दिवाली क्यों मनाया जाता है 2021 l deepawali kyu banaya jata hai l deepawali 2021l

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हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको दीपावली त्यौहार के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

दिवाली क्यों मनाया जाता है

दोस्तों सभी जानते है की दीपावली पर्व दीपो एवम उत्साह का पर्व है दीप अंधकार रूपी छटा को हटाकर प्रकाश लता है दीपावली का पर्व भी अपने जीवन में अंधकार रूपी दर्पण को हटाकर अपने जीवन में प्रकाश, उत्साह और आनंद से भर दे । दीपावली के पीछे भी अलग-अलग कहानियां एवम अलग-अलग परंपराएं हैं जो इस प्रकार है

1.भगवान श्री राम का अयोध्या आगमन

दोस्तों दीपावली त्योहार दीपो का पर्व है पौराणिक कथाएं में ऐसी मान्यताएं हैं की इस दिन भगवान श्री राम ने चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अपने घर अयोध्या लौटे थे।भगवान श्री राम के वापस लौटने की खुशी में नगरवासियों ने अयोध्या को दीप की रोशनी से सजा दिया । तब से लेकर आज भी पूरे भारतवर्ष में दिवाली का पर्व मनाया जाता है।

2- नरकासुर का वध किया भगवान श्री कृष्ण ने
दोस्तों एक पौराणिक कथा यह भी है कि श्री कृष्ण ने दुराचारी अत्याचारी नरकासुर का वध भी दीपावली के एक दिन पहले चतुर्दशी पर्व को किया था। इसी खुशी में अगले दिन अमावस्या को गोकुलवासियों ने दीप जलाकर और खुशियां मनाकर दिवाली मनाई थी।

3- दैत्यराज हिरण्यकश्यप का वध
दोस्तों एक पौराणिक कथा के अनुसार कहा जाता है की श्री हरी विष्णु ने नरसिंह रूप अवतार लेकर दैत्यराज हिरण्यकश्यप का वध किया था। दैत्यराज हिरण्यकश्यप की मृत्यु पर प्रजा ने अपने अपने घरों में घी के दीये जलाकर दिवाली मनाई थी।

4- पार्वती ने धारण किया महाकाली का रौद्र रूप
दोस्तों एक कथा है कि जब बुराई अच्छाई को समाप्त कर रही थी तब महाकाली ने राक्षसों का वध करने के लिए महाकाली का रौद्र रूप धारण किया और राक्षसों का संघार किया। तब भी महाकाली का क्रोध कम नही हुआ तब भगवान शंकर ने स्वयं उनके पैर के नीचे लेट गए भगवान शंकर के शरीर के स्पर्श पाकर महाकाली का क्रोध समाप्त हो गया। इसी की याद में लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करते है।

5- प्रगट हुए देवी लक्ष्मी, धन्वंतरि व कुबेर
दोस्तों पौराणिक ग्रंथों में दीपावली के दिन ही देवी लक्ष्मी दूध के सागर, जिसे केसर सागर के नाम से जाना जाता है, वहां से उत्पन्न हुई थीं। साथ ही में समुद्र मन्थन से आरोग्यदेव धन्वंतरि और भगवान कुबेर जी भी प्रकट हुए थे।.

हमने यूट्यूब में दिवाली त्योहार का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें

youtube channel- Dk808

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Diwali festival, if you like this information then do comment and share.

Why is Diwali celebrated?

Friends, everyone knows that the festival of Deepawali is a festival of light and enthusiasm, the lamp brings light by removing the shade of darkness, May the festival of Deepawali also remove the mirror of darkness in your life and fill your life with light, enthusiasm and joy. There are different stories and different traditions behind Deepawali which are as follows.

1. Arrival of Lord Shri Ram to Ayodhya

Friends, Diwali festival is the festival of lights. There are beliefs in mythology that on this day Lord Shri Ram returned to his home Ayodhya after completing fourteen years of exile. In the joy of returning Lord Shri Ram, the townspeople decorated Ayodhya with the light of a lamp. Gave . Since then, even today, the festival of Diwali is celebrated all over India.

2- Lord Krishna killed Narakasura

Friends, there is also a legend that Shri Krishna killed the evil tyrant Narakasura, a day before Diwali, on Chaturdashi festival. In this joy, the next day on Amavasya, the Gokul residents celebrated Diwali by lighting a lamp and celebrating happiness.

3- Killing of the demon king Hiranyakashipu

Friends, according to a legend, it is said that Shri Hari Vishnu took the form of Narasimha and killed the demon king Hiranyakashipu. On the death of the demon king Hiranyakashyap, the subjects celebrated Diwali by lighting ghee lamps in their homes.

4- Parvati assumed the fierce form of Mahakali

Friends, there is a story that when the evil was destroying the good, then Mahakali took the form of Mahakali to kill the demons and fought the demons. Even then Mahakali’s anger did not subside, then Lord Shankar himself lay down under his feet, after touching the body of Lord Shankar, Mahakali’s anger ended. In memory of this, we worship Lakshmi ji.

5- Goddess Lakshmi, Dhanvantari and Kuber appeared

Friends, in mythological texts, on the day of Deepawali, Goddess Lakshmi was born from the ocean of milk, which is known as Kesar Sagar. Along with this, Arogyadev Dhanvantari and Lord Kuber ji also appeared from the churning of the ocean.

We have made a video of Diwali festival in YouTube, watch it and subscribe to the channel.

youtube channel- Dk808

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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