गोवर्धन पूजा उत्सव 2021 l govardhan puja festival l govardhan puja 2021 l

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हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको गोवर्धन पूजा के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

गोवर्धन पूजा उत्सव

गोवर्धन पूजा कब मनाया जाता है – दोस्तों गोवर्धन पूजा दीपावली के अगले दिन को गोवर्धन पूजा मनाया जाता है इस त्योहार को बहुत ही खूबसूरत कृष्ण की नगरी मथुरा में मनाया जाता है इस नगरी में गोवर्धन पूजा का बहुत महत्व रहता है इस दिन की गाय की पूजा विशेष रूप से की जाती है।

गोवर्धन पर्वत की कथा – दोस्तों गोवर्धन पूजा में धार्मिक मान्यता यह है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का अभिमान चूर करने के लिए उन्होंने अपने छोटी अंगुली में गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र देव के क्रोध से गोकुल वासियों की रक्षा की थी. माना जाता है कि इसके बाद भगवान कृष्ण ने स्वंय ही कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन को 56 भोग लगाकर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का आदेश दिया. तभी से लेकर आज भी गोवर्धन पूजा की पूजा की जाती है ।

क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा – दोस्तों अन्नकूट व गोवर्धन पूजा भगवान श्री कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई है. इसमें हिन्दू धर्मावलंबी घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन नाथ जी की अल्पना बनाकर उनका पूजन करते है. दोस्तों उसके बाद गिरिराज भगवान को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अन्नकूट का भोग लगाया जाता है.l

मां लक्ष्मी और कृष्ण की करें पूजा – दोस्तों गोवर्धन पूजा के दिन खासतौर पर अन्नकूट, गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है. कहा जाता है की इस दिन धन , गाड़ी, अच्छे मकान, दौलत के लिए कृष्ण जी और मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जाता है, ताकि नौकरी या व्यापार में खूब तरक्की मिल सके.

मां लक्ष्मी और कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए यह मंत्र का अनुसरण करे

नैवेद्य अर्पित कर इस मंत्र से करें प्रार्थना l
लक्ष्मीर्या लोक पालानाम् धेनुरूपेण संस्थिता।l
घृतं वहति यज्ञार्थे मम पापं व्यपोहतु।
सायंकाल पश्चात् पूजित गायों से पूजित गोवर्धन पर्वत का मर्दन कराएं.फिर उस गोबर से घर-आंगन लीपें.l

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Govardhan Puja, if you like this information then do comment and share.

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When is Govardhan Puja celebrated – Friends, Govardhan Puja Govardhan Puja is celebrated on the next day of Deepawali. This festival is celebrated in the very beautiful Krishna’s city Mathura. Govardhan Puja has a lot of importance in this city. is done specifically.

The story of Govardhan Parvat – Friends, religious belief in Govardhan Puja is that on this day Lord Krishna lifted the Govardhan mountain in his little finger and protected the people of Gokul from the anger of Indra Dev. It is believed that after this Lord Krishna himself ordered the worship of Govardhan mountain by offering 56 bhog on the day of Kartik Shukla Pratipada. Since then, Govardhan Puja is worshiped even today.

Why Govardhan Puja is done – Friends, Annakoot and Govardhan Puja has started from Dwapar Yuga after the incarnation of Lord Shri Krishna. In this, Hindus worship Govardhan Nath ji by making alpana with cow dung in the courtyard of the house. Friends, after that, to please Giriraj Lord, Annakoot is offered to him.

Worship Maa Lakshmi and Krishna – Friends, on the day of Govardhan Puja, especially Annakoot, Govardhan Parvat and Shri Krishna are worshipped. It is said that on this day, Krishna ji and mother Lakshmi are pleased for money, car, good house, wealth, so that there can be a lot of progress in job or business.

Follow this mantra to please Maa Lakshmi and Krishna

Offer Naivedya and pray with this mantra.

Laxmiriya Lok Palanam Dhenuropen Sanstha.

Ghritam vaati yagyaarthe mama papam vypohatu.

After evening, the worshiped Govardhan mountain should be killed by the worshiped cows.

Then use that cow dung to cover the courtyard.

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jai johar jai chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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