बालेश्वर महादेव मंदिर सिरपुर l Baleshwar Mahadev Temple Sirpur chhattisgarh

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हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको बालेश्वर महादेव के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

बालेश्वर महादेव मंदिर सिरपुर, छत्तीसगढ़

पता – दोस्तों छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के सिरपुर में स्थित है बालेश्वर महादेव का मंदिर ।

यह मंदिर कब अस्तित्व में आया – दोस्तों यह युगल मंदिर परिसर सन् 2003-04 ई. में उत्खनन् से प्रकाश में आया है। इस परिसर में ताराकार भू-संयोजना वाले दो मुख्य शिव मंदिर क्रमशः बालेश्वर एवं उदयेश्वर महादेव के हैं।

गर्भगृह – दोस्तों गर्भगृह में संगमरमर से बना शिवलिंग है। पंचायतन बालेश्वर महादेव मंदिर बोधिसत्व नागार्जुन स्मारक संस्था व अनुसंधान केन्द्र मनसर (नागपुर) द्वारा श्री अरूण कुमार शर्मा के संचालन में हुए उत्खनन में इस महत्वपूर्ण शैव मंदिर की प्राप्ति हुई है।मंदिर की निर्माण योजना में गर्भगृह, अंतराल, मण्डप तथा एक से अधिक बरामदो को विभाजित करने के लिए दीवारों तथा अलंकृत युगल एवं सिंह आदि की मूर्तियां स्थापित की गई है। साथ ही विभिन्न कथाओं का अंकन है।

मंदिर की संरचना – दोस्तों यह मंदिर पश्चिमाभिमुख युगल मंदिर प्रस्तर खण्डों द्वारा निर्मित ऊँचे सोपान युक्त अधिष्ठान पर अवस्थित है। पक्की ईटों वाले मंदिर की निर्माण योजना में गर्भगृह अन्तराल मण्डप तथा बरामदे हैं जिसमें अष्टकोणीय प्रस्तर स्तम्भों का उपयोग किया गया है। युगल मंदिर के चारो कोणों पर एक एक लघु मंदिर के अवशेष मिले हैं जिसके आधार पर इसे पंचायतनशैली का होना स्वीकार किया जाता है।

उत्खनन से प्राप्त – दोस्तों मृण-मुद्राओं तथा अभिलेखीय प्रमाणों के आधार पर इस मंदिर का निर्माणकाल लगभग 7वीं शताब्दी ई. में अनुमानित है। वास्तु के अनुरूप दक्षिणी पार्श्व में स्थित पुजारी का निवास, उल्लेखनीय है।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Baleshwar Mahadev, if you like this information then do comment and share.

Baleshwar Mahadev Temple Sirpur, Chhattisgarh

Address – Friends is located in Sirpur of Mahasamund district of Chhattisgarh.Baleshwar Mahadev Temple.

When did this temple come into existence – Friends, this couple temple complex has come to light from the excavation in the year 2003-04 AD. The two main Shiva temples in this complex with star shaped ground plan are of Baleshwar and Udayeshwar Mahadev respectively.

Garbhagriha – Friends, there is a Shivling made of marble in the sanctum sanctorum. Panchayatan Baleshwar Mahadev Temple Bodhisattva Nagarjuna Memorial Institute and Research Center Mansar (Nagpur) under the operation of Shri Arun Kumar Sharma found this important Shaivite temple in the excavation. To divide the walls and ornate couples and lions etc. have been installed. There is also a number of different stories.

Structure of the temple – Friends, this temple is situated on a high tiered adhishthana built by west-facing couple temple stone blocks. In the construction plan of the pucca-brick temple, the sanctum sanctorum consists of mandapa and verandahs in which octagonal stone pillars have been used. Remains of a small temple have been found at all four angles of the couple temple, on the basis of which it is accepted to be of Panchayatana style.

The construction of this temple is estimated in about 7th century AD on the basis of excavations – friends, mud-currencies and archival evidence. According to Vastu, the residence of the priest, located on the southern side, is noteworthy.

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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