सीतामढ़ी हरचौका(माता सीता का रसोई घर) l Sitamarhi HarChowk koriya chhattisgarh

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के श्री राम वन गमन पथ मार्ग का पहला पड़ाव सीतामढ़ी हर चौका के बारे में जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे।

सीतामढ़ी हरचौका,कोरिया,छत्तीसगढ़

पता – दोस्तो यह छत्तीसगढ़ के भरतपुर जिला कोरिया से सीधी की ओर जाने वाले सड़क मार्ग पर लगभग 30 कि.मी. की दूरी पर मवई नदी के किनारे हरचौका नामक सुप्रसिद्ध पुरातत्वीय स्थल है।

सीतामढ़ी हरचौका क्यों कहा जाता है – दोस्तों सीतामढ़ी हरचौका का अर्थ माता सीता का रसोई घर होता है। इसलिए इस गुफा को सीतामढ़ी के नाम से संबोधित करते हैं।

श्री राम के चरण चिन्ह – दोस्तों सीतामढ़ी हरचौका में भगवान श्रीराम के चरण चिन्ह आज भी देखा जा सकता है।

चटटानों को काटकर बनाया गया है गुफा- सीमामढ़ी हरचौका का निर्माण यहाँ के चटटानों को काट-तराश कर निर्मित प्राचीन शैलोत्कीर्ण गुफा के अवशेष दर्शनीय हैं।

यहां पर 17 गुफाएं हैं और 12 शिवलिंग – दोस्तों शैलोत्कीर्ण गुफा के बरामदे के साथ संलग्न कक्ष में शिवलिंग स्थापित हैं। मुख्य गुफा के अतिरिक्त अन्य संलग्न गुफाओं में भी शिवलिंग स्थापित हैं।इस गुफा में 17 गुफाएं है और 12 शिवलिंग स्थापित है

अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं – दोस्तों एक गुफा में सप्तमातृका, महिषासुर मर्दिनी एवं उमा महेश्वर की प्रतिमा रखी है। नदी के किनारे स्थित होने से जलप्रवाह और रेत के भराव कारण यह गुफा क्रमशः क्षरित तथा जीर्ण होती रही है।

गुफा के उचित रख रखाव – दोस्तों इस शैलोत्कीर्ण गुफा के उचित रख रखाव तथा परिरक्षण को ध्यान में रखते हुये इसे संरक्षण हेतु प्रस्तावित किया जा रहा है।

हमने यूट्यब में श्री राम वन गमन पथ मार्ग का पहला पड़ाव सीतामढ़ी हरचौका का वीडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे

Youtube Channal – dk 808

यह पोस्ट आपको कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट कर जरूर बताए।

जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Sitamarhi Har Chowk, the first stop of Shri Ram Van Gaman Path Marg in Chhattisgarh. If you like this information then do comment and share.

Sitamarhi HarChowk, koriya, chhattisgarh

Address – Friends, it is about 30 km on the road going from Korea to Sidhi in Bharatpur district of Chhattisgarh. There is a well-known archaeological site named Harchouka on the banks of the river Mavai.

Why is it called Sitamarhi Harchowka – Friends, Sitamarhi Harchowka means the kitchen of Mother Sita. Therefore, this cave is addressed by the name of Sitamarhi.

Ram’s footprints – Friends, the footprints of Lord Shri Ram can be seen even today in Sitamarhi Harchowka.

The cave is made by cutting the rocks – The construction of Seemamarhi Harchowka The remains of the ancient rock carved cave built by cutting and carving the rocks are visible here.

There are 17 caves and 12 Shivlings – Shivlings are installed in an enclosed chamber with friends. Apart from the main cave, Shivling is also installed in other attached caves. There are 17 caves in this cave and 12 Shivling is installed.

Idols of other gods and goddesses – Friends, in a cave, the idols of Saptmatrika, Mahishasur Mardini and Uma Maheshwar have been kept. Situated on the banks of the river, this cave has been eroded and dilapidated respectively due to water flow and sand filling.

Proper Maintenance of Cave – Friends, keeping in mind the proper maintenance and preservation of this rock-cut cave, it is being proposed for conservation.

We have made a video of Sitamarhi Harchowka, the first stop of Shri Ram Van Gaman Path Marg in YouTube, which must be seen and subscribed to the channel.

Youtube Channal – dk 808

How did you like this post, tell us by commenting in the comment box.

Jai johar jai chattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

One thought on “सीतामढ़ी हरचौका(माता सीता का रसोई घर) l Sitamarhi HarChowk koriya chhattisgarh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!