शरद पूर्णिमा क्यों मनाया जाता है l Sharad Purnima festival 2021

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हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको शरद पूर्णिमा के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

शरद पूर्णिमा

दोस्तो शरद पूर्णिमा आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा मनाया जाता है। शरद पूर्णिमा के और कई नाम हैं जैसे कौमुदी,कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता हैं।

रास पूर्णिमा – दोस्तो शरद पूर्णिमा को रास पूर्णिमा भी कहते हैं।क्युकि स्वयं सोलह कला संपूर्ण भगवान श्रीकृष्ण से भी जुड़ी है यह पूर्णिमा।इस रात को भगवान कृष्ण अपनी राधा रानी और अन्य सखियों के साथ महारास रचाते हैं। कहते हैं जब वृंदावन में भगवान कृष्ण महारास रचा रहे थे तो चंद्रमा आसमान से सब देख रहा था और वह इतना भाव-विभोर हुआ कि उसने अपनी शीतलता के साथ पृथ्वी पर अमृत की वर्षा आरंभ कर दी। 

शरद पूर्णिमा की खीर – दोस्तो आज के दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओ से परिपूर्ण होते है।शरद पूर्णिमा की शीतल चांदनी में रखी खीर खाने से शरीर के सभी रोग दूर होते हैं। हालांकि, इस खीर को एक विशेष विधि से बनाया जाता है। पूरी रात चांद की चांदनी में रखने के बाद सुबह खाली पेट यह खीर खाने से सभी रोग दूर होते हैं, शरीर निरोगी होता है।

शरद पूर्णिमा की विशेष सावधानिया – दोस्तो शरद पूर्णिमा के दिन फल और जल का सेवन करके व्रत रखा जा सकता है और इस दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। आज के दिन काले रंग के वस्त्र नही पहनना चाहिए। सफेद रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन व्रत कथा अवश्य सुननी चाहिए।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Sharad Purnima, if you like this information then do comment and share.

Sharad Purnima

Friends, Sharad Purnima is celebrated on the full moon day of Shukla Paksha of Ashwin month. Sharad Purnima has many other names like Kaumudi, Kojagari Purnima, Ras Purnima.

Ras Purnima – Friends, Sharad Purnima is also called Ras Purnima. Because the sixteen arts itself is also associated with Lord Krishna, this full moon. On this night, Lord Krishna creates Maharas with his Radha Rani and other friends. It is said that when Lord Krishna was creating Maharas in Vrindavan, the moon was watching from the sky and he became so emotional that he started raining nectar on the earth with his coolness.

Kheer of Sharad Purnima – Friends, on this day the moon is full of its sixteen arts. Eating Kheer kept in the cool moonlight of Sharad Purnima cures all diseases of the body. However, this kheer is made with a special method. After keeping it in the moonlight for the whole night, eating this kheer on an empty stomach in the morning cures all diseases, makes the body healthy.

Special Precautions of Sharad Purnima – Friends, on Sharad Purnima, fasting can be observed by consuming fruits and water and on this day only sattvic food should be taken. Black colored clothes should not be worn on this day. Wearing white colored clothes is considered auspicious. One must listen to the fasting story on the day of Sharad Purnima.

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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