सांकर दाहरा छत्तीसगढ़ का दूसरा प्रयाग । Sankar Dahra Rajnandgaon Chhattisgarh

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के दूसरे तीर्थ स्थल के बारे में जानकारी देने वाला हु जो छत्तीसगढ़ में नये तीर्थस्थल के रूप में प्रचलित होते जा रहा है

तीर्थस्थल सांकर दाहरा,राजनांदगाँव(छ.ग)

पता – दोस्तों यह छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले में डोंगरगांव से लगभग 5 कि.मी. दूरी पर देवरी नामक गाँव में सांकर दाहरा स्थित है।

दूरी – दोस्तों डोंगरगांव से सांकर दाहरा की दूरी लगभग 5 कि.मी. राजनांदगाँव से सांकर दाहरा की दूरी लगभग 30 कि.मी. l दुर्ग से सांकर दाहरा की दूरी लगभग 60 कि.मी., रायपुर से सांकर दाहरा की दूरी लगभग 105 कि.मी. है।

छत्तीसगढ़ का दूसरा प्रयाग – दोस्तों यह छत्तीसगढ़ के राजिम के बाद दूसरा बड़ा मोक्षधाम है।जो लोग राजिम नही जा सकते ओ लोग सांकर दाहरा में ही अस्थि विसर्जन करते है।पहले छत्तीसगढ़ में प्रयागराज राजिम में अस्थि विसर्जन करते थे लेकिन अभी सांकर दाहरा में भी लोग अस्थि विसर्जन करने के लिए पहुंचते है।इसलिए सांकर दाहरा छत्तीसगढ़ का दूसरा प्रयागराज बन गया है।

शिवनाथ नदी – दोस्तों सांकर दाहरा शिवनाथ नदी के किनारे स्थित है।इस स्थान में लोग शिवनाथ नदी के पवित्र जल में अपने परिजनों का अस्थित विसर्जन कर अपने परिजनों की मुक्ति की कामना करते है ।

सांकर दाहरा के प्रसिद्ध मंदिर – दोस्तों यह जो सांकर दाहरा है वहा पर बहुत सारे छोटे छोटे मंदिर है जिसमें भगवान शिव की 20 से 30 फीट की विशाल प्रतिमा और साथ में नंदी जी के भी दर्शन होते है और इसके आस पास सती मंदिर सतबहिनी मंदिर ,कबीर मंदिर, परमेश्वरी मंदिर ,बुढ़ादेव मंदिर, राम जानकी मंदिर शंकर और अन्य मंदिर है।

दार्शनिक स्थल और पर्यटन स्थल – दोस्तो सांकर दाहरा छत्तीसगढ़ के दार्शनिक स्थल और पर्यटन स्थल की सूची में सामिल हो चुका है। इस स्थान में आने वाले लोग शिवनाथ नदी में चलने वाले नाव में नौका विहार का आनंद लेते है।इस स्थान में लोग फैमिली के साथ पिकनिक मनाने और दार्शनिक स्थल का आनंद लेने पहुंचते हैं l

भव्य मेला – दोस्तो सांकर दाहरा में महाशिवरात्रि के पावन पर्व में भव्य मेला का आयोजन किया जाता है जिसे देखने के लिए श्रद्धालु दूर दूर से इस सांकर दाहरा में पहुंचते है और महाशिवरात्रि के पर्व को बहुत धूम धाम से मानते है।

सांकरदाहरा का इतिहास – दोस्तो आइए आप को सांकर दाहरा के इतिहास से अवगत करते है कहां जाता है की सांकर दाहरा
में नदी के मध्य में एक गुफा के अंदर प्राचीन शिवलिंग स्थित है।कहा जाता है की उस समय में मुक्तानंद महाराज नामक तपस्वी ने इस स्थान में जलसमाधि ली थी। जिसका अनुसरण करते हुए उनके शिष्य ने भी उसी स्थान पर जल समाधि ली थी। उसके बाद से ही प्रत्येक 3 वर्षों में नदी में स्नान करने वाले ज्येष्ठ(बड़ा) पुत्र को नदी के चारों ओर फैले लोहे के सांकर अथवा बेड़ी स्वमेव ही बांधकर दाहरा में खींचकर ले जाता था। जिससे व्यक्ति का मृत्यु हो जाता था वह वापस मिलता ही नहीं था। ऐसी घटना होने के बाद आसपास के जानकारो ने नदी के सुखे हुए हिस्से में यज्ञ, भागवत कथा सहित विभिन्न याज्ञिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया। तब से यह लोगो का मरना समाप्त हुआ।और यह स्थान सांकरदाहरा तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about another pilgrimage site of Chhattisgarh which is becoming popular as a new pilgrimage site in Chhattisgarh.

Shrine Sankar Dahra, Rajnandgaon (Chhattisgarh)

Address – Friends, it is about 5 km from Dongargaon in Rajnandgaon district of Chhattisgarh. Sankar Dahra is situated at a distance in a village named Deori.

Distance – Friends Dongargaon to Sankar Dahra distance is approx 5 kms. The distance from Rajnandgaon to Sankar Dahra is about 30 kms. l Durg to Sankar Dahra distance is about 60 kms, Raipur to Sankar Dahra distance is about 105 kms.

Second Prayag of Chhattisgarh – Friends, this is the second big Mokshadham after Rajim of Chhattisgarh. Those who cannot go to Rajim, o people immerse the bone in Sankar Dahra only. Earlier in Chhattisgarh Prayagraj used to immerse bones in Rajim but now in Sankar Dahra also People arrive for bone immersion. Therefore Sankar Dahra has become the second Prayagraj of Chhattisgarh.

Shivnath River – Friends Sankar Dahra is situated on the banks of Shivnath river. In this place people wish for the salvation of their families by immersing their families in the holy water of Shivnath river.

Famous Temples of Sankar Dahra – Friends, this is Sankar Dahra, there are many small temples in which 20 to 30 feet huge statue of Lord Shiva along with Nandi ji is also seen and around it Sati Mandir Satbahini Temple, There are Kabir Temple, Parameshwari Temple, Budhadev Temple, Ram Janaki Temple Shankar and other temples.

Philosophical places and tourist places – Friends, Sankar Dahra has been included in the list of philosophical places and tourist places of Chhattisgarh. People coming to this place enjoy boating in a boat running in Shivnath river. In this place people come to have picnic with family and enjoy the philosophical place.

Grand Fair – Friends, a grand fair is organized in Sankar Dahra in the holy festival of Mahashivratri, to see which devotees reach this Sankar Dahra from far and wide and celebrate the festival of Mahashivratri with great pomp.

History of Sankardahra – Friends, let us inform you about the history of Sankar Dahra, where does Sankar Dahra goThe ancient Shivling is situated inside a cave in the middle of the river. It is said that at that time an ascetic named Muktanand Maharaj took water in this place. Following which his disciple also took water samadhi at the same place. Since then, every 3 years bathers in the river The eldest (elder) son was tied around the river by tying iron chains or fetters on his own and dragging them to Dahra. The person who used to die, he could not get it back. After such an incident, the nearby experts conducted various yagya rituals including Yagya, Bhagwat Katha in the dried part of the river. Since then this people’s death ended. And this place is known as Sankardahara pilgrimage site.

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jai johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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