मड़वारानी अद्भुत है माता का मंदिर l maa Madwarani Temple Korba chhattisgarh l Madwarani Temple chhattisgarh l Madwarani Temple Korba l

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मैं आपको छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के मड़वारानी मंदिर के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे।

मां मड़वारानी मंदिर, कोरबा, छत्तीसगढ़

पता – दोस्तों छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पहाड़ की ऊंचाई पर स्थित है मां मड़वारानी का दिव्य व भव्य मंदिर।

दूरी – दोस्तों कोरबा से मां मड़वारानी मंदिर की दूरी 30km
चाम्पा से मां मड़वारानी मंदिर की दूरी 35km
बिलासपुर से मां मड़वारानी मंदिर की दूरी 110km

नवरात्रि पर्व – दोस्तों मां मड़वारानी मंदिर में नवरात्रि पंचमी के दिन से शुरू होता है और तेरस तक चलता है यहां पर दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पर माता के दर्शन के लिए आते हैं और माता से मन्नत मांगते है। यहां से कोई भी भक्त खाली हाथ वापस नहीं जाता। माता सभी की मुराद को पूरी करती हैं।

माता के दो मंदिर – दोस्तों मां मड़वारानी माता के दो मंदिर स्थित है एक मंदिर नीचे में है और दूसरा मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है । जो भक्त उपर नही जा सकते वह नीचे में स्थित माता के दर्शन करते है l और जो भक्त ऊपर में स्थित माता के दर्शन करना चाहते है वह 5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करने के बाद मां मड़वारानी के दर्शन होते है मंदिर के ऊपर का दुश्य बहुत ही सुंदर है ।

मंदिर का इतिहास – किवदंती के अनुसार दोस्‍तो मॉं मड़वारानी को किसी के द्वारा स्थापित नहीं किया गया है माता स्वयं प्रगट हुई है मॉं मड़वारानी गोड़वाना बलिराज राजा की पुत्री थी। धीरे धीरे उनकी उम्र 17 से 18 साल की हो गई तब राजा ने उनकी शादी के लिए अपनी पुत्री से कहा कि तुम शादी करने के लिए तैयार हो ना तब राजा की पुत्री ने कहा कि मैं तैयार हूं लेकिन मेरा एक प्रण है कोट जब शादी रात में होगी तो ठीक एवम् शादी सूर्योदय के पहले नही हुआ तो यह शादी भंग हो जाहि तब राजा ने कहा ठीक है। राजा ने अपने सैनिकों से कहा की रातों रात मंडप की तैयारी शुरू करे। इधर राजा की पुत्री को रातों रात तेल हल्दी भी लग गया लेकिन बारात भी नही पहुच पाया और सूर्योदय भी हो गया। तब राजा की पुत्री ने प्रण किया था की सूर्योदय हो गया तो शादी भंग हो जायेगी तब राजा की पुत्री ने मंडप में अपने शरीर में लगे हुए हल्दी को उस मंडप में धो दिया और मंडप के पास से जल उठाकर मंडप को श्राप दे दिया की अब तुम पत्थर की हो जायेगी। राजा की पुत्री मंडप से उठकर चली गई और पहाड़ की चोटी में जाकर तपस्या करनी लगी । मंडप से उठकर भाग जाने के कारण माता का नाम मड़वारानी पड़ा।

हमने यूट्यूब में मां मड़वारानी का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें

youtube channel – dk 808

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about the Madwarani temple in Korba district of Chhattisgarh, if you like this information, then do comment and share.

Maa Madwarani Temple, Korba, chhattisgarh

Address – Friends, the divine and grand temple of Maa Madwarani is situated at the height of the mountain in Korba district of Chhattisgarh.

Distance – 30km from Friends Korba to Maa Madwarani Temple ,35km distance from Champa to Maa Madvarani Temple ,Distance from Bilaspur to Maa Madwarani Temple 110km

Navratri festival – Friends, Navratri starts from the day of Panchami in the Maa Madvarani temple and continues till Teras, here devotees from far and wide come here to see the mother and ask for a vow to the mother. From here no devotee goes back empty handed. Mother fulfills everyone’s wishes.

Two temples of Mata – Friends, two temples of Maa Madvarani Mata are located, one temple is in the bottom and the other temple is situated on the top of the mountain. The devotees who cannot go upstairs have darshan of the mother located below. is beautiful .

History of the temple – According to legend, friends, Mother Madvarani has not been established by anyone, Mother has appeared herself. Mother Madvarani Godwana was the daughter of Baliraj. Slowly his age became 17 to 18 years old, then the king told his daughter for their marriage that you are ready to get married, then the king’s daughter said that I am ready.But I have a vow that when the marriage will take place in the night, then it is right and if the marriage is not done before sunrise, then this marriage should be dissolved, then the king said it is okay. The king asked his soldiers to start preparing the pavilion overnight. Here the king’s daughter got oil and turmeric overnight, but the procession could not reach and the sunrise also happened.

Then the king’s daughter had vowed that the marriage would be dissolved if the sunrise had taken place, then the king’s daughter washed the turmeric in her body in the mandap and cursed the mandap by lifting water from the mandap. You will be of stone. The king’s daughter got up from the pavilion and went to the top of the mountain and started doing penance. Due to running away from the pavilion, the mother’s name was Madvarani.

We have made a video of Maa Madwarani in YouTube, watch it and subscribe to the channel

youtube channel – dk 808

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jai Johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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