हैं। डंडे को फेकते समय फेकने वालों को निर्धारित चीजें जैसे पत्ती, कंकड़, पत्थर आदि में को अपने डंडे से छूना होता है। दाम देने वाला उन लोगों को छूने का प्रयास करता है जो उसके उड़े को अपने डंडे से फेकते हैं। यदि फेकने वाले निर्धारित वस्तु नहीं छू पाता और दाम देने वाला उसे छू लेता है तो फिर जिसको छूता है। उसे दाम देना पड़ता है।

11.पुतरी पुतरा – दोस्तो पुतरी पुतरा का खेल मुख्य रूप से लड़कियों का पसंदीदा खेल है।इस खेल में लड़किया अपनी सहेलियों के साथ पुतरी पुतरा का खेलती है इस खेल में मिट्टी के या लकड़ियों के पुतरी पुतरा बने होते है जिसे हिंदी में गुड्डा गुड्डी का खेल भी बोलते है।

12.लगड़ी – इस खेल को एक साथ बहुत सारे बच्चे मिलकर खेलते है।इस खेल में एक बच्चे को अपना पैर मोड़कर दूसरे पैर की मदद से बाकी बच्चों को पकड़ना होता है जिस भी बच्चे को छू लो ओ फिर अपना एक पर मोड़ के दूसरे पैर की मदद से सभी को पकड़ेगा इस खेल में अपने हिसाब से नियम बना लेते है जैसे एक गोले के अंदर ही इस खेल को खेला जाएगा ।

13.परी पत्थर, अमरित-बिस – दोस्तो परी पत्थर, अमरित-बिस में दोनों खेल एक ही है इसमें कोई अंतर नहीं है।इस खेल में बहुत सारे बच्चे मिलकर इस खेल को खेलते है इस खेल में सभी को पत्थर या बिस बोलता है। फिर जिसको छू लिया उसको बिना हिले एक ही जगह में खड़ा रहना होता है। जब तक की उसे कोई दूसरा साथी छूकर अमरीस या परी ना बोल दे।जब बीस या पत्थर के स्थिति में होते हुए भी भाग जाता है। तो दाम देना पड़ता है।

14.बिल्लस – दोस्तो बिल्लस के खेल को लड़कियों के द्वारा आगन में बिछे पत्थरों पर या कभी-कभी जमीन में चौकोर चौकोर डिब्बा बनाकर भी खेलते हैं। इस खेल को दो या दो से अधिक लोग मिलकर खेल सकते है। इस खेल में एक पत्थर या खपरेल का बिल्लस होता है। है जिसे एक एक कर इस डिब्बे में फेक कर एक पैर से कूदते हुए इस बिल्लस को पैर से मारते हुए इन डिब्बो से बाहर निकलना होता है।

15.फल्ली फल – दोस्तो फल्ली फल के खेल को पाँच लोग मिलकर खेलते हैं। इसमें चार डिब्बे होते बीच में खपरैल का टुकड़ा रखा होता है। जिसमे चार लोग डिब्बे में और एक लड़का बीच में रखे खपरेल के टुकड़ों को बाकी लोगो से बचाने का कोशिश करता है खपरेल(फल्ली) को बचाते हुए फल्ली बोलते हुए फल्ली के चारो तरफ घूमता है। इस बीच में चारों खानों में खड़े खिलाड़ी उस खपरैल को चुराकर अपने अन्य तीन साथियों को बांटता है। इस बीच दाम देने वाला छू लेता है जिसको भी उसे फिर दाम देना परता है।

16.भटकऊला

17.नदी पहार

18.घाम छांव

19.बईला दौड़

20.केऊ मेउ मेकरा के जाला

21.कुस्ती

22.चूड़ी बिनाऊल

23.चोर सिपाही

24.गोल गोल रानी

यह पोस्ट आपको अच्छा लगे या इसके बारे में जरूरी जानकारी है तो हमे कमेंट कर जरूर बताएं।

!! जय जोहार जय छत्तीसगढ !!

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about the traditional game of Chhattisgarh. If you like this information then do comment and share.

Traditional Games of Chhattisgarh

1. Fugdi – Fugdi is a popular game played by girls. Four to six girls gather, sit upright and move their toes back and forth alternately. This process has to be done for a long time in this game. The player whose feet stop running due to breathlessness or fatigue, loses. And the one who stays well in this game for a long time makes him the winner.

2.Atkan Matkan – Friends, Atkan Matkan, in this game, children sit in the courtyard or parchhi, make a circular circle and make a circle keeping both hands upside down in the ground, while singing a song to a boy Ugli (Atkan Matkan) turn on those inverted paws. Keeping the fingers in turn, the last finger of the song that ends on the palm straightens his palm. In this sequence, when everyone’s palm is straightened, the last child continues the song.

3. Race Tip – Friends Race Tip used to be everyone’s favorite game, many children used to play this game together. In this game one child (paying the price) meant everyone had to search and the rest of the children used to hide Didn’t have to appear in this game if the one who is looking for you o if you were the first to see you then you have to find all in the form of price. In this game everyone had to be searched and addressed by number. Like the first Tip, second tip according to the number of people.

Note: This game was played both in the morning and evening.

4. Bati – Friends, Bati is made of glass or ceramic. Many children play this game together in groups. By making a small pit at one place, first of all throw the bati near the pit. Whose baati is the first, o whoever dreams by dipping his baati in the pit. He dies and ten twenty thirty and each other’s bati has to die until he becomes a hundred. Those who have a hundred in a hurry, all those who do not get a hundred, they lose. And the price has to be paid.

5. Gonta – Friends is a game of gota o mainly played by girls. In this game two or more girls played this game together. In this game Khot (piece of stone or stone or ballast found in sand) One had to lift the rest of the pieces one by one by tossing them with one hand. The rest of the pieces had to be lifted before the stone thrown up fell.

6. Rope Jumping – Rope Jumping This game was mainly played by girls. In this game the girls jumped the rope by rotating the rope with both hands. In this game the rope had to rotate and jump continuously, hence this game was called Rope Jump. Note: The rope used in this game was made of para (paddy plant). Which was called Para Dori.

7. Bhanwara – Friends, let’s know the game of Bhora, which is considered to be the favorite game of children. In Hindi it is called laddu. In this game, there is a wooden ball in which a nail is attached, which is wrapped with a rope and thrown, due to which the bumblebee starts moving round the nail. In this game you have to shoot down each other’s swirling bumblebees.

8.Tiripasa – Friends, one of the traditional games of Chhattisgarh is Tiripasa, this game is similar to Ludo, in this game children make boxes with the help of chalk in the ground like in Ludo. This game requires 4 bullets. The children of the village use pieces of bangles, goti, matchsticks and many other things in the form of bullets. In this game, tamarind seeds are used as dice by breaking two parts for the dice. Which is called Chichol in the local dialect.Two or more people play this game together. First of all, the dice is thrown in the ground by rolling, after that the number of the bullet is placed in the same house. The one whose bullet survives in the last has to pay a price.

9. Gilli Danda – Friends Gilli Dantha is the favorite game of the village children. This game is played in pairs. To play this game, a wooden stick and a wooden gilli are made. Then the gilli are hit with the help of a stick from inside a big ball. Whose gully goes the shortest distance, he pays the price. The loser has to throw the gilli and put it inside the circle.Here the winner stops Gilli with a stick. The game has to be started again when the gilli comes in the circle. Till the gilli does not come inside the circle, the one who kills the gilli repeatedly sends it away.

10.Danda Picharanga – This game is played by children in the squares of Danda Picharanga village. This game can be played in numbers up to at least 3-10. To play this game, you have to throw your stick with force from between your two legs by bending alternately in the designated place. Whose stick goes a short distance, he has to pay a price. Then the loser raises both his hands and puts the stick in his hand. The rest of the people throw his stick from behind by throwing them away. While throwing the stick, the thrower has to touch the fixed things like leaves, pebbles, stones etc. The payer tries to touch those who throw his udder with their sticks. If the thrower does not touch the specified item and the payer touches it, then the one who touches it. He has to pay.Then the loser raises both his hands and puts the stick in his hand. The rest of the people throw his stick from behind by throwing them away. While throwing the stick, the thrower has to touch the fixed things like leaves, pebbles, stones etc. with his stick. The payer tries to touch those who throw his udder with their sticks. If the thrower does not touch the specified item and the payer touches it, then he touches it. He has to pay.

11. Putri Putra – Friends Putra Putra game is mainly a favorite game of girls. In this game girls play Putri Putra with their friends. In this game, putra putra are made of clay or wood which is called Gudda Guddi in Hindi. The game is also spoken.

12. Lagdi – This game is played by many children together. In this game, a child has to bend his leg and with the help of the other leg, catch the rest of the children, whichever child touches, then turn on one of the other. With the help of the foot, everyone will be caught, in this game, they make their own rules, like this game will be played inside a circle.

13. Pari Pathar, Amarit-Bis – Friends, in Pari Pathar, Amarit-Bis, both the games are the same, there is no difference. In this game a lot of children play this game together. In this game everyone speaks stone or bis. . Then the one who touches it has to stand in one place without moving. Until some other companion touches him and says Amris or Pari. When he runs away despite being in the condition of twenty or stone. So the price has to be paid.

14.Billas – Friends play the game of Billas by girls on the stones laid in the fire or sometimes by making square boxes in the ground. Two or more people can play this game together. The game consists of a stone or tile billas. Which is thrown one by one in this box and jumping with one leg, hitting these cats with feet has to come out of these boxes.

15. Phalli Phal – Friends, five people play the game of Phalli Phal together. There are four compartments in it, a piece of tile is kept in the middle. In which four people in the box and a boy tries to save the pieces of tile kept in the middle from the rest of the people, while saving the tile (Phalli) walks around the pod while speaking. In the meantime, the player standing in the four mines steals the tile and distributes it to his other three teammates. Meanwhile, the one who pays the price touches whomever he has to pay the price again.

16.bhatkaula

17.nadi pahad

18.gham chanv

19.baila daud

20.Keu Meu Mekara’s Web

21.kushti

22.bangle yarn

23.thief soldier

24.round round queen

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Jai johar jai chhttisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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