शिवलिंग की स्त्री रूप में होती है पूजा लिंगेश्वरी मंदिर,l lingeshwari mandir kondagaon

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के माता लिंगेश्वरी के बारे में जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे।

लिंगेश्वरी मंदिर कोंडागाव छत्तीसगढ़

पता – दोस्तों लिंगेश्वरी देवी का जो मंदिर है वह छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित है।

दूरी – दोस्तों माता लिंगेश्वरी देवी का जो मंदिर है वह छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लाक से लगभग 10 कि.मी.की दूरी पर और ग्राम- आलोर से 3.70 कि.मी.की दूरी में माता लिंगेश्वरी देवी का दिव्य मंदिर है |

लिंगाई माता –दोस्तों शिव व शक्ति के समन्वित स्वरूप को लिंगाई माता के नाम से भी जाना जाता है।

मूर्ति की ऊंचाई – दोस्तों लिंगेश्वरी देवी कि जो मूर्ति है वह 2-से 3फीट ऊंचा है ।

शिवलिंग की स्त्री रूप में होती है पूजा – दोस्तों आपने कभी ऐसा नहीं सुना हो की शिवलिंग की स्त्री रूप में होती है पूजा। लेकिन छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के ग्राम जिसे आलोर कहा जाता है इसी गांव में स्त्री रूप में होती है शिवलिंग की पूजा।

दिव्य मंदिर – दोस्तों माता का जो मंदिर वह अद्भुत और दिव्य है जहां स्त्री रूप में होती है शिवलिंग की पूजा। जिसे माता लिंगेश्वरी के नाम जानते है।

प्रसिद्ध मंदिर में से एक – दोस्तों माता लिंगेश्वरी का जो मंदिर है वह देशभर के प्रसिद्ध मंदिर में से एक है।

साल में एक दिन खुलता है माता का मंदिर –दोस्तों माता लिंगेश्वरी देवी का जो मंदिर है वह साल में एक दिन ही गुफा का पट खोला जाता है। जिसके कारण भक्तों की लंबी कतार दिखाई देती है।

पहाड़ों के बीच में स्थित है देवी का मंदिर – दोस्तों लिंगेश्वरी देवी का जो मंदिर है वह पहाड़ों के बीच में स्थित है ।

हर साल बढता है देवी कि मूर्ति – दोस्तों लिंगेश्वरी माता कि जो मूर्ति है वह हर साल बढता है।भाद्रपद के शुक्लपछ के नवमी तिथि के बाद आने वाला दिन को खोला जाता है| मात्र12 घंटे के लिए खुलता है गुफा का पट |

भू – गर्भ स्थित – दोस्तों माता कि जो मूर्ति है वह जमीन से लगभग 100 से 500 फीट की ऊंचाई पर देवी लिंगेश्वरी विराजित है।

मनोकामना की पूर्ति – दोस्तों साल भर में एक दिन खुलने पर माता लिंगेश्वरी देवी के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है और माता सभी की मनोकामना को पूर्ण करती है।

संतान सुख की प्राप्ति – दोस्तों माता के मंदिर में कई भक्त अपनी संतान प्राप्ति के लिए देश और विदेश से अपनी मनोकामना को लेकर माता के दर आते हैं और लिंगेश्वरी माता जी उन भक्तों मनोकामना को पूर्ण करती है।

मेला का आयोजन – दोस्तों लिंगेश्वरी माता के मंदिर के बाहर में मेला लगता है जिसे देखने के लिए दूर दूर भक्त यहां आते हैं। और साथ में माता के दर्शन भी करते है।

रहस्यमय गुफा – दोस्तों जंगल के बीच में आलोर नामक एक गांव है जहां पहाड़ पर एक प्राकृतिक गुफा निर्मित हुआ है। इस गुफा के मुख पर एक छोटा सा पत्थर रखा हुआ है। जब इस पत्थर को हटाया जाता है तब ही मंदिर में प्रवेश किया जा सकता है। इस मंदिर में शिव और पार्वती के समन्वित स्वरूप को लिंगेश्वरी माता कहा जाता है।

गुफा में बनता जानवर के पैर के निशान – दोस्तों यहां के ग्रामीणों का मानना है की साल में एक दिन खुलने पर इस गुफा में जानवर के पैर के निशान मिलते है इसे ही लिंगेश्वरी देवी का चमत्कार माना जाता है।

खीरा चढ़ाने से होती है मान्यता पूरी –दोस्तों इस मंदिर की यह मान्यता यह है कि लिंगेश्वरी माता को खीरा चढ़ाने से भक्तों की मांगी गई मुरादें पूरी होती है इसलिए मंदिर परिसर के बाहर बड़ी मात्रा में खीरा मिलता है और लोग भी यहां खीरे को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते है।यह मंदिर काफी ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है इसलिए यहां खड़े होकर दर्शन करना संभव नहीं होता है।

आवश्यक सूचना-

गुफा कपाट प्रातः 4:00 बजे से भक्तों के लिए खुलेगा।

किसी भी दर्शनार्थी को गुफा के अन्दर प्रवेश निषेध है ।

देवी दर्शन गुफा द्वार से ही किया जा सकेगा।

मन्नत पूर्ण हो चुके भक्तों की कतार की व्यवस्था अलग से जिनका पंजीयन अनिवार्य है।

मन्नत वाले भक्तों को खीरा लाना अनिवार्य है। नशा का सेवन करके मंदिर दर्शन करना पूर्णत: वर्जित है ।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about Mata Lingeshwari of Kondagaon district of Chhattisgarh. If you like this information then do comment and share.

Lingeshwari Temple Kondagaon Chhattisgarh

Address – Friends, the temple of Lingeshwari Devi is located in Kondagaon district of Chhattisgarh.

Distance – Friends, the temple of Mata Lingeshwari Devi is the divine temple of Mata Lingeshwari Devi at a distance of about 10 kms from Farasgaon block of Kondagaon district of Chhattisgarh and 3.70 kms from village-Alor.

Lingai Mata – Friends, the integrated form of Shiva and Shakti is also known as Lingai Mata.

Height of the idol – Friends, the idol of Lingeshwari Devi is 2- to 3 feet high.

Shivling is worshiped in female form – Friends, you have never heard that Shivling is worshiped in female form. But the village of Kondagaon district of Chhattisgarh which is called Alor is worshiped in the form of a woman in this village.

Divya Mandir – Friends Mata’s temple which is wonderful and divine where Shivalinga is worshiped in female form. Which is known as Mata Lingeshwari.

One of the famous temple – The temple of Friends Mata Lingeshwari is one of the famous temple across the country.

Mata’s temple opens once a year – Friends, the temple of Mata Lingeshwari Devi is opened only once in a year. Due to which a long queue of devotees is seen.

The temple of the goddess is situated in the middle of the mountains – the temple of friends Lingeshwari Devi is situated in the middle of the mountains.

Every year the idol of the Goddess increases – Friends, the idol of Lingeshwari Mata increases every year. The door of the cave opens for only 12 hours.

Located in the womb – Friends, the idol of Mother Goddess Lingeshwari is enshrined at a height of about 100 to 500 feet from the ground.

Fulfillment of wishes – Friends, on opening one day throughout the year, a huge crowd of devotees throng to see Mata Lingeshwari Devi and the mother fulfills everyone’s wishes.

Achievement of children’s happiness – Many devotees come to Mata’s temple to get their children from the country and abroad with their wishes and Lingeshwari Mata ji fulfills the wishes of those devotees.

Organizing Fair – Friends, a fair is held outside the temple of Lingeshwari Mata, to see which devotees come here from far and wide. And together they also do darshan of the mother.

Mysterious Cave – Friends There is a village called Alor in the middle of the forest where a natural cave has been created on the mountain. A small stone is kept on the face of this cave. The temple can be entered only when this stone is removed. The syncretic form of Shiva and Parvati in this temple is called Lingeshwari Mata.

Animal footprints made in the cave – Friends, the villagers here believe that on opening one day in a year, the footprints of the animal are found in this cave, it is considered a miracle of Lingeshwari Devi.

By offering cucumber, the belief is complete – Friends, this belief of this temple is that by offering cucumber to Lingeshwari Mata, the wishes of the devotees are fulfilled, so cucumbers are available in large quantities outside the temple premises and people also offer cucumbers here as prasad. This temple is situated at a very high height, so it is not possible to stand here and have darshan.

Important notice-

The cave doors will open for devotees from 4:00 am.No visitor is allowed to enter the cave.

Devi Darshan can be done only from the cave entrance.

Separate arrangement for queues of devotees who have fulfilled their vows, whose registration is mandatory.

It is obligatory to bring cucumber to the devotees who have vowed.

Visiting the temple after consuming intoxicants is strictly prohibited.

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Jai johar jai chattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा और अन्य रहस्यमय जगह के बारे इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे।

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