छत्तीसगढ़ का मातर 2021lChhattisgarh’s Matar l Chhattisgarh’s Matar 2021lmatar tyohar l

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको मातर के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

छत्तीसगढ़ का मातर

मातर क्या है – दोस्तों दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा होता है उसके एक दिन के बाद मातर होता है यह यादव समाज के लोग गोठानों में जाकर मातर का कार्यक्रम किया जाता है ।

पौराणिक मान्यता के अनुसार – दोस्तो प्राचीन मान्यता के अनुसार इंद्र के अहंकार इतना बड़ गया था की वह वह ब्रज में मूसलाधार बारिश शुरू की इंद्र के अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी एक छोटी ऊंगली पर उठा लिया था और नगरवासियों की रक्षा की उस दिन से यादव समाज के द्वारा मातर के दिन गौठान में भगवान कृष्ण की मूर्ति और गोवर्धन की मूर्ति स्थापित करके विशेष पूजा पाठ किया जाता हैl

मातर कैसे मनाया जाता है – दोस्तों इस दिन यादव समाज की महिलाएं सुबह से गौठान पहुंच कर गौठान की तैयारी में लग जाती है यादव समाज के पुरुष लोग गौठान में गायों को यहां स्थापित कर भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन के मूर्ति के चारों ओर गायों को घूमाते हैं. गौठान में गायों के पैरों के नीचे कद्दू को रख दिया जाता है. जिससे गायों के पैरों तले आकर कद्दू फट जाता, इसके बाद यादव समाज की महिलाएं गौठान में कद्दू की सब्जी और खीर बनाती हैl

अखाड़े का आयोजन – दोस्तों गौठान में अखाड़े का आयोजन होता है सुबह और शाम के समय हैरत अंगेज करतब दिखाया जाता है शाम के समय में भी ग्रामीण दोबारा गौठान में इक्तठा होते हैं, जहां ग्वाला समाज के लोग विभिन्न अस्त्रों का अखाड़े में पूजा करते हैं और इसके बाद महिलाओं द्वारा बनाए गए खीर और कद्दू की सब्जी को प्रसाद के रूप दिया जाता है ।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Matar, if you like this information then do comment and share.

Chhattisgarh’s Matar

What is Matar – Friends, after Deepawali, Govardhan Puja is performed, after a day it is Matar.

According to mythological belief – Friends, according to ancient belief, Indra’s ego had grown so much that he started torrential rain in Braj. From that day, special worship is done by the Yadav society by setting up the idol of Lord Krishna and the idol of Govardhan in Gothan on the day of Matar.

How Matar is celebrated – Friends, on this day, the women of Yadav society reach Gothan from morning and get ready for Gothan. Huh. Pumpkins are placed under the feet of cows in Gauthan. Due to which the pumpkin would burst under the feet of the cows, after which the women of Yadav society make pumpkin curry and kheer in Gothan.

Organizing the arena – Friends, the arena is organized in Gothan, amazing feats are shown in the morning and evening, even in the evening, the villagers again gather in Gauthan, where the people of the cowherd community worship various weapons in the arena and After this, kheer and pumpkin curry made by women are given as prasad.

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Jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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