गौरी गौरा पर्व 2021l gaura gauri festival l festival of gaura Gauri l

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको गौरी गौरा के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

गौरी गौरा पर्व

दोस्तों छत्तीसगढ़ अंचल में गौरी गौरा पर्व बड़े धूम धाम के साथ मनाया जाता है यह गोंड़ जनजाति का पारंपरिक पर्व है।

गौरी गौरा का पारंपरिक पर्व – दोस्तों दीपावली के दिन शाम के समय में पारंपरिक लोक गीत का गायन करते हुए तालाब और उसके आस पास के स्थान की शुद्ध मिटटी लेकर आते है lफिर उस मिटटी को रात के समय में अलग अलग दो पीढ़ा बनाया जाता है जिसमे एक पीढ़ा गौरी(पार्वती)तथा दूसरे पीढ़ा में गौरा (शिव जी) की मूर्ति बनाकर सुंदर चमकीली पन्ने से सजाया जाता है।गौरी और गौरा की मूर्ति को सजाकर बाजे-गाजे के साथ गाँव के सभी गली से मुहल्ले में घुमाते-परघाते चौक-चौराहे में बने गौरा चौरा में लेकर आते है इस चौरा को लीप पोतकर बहुत ही सुंदर सजाया जाता हैl

इसमें गौरी गौरा के मूर्ति को पीढ़ा सहित रखकर विविध वैवाहिक विधि से नेग किया जाता है। इस उत्साहित नारी कण्ठ से विभिन्न लोक धुनों से गीत उच्चारित होने लगते है। जिसे गौरा गीत कहा जाता है। इस तरह गीत के माध्यम से समस्त वैवाहिक नेग-व पूजा विधि से की जाती हैं।

गौरी-गौरा का विवाह – दोस्तों दीपावली के दिन गौरी-गौरा का विवाह का कार्य गाँव गाँव के चौक चौराहों एवम कस्बा और शहर में गौरी-गौरा का पर्व बहुत धूम धाम के साथ मनाया जाता हैं। इस पर्व को सभी समाज के लोग मिलजुलकर बड़े धूम धाम के साथ मनाया जाता हैं।

हमने यूट्यूब में गौरी गौरा का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें

youtube channel – hitesh kumar hk

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Gauri Gaura, if you like this information then do comment and share.

Gauri Gaura festival

Friends, Gauri Gaura festival is celebrated with great pomp in Chhattisgarh region, it is a traditional festival of Gond tribe.

Traditional festival of Gauri Gaura – Friends bring pure soil of the pond and its surroundings while singing traditional folk songs in the evening on the day of Deepawali. Then that soil is made into two different generations in the night time. Gauri (Parvati) in one generation and Gaura (Shiva) in the second generation.The idol of Gauri and Gaura is decorated with beautiful bright emeralds. After decorating the idol of Gauri and Gaura, they move from all lanes of the village to the locality and bring them to Gaura Chaura built in the square-intersection. it is beautifully decorated

In this, keeping the idol of Gauri Gaura along with the pedha is done by various matrimonial methods. Songs from various folk tunes begin to be uttered from this excited woman’s gut. Which is called Gaura Geet. In this way, all the matrimonial nega- and worship are done through the song.

Gauri-Gaura’s marriage – Friends, on the day of Deepawali, the work of Gauri-Gaura’s marriage is celebrated with great pomp in the village, village, square, square and town and city of Gauri-Gaura. This festival is celebrated by the people of all the societies with great pomp.

We have made a video of Gauri Gaura in YouTube, watch it and subscribe to the channel

. youtube channel – hitesh kumar hk

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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