सुआ गीत छत्तीसगढ़ का पारंपरिक गीत lSua Geet (Folk dance and folk song of Chhattisgarh)

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको छत्तीसगढ़ के सुआ गीत के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

सुआ गीत ( छत्तीसगढ़ के लोक नृत्य एवम लोक गीत)

दोस्तों छत्तीसगढ़ अंचल में गाए जाने वाला पारंपरिक गीत सुआ नृत्य है। दोस्तों यह नृत्य छत्तीसगढ़ के गोंड स्त्रियों के द्वारा किया जाता है।

सुआ नृत्य क्या है – दोस्तों छत्तीसगढ़ में सुआ का अर्थ होता है तोता, अर्थात एक पक्षी है।दोस्तों सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ की पुरानी परंपराओं में से एक नृत्य है सुआ नृत्य में महिलाएं समूह में रहकर नृत्य करते है और गीत गाते है । दोस्तों सुआ नृत्य शरद पूर्णिमा से शुरू होती है और भाईदूज के दिन तक चलती है।

दीपावली का विशेष पर्व – दोस्तों छत्तीसगढ़ में सुआ नृत्य दीपावली के पर्व में किया जाता है इस दिन महिलाएं एक टोकरी में धान और उसके ऊपर में मिट्टी या कठुआ से बना हुआ सुआ रखते है और सभी के घर -घर जाकर इस टोकरी को बीच में रहकर महिलाएं साथ में गीत गाती है और नृत्य करती है। नृत्य और गीत खत्म हो जाने के बाद घर के सदस्य को धान, कपड़ा या पैसे दान के रूप में सुआ नृत्य करने वाले को अर्पित किया जाता है।

लुप्त हो रही यह परंपरा – दोस्तों यह छत्तीसगढ़ अंचल में सुआ नृत्य का प्रचलन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. ग्रामीण इलाकों में सुआ नृत्य की झलक दिखाई पड़ती है किंतु शहरों में यह सुआ नृत्य की एक झलक बहुत कम ही देखने को मिलती है. अब महिलाओं की जगह पर छोटी छोटी बच्चियों की सुंदर टोलियां सुआ नृत्य करते हुए दिख जाती हैं।

छत्तीसगढ़ में सुआ गीत की कुछ बोलियां जो इस प्रकार है

तरी नरी नहा नरी नहा नरी ना ना रे सुअना।।
कइसे के बन गे वो ह निरमोही ।
रे सुअना ।
कोन बैरी राखे बिलमाय ।
चोंगी अस झोइला में जर- झर गेंव ।।
रे सुअना ।
मन के लहर लहराय ।
देवारी के दिया म बरि-बरि जाहंव ।
रे सुअना ।
बाती संग जाहंव लपटाय।।

हमने यूट्यूब में सुआ नृत्य का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे

youtube channel – dk 808

दोस्तो अगर आप को यह जानकारी अच्छा लगा तो कॉमेंट और शेयर जरूर करे।

जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to give you information about sua song of chhattisgarh if you like this information then do comment and share

Sua Geet (Folk dance and folk song of Chhattisgarh)

Friends, the traditional song sung in the Chhattisgarh region is Sua dance. Friends, this dance is performed by the Gond women of Chhattisgarh.

What is Sua dance – Friends, in Chhattisgarh, Sua means parrot, that is, a bird. Friends, Sua dance is one of the old traditions of Chhattisgarh. In Sua dance, women dance in groups and sing songs. Friends, Sua dance starts from Sharad Purnima and continues till the day of Bhai Dooj.

Special festival of Deepawali – Friends, in Chhattisgarh, Sua dance is done in the festival of Deepawali, on this day women keep paddy in a basket and a swag made of clay or kathua on top of it and go from house to house and keep this basket in the middle. The women sing songs and dance together. After the dance and song is over, the member of the household is offered paddy, cloth or money in the form of donation to the Sua Dancer.

This vanishing tradition – Friends, the practice of Sua dance in this Chhattisgarh region is slowly ending. A glimpse of Sua dance is seen in rural areas, but in the cities, a glimpse of this Sua dance is rarely seen. Now in place of women, beautiful groups of small girls are seen doing sua dance.

Some dialects of Sua Geet in Chhattisgarh which are as follows

Tari Nari Naha Nari Naha Nari Na Na Re Suana.

Who will become of whom he is Nirmohi

Hey hear.

Who cares about you?

Every village in Chongi as Jhoila.

Hey hear.

Wave your mind.

Bari-bari jahan in the lamp of the goddess.

Friends, if you like this information, then do comment and share.

jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!