चम्पारण महाप्रभु वल्लभचार्य की जन्म स्थली l champeshwarnath temple champaran chhattisgarh

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको छत्तीसगढ़ के चम्पेश्वरनाथ मन्दिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

चम्पेश्वरनाथ मन्दिर,चम्पारण, छत्तीसगढ़

पता – दोस्तों छत्तीसगढ़ का चम्पारण रायपुर जिला के अंतर्गत आता है जहां पर चम्पेश्वरनाथ मन्दिर स्थित है।

दूरी – दोस्तों छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से आरंग होते हुए लगभग 60 किलोमीटर की दूरी और महासमुंद से 30 किलोमीटर की दूरी पर चम्पारण का चम्पेश्वरनाथ मन्दिर स्थित है।

चम्पारण का अर्थ – दोस्तों चम्पारण का अर्थ ( चम्पा + झार) का अर्थ घर होता है जिसका प्राचीन नाम है चंपा के फूलों का घर।

गर्भगृह – दोस्तो चम्पेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के मध्य रेखाएँ हैं। जिससे शिवलिंग तीन भागों में विभक्त हो गया है, जो क्रमशः पार्वती गणेश, एवम् शिव का प्रतिनिधित्व करते हैं।

आस्था का केंद्र – दोस्तो चम्पारण वैष्णव समुदाय के आस्था का प्रमुख केंद्र है। जहां पर श्री महाप्रभु वल्लभचार्य और चंपेश्वर महादेव का मंदिर विशेष है। दोस्तों चम्पारण पर्यटन स्थलों में से एक है। चम्पेश्वरनाथ मंदिर पंचकोशी मंदिर में शामिल है। दोस्तो यह मंदिर प्राचीन मंदिरों में से एक है कहा जाता हैं की यह मंदिर सातवीं शताब्दी का माना जाता है l

जन्म स्थली – दोस्तो चम्पारण श्री महाप्रभु वल्लभचार्य की जन्म स्थली है।

सुंदर कलाकृतियां – दोस्तो चम्पारण बहुत ही सुंदर और आकर्षक स्थल में से एक है यहां की कलाकृतियां और चित्रकारी बहुत ही रमणीय है यहां की सजावट मन को मोह लेती है यहां पर बहुत से देवी देवताओं के प्रतिमा के दर्शन होते है

मंदिर का उल्लेख – दोस्तों इस जगह का उल्लेख 108 ज्योतिलिंग में है l यहाँ पर प्रतीवर्ष माघ पूर्णिमा के दिन में महाप्रभु के सम्मान में विशाल मेले का आयोजन होता है ।

वल्लभाचार्य का इतिहास – दोस्तों यह चम्पारण ऐतिहासिक महत्व का स्थान है यहाँ पर वैष्णव सम्प्रदाय के प्रवर्तक वल्लभाचार्य जी का जन्म हुआ था उनके पिता का नाम श्री लक्ष्मण भट्ट और माता का नाम इल्लमगारु था। यह परिवार का मूलतः स्थान आंध्रप्रदेश के खम्मन केनिकट कांकडवाड़ नामक गाँव थे ये तैलंग ब्राम्हण थे और कृष्ण यजुर्वेद कि तैतरीय शाखा के अंतर्गत इसका भारद्वाज गौत्र था श्री वल्लभाचार्य का जन्म चम्पारण जिला रायपुर में हुआ प्रत्येक वर्ष वैशाख कृष्ण एकादशी का पर्व जन्मोत्सव चम्पारण में मनाया जाता है। उस समय उनके माता पिता दक्षिण से काशी तीर्थ यात्रा करने जा रहे थे मार्ग में ही महाप्रभु का जन्म हुआ यहाँ पर महाप्रभु कि छठी बैठक भी है। बीसवी सदी में उनके अनुयायियो ने वल्लभाचार्य जी का एक प्रसिद्ध मंदिर बनवाया था|

गौशाला – दोस्तों चम्पारण में श्री वल्लभ गौशाला है जहां पर भारी संख्या में गौ माता कि सेवा किया जाता है और बीमार गौ माता का उपचार भी किया जाता है और उचित देख भाल किया जाता है। यहा पर गौ माता कि सुख सुविधा का उचित प्रबंध किया गया है। यहाँ पर गौ माता का निस्वार्थ भाव से मंदिर समिति के द्वारा सेवा किया जा रहा है |

नोट :- दोस्तों कहा जाता है कि यदि कोई गर्भवती महिला इसके आस पास के स्थान में प्रवेश कर जाये तो उसका गर्भपात हो जाता है। कहा जाता है कि आचार्य वल्लभाचार्य का जन्म गर्भपात होने के कारण उस समय हुआ जब उसके माता-पिता तीर्थयात्रा के लिए जाते समय यहाँ से गुजरे थे।

हमने यूट्यूब में चम्पारण का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे

youtube channel- hamar gariyaband

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Champeshwarnath temple of Chhattisgarh, if you like this information then do comment and share.

Champeshwarnath Temple, Champaran, Chhattisgarh

Address – Friends, Champaran of Chhattisgarh comes under Raipur district, where Champeshwarnath temple is located.

Distance – Friends, Champaran’s Champeshwarnath temple is situated at a distance of about 60 kms from Raipur district of Chhattisgarh via Arang and 30 kms from Mahasamund.

Meaning of Champaran – Friends, the meaning of Champaran (Champa + Jhar) means house, whose ancient name is the house of flowers of Champa.

The sanctum sanctorum – Friends, in the sanctum sanctorum of Champeshwar Mahadev temple, there are lines between the Shivling. Due to which the Shivling has been divided into three parts, which represent Parvati, Ganesha and Shiva respectively.

Center of Faith – Friends, Champaran is the main center of faith of Vaishnav community. Where the temple of Shri Mahaprabhu Vallabhacharya and Champeshwar Mahadev is special. Friends Champaran is one of the tourist places. Champeshwarnath Temple is included in Panchkoshi Temple. Friends, this temple is one of the ancient temples, it is said that this temple is believed to be of the seventh century.

Birth place – Friends, Champaran is the birth place of Shri Mahaprabhu Vallabhacharya.

Beautiful Artifacts – Friends, Champaran is one of the very beautiful and attractive places, the artworks and paintings here are very delightful, the decoration here fascinates the mind, here the statues of many gods and goddesses are seen.

Mention of the temple – Friends, this place is mentioned in 108 Jyotirlingas. Every year on the day of Magha Purnima, a huge fair is organized in honor of Mahaprabhu.

History of Vallabhacharya – Friends, this Champaran is a place of historical importance, here Vallabhacharya, the originator of Vaishnava sect, was born, his father’s name was Shri Lakshman Bhatt and mother’s name was Illamagaru. it’s familyOriginally the place was a village named Kankadvad near Khammana, Andhra Pradesh, these were Tailang Brahmins and it was Bharadwaja Gotra under the Taittiriya branch of Krishna Yajurveda. Shri Vallabhacharya was born in Champaran district Raipur. Every year the festival of Vaishakh Krishna Ekadashi is celebrated in Champaran.At that time, his parents were going to Kashi pilgrimage from the south, Mahaprabhu was born on the way, there is also the sixth meeting of Mahaprabhu. In the twentieth century, his followers built a famous temple of Vallabhacharya.

Gaushala – Friends, there is Shri Vallabh Gaushala in Champaran, where a large number of cows are served and sick cows are also treated and properly taken care of. Here proper arrangements have been made for the comfort of the mother cow. Here the cow mother is selflessly worshiped by the temple committee.being served.

Note: – Friends, it is said that if a pregnant woman enters the place around it, then she gets an abortion. It is said that Acharya Vallabhacharya was born due to a miscarriage when his parents passed by while going for pilgrimage.

We have made a video of Champaran in youtube, watch it and subscribe to the channel

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jai Johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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