चेंदरू मंडावी बस्तर का रियल मोगली l who is Chenderu Mandavi

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तों मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के रियल मोगली चेंदरू मंडावी के जीवन के बारे में जानकारी देने वाला हूं। ये जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

बस्तर का रियल मोगली चेंदरू मंडावी

चेंदरू मंडावी कौन था – बस्तर मोगली नाम से चर्चित चेंदरू पुरी दुनिया में 60 के दशक में बेहद ही मशहुर था।बस्तर का यह लड़का शेरों के साथ खेलता था। चेंदरू द टायगर बाय के नाम से मशहुर था। चेंदरू का रियल टाइगर से दोस्ती था। दोस्ती भी ऐसी कि दोनों हमेशा साथ ही रहते थे, खाना, खेलना, सोना सब साथ में करते थे।

चेंदरू मंडावी कहा के रहने वाले थे – दोस्तो चेंदरू मंडावी नारायणपुर के गढ़ बेंगाल का रहने वाला था।

कैसे हुआ टाईगर से दोस्ती – चेंदरू मंडावी को बचपन में दादा जी ने जंगल से शेर के शावक को लाकर दिया। चेंदरू ने उसका नाम टेंबू रखा था। इन दोनो की पक्की दोस्ती थी। दोनो साथ मे ही खाते, घुमते और खेलते थे। इस तरह शेर और इंसान की दोस्ती हो गई।

‌टाइगर ब्वॉय और रियल मोगली के नाम से प्रसिद्ध – दोस्तो फ्रांस, स्वीडन, ब्रिटेन और दुनिया के कोने-कोने से लोग सिर्फ उसकी एक झलक देखने को, उसकी एक तस्वीर अपने कैमरे में कैद करने को बस्तर पहुंचते थे। बस्तर की मारिया जनजाति का चेंदरु मंडावी पूरी दुनिया में टाइगर ब्वॉय और रियल मोगली के नाम से प्रसिद्ध हो गया था।

चेंदरू मांडवी पे कैसी बनी फिल्म – शेर और इंसान दोनो की दोस्ती की जानकारी धीरे धीरे पुरी दुनिया में फैल गयी। स्वीडन के ऑस्कर विनर फिल्म डायरेक्टर आर्ने सक्सडॉर्फ चेंदरू पर फिल्म बनाने की सोची और पूरी तैयारी के साथ बस्तर पहुंच गए।घने जंगलो से घिरा घनघोर अबूझमाड़ का बस्तर का दौरा करते स्वीडिश डायरेक्टर अर्ने सक्सडोर्फ़ की नजर इस बच्चे पर पड़ी। जंगल में शेरों के साथ सहज दोस्ती डायरेक्टर को इतनी भा गई कि उनसे रहा नहीं गया। फिर तैयार हुआ एक फिल्म “द जंगल सागा” जिसमे लीड रोल पर था बस्तर का “टाइगर ब्वाय” चेंदरू।

हालीवुड स्टार बन गया चेंदरू मंडावी – दोस्तो फिल्म के रिलीज़ होते ही चेंदरू रातोंरात हालीवुड स्टार बन गया था।देश विदेश में बस्तर को पहचान दिलाने वाले चेंदरु पर 1957 में ‘एन द जंगल सागा इंग्लिश में: द फ्लूट एंड द एरो नाम की स्वीडिश फिल्म बनी थी, उसके दोस्त टाइग़र के साथ उसकी दोस्ती के बारे में दिखाया गया था। चेंदरू ने ही इस फिल्म के हीरो का रोल किया और यहां रहकर दो साल में शूटिंग पूरी की। इस फिल्म ने उसे दुनिया भर में मशहूर कर दिया।

चेंदरू मंडावी पर लिखीं किताब – दोस्तो डायरेक्टर आर्ने सक्सडॉर्फ की पत्नी एस्ट्रीड बर्गमैन सक्सडॉर्फ एक सफल फोटोग्राफर के साथ-साथ लेखिका भी थी। फ़िल्म शूटिंग के समय उन्होंने चेंदरू की कई तस्वीरें खीची और उन्होंने चेंदरु पर ‘ब्वाय एंड द टाइगर ’ नाम की एक किताब भी लिखी थी।

बुरा समय – एक समय ऐसा आया कि गुमनामी के दुनिया में पुरी तरह से खो गया था चेंदरू मंडावी जिसे कुछ पत्रकारों ने पुन 90 के दशक में खोज निकाला। फिल्म में काम करने के बदले उसे दो रूपये की रोजी ही मिलती थी।

चेंदरू मंडावी का निधन – दोस्तो बस्तर का रियल मोगली कहलाने वाले चेंदरू ने सन 2013 में लम्बी बीमारी से जूझते हुए इस गुमनाम हीरो की निधन हो गया।

बस्तर की इस प्रतिभाशाली गौरवगाथा की याद में छत्तीसगढ़ सरकार ने नया रायपुर के जंगल सफारी में चेंदरू का स्मारक बना कर सच्ची श्रद्धान्जली दी है।

यह पोस्ट आपको अच्छा लगे या इसके बारे में जरूरी जानकारी है तो हमे कमेंट कर जरूर बताएं।

जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about the life of Real Mowgli Chendru Mandavi of Chhattisgarh. If you like this information then do comment and share

Real Mowgli Chenderu Mandavi of Bastar

Who was Chendru Mandavi – Chenderu Puri, popularly known as Bastar Mowgli, was very famous in the world in the 60s. This boy from Bastar used to play with lions. Chendra was popularly known as The Tiger Bye. Chendru was friends with the real Tiger. Friendship was also such that the two always lived together, eating, playing, sleeping together.

Chendru Mandavi was a resident of where – Friends, Chendru Mandavi was a resident of Narayanpur’s stronghold, Bengal.

How did friendship with Tiger happen – Chendru Mandavi was given by grandfather in childhood by bringing a lion cub from the forest. Chendru named him Tembu. These two had a strong friendship. Both used to eat, walk and play together. In this way the lion and man became friends.

Famous as Tiger Boy and Real Mowgli – Friends, people from France, Sweden, Britain and every corner of the world used to reach Bastar just to have a glimpse of him, to capture a picture of him in his camera. Chenderu Mandavi of the Maria tribe of Bastar became famous all over the world as Tiger Boy and Real Mowgli.

How was the film made on Chendru Mandvi – The information about the friendship of both the lion and the human gradually spread all over the world. Sweden’s Oscar-winning film director Arne Saksdorf thought of making a film on Chendru and reached Bastar with full preparations. Swedish director Arne Saksdorf, while visiting Bastar, surrounded by dense forests, was noticed by Swedish director Arne Saksdorf. The spontaneous friendship with the lions in the forest was so pleasing to the director that he could not live with them.Then a film “The Jungle Saga” was prepared in which Bastar’s “Tiger Boy” Chendru was in the lead role.

Chendru Mandavi became a Hollywood star – Friends Chendru became a Hollywood star overnight as soon as the film was released. In 1957, a Swedish film named ‘N The Jungle Saga in English: The Flute and the Arrow’ on Chendru, which made Bastar recognized in the country and abroad Bunny was shown about her friendship with her friend Tiger. Chendru played the role of the hero of this film and completed the shooting in two years by staying here. This film made him famous all over the world.

Book written on Chendru Mandavi – Friends Astrid Bergmann Saksdorf, wife of director Arne Saksdorf, was a successful photographer as well as a writer. During the shooting of the film, he took many pictures of Chendru and he also wrote a book on Chendru named ‘Boy and the Tiger’.

Bad Times – There came a time when Chendru Mandavi was completely lost in the world of oblivion, which some journalists discovered again in the 90s. In return for working in the film, he used to get a livelihood of only two rupees.

Chendru Mandavi passed away – Friends, Chendru, who was called the Real Mowgli of Bastar, died in 2013 while battling a long illness.

In the memory of this brilliant saga of Bastar, Chhattisgarh Government has paid true tribute by making a memorial of Chendru in Jungle Safari of Naya Raipur.

If you like this post or have important information about it, then definitely tell us by commenting

Jai Johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

One thought on “चेंदरू मंडावी बस्तर का रियल मोगली l who is Chenderu Mandavi

  • October 23, 2021 at 5:52 pm
    Permalink

    Thanks for your marvelous posting! I actually enjoyed reading it, you might be a great author.I will always bookmark your blog and may come back someday. I want to encourage you continue your great job, have a nice afternoon!

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!