अमरदास जी का समाधि स्थल,Tomb of Amardas jiChatwapuri Dham, Bemetara

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको चटुवापुरी धाम के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

अमरदास जी का समाधि स्थल, चटुवापुरी धाम, बेमेतरा

पता – दोस्तों छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला में चटुवापुरी ग्राम में स्थित है अमरदास जी का समाधि स्थल।

जन्मस्थल – दोस्तों अमरदास जी का जन्म संतशिरोमणी गुरू बाबा घासीदास जी व सफुरामाता की गोद में जेष्ठ पुत्र गुरु अमरदास जी का अवतरण जुलाई 1794 को गुरू पुर्णिमा के दिन पावन गांव गिरौदपुरी में हुआ।

समाधि स्थल – दोस्तों अमरदास जी ने इस चटुवापुरी ग्राम में समाधि ली थी।गुरू अमर दास जी अपने ज्ञान उपदेशो में सतनाम पंथ में उच्च-निच, छुत अछुत अमीर-गरीब, काले-गोरे के भेदभाव से परे सभी मानव जीति को प्रत्यक्ष और प्रमाणित संदेश से मोहग्रस्त जीवों का अंधकार दुर किया करते थे। दोस्तों गुरु पूर्णिमा के दिन पर चटुवापुरी ग्राम में भव्य मेला लगता है ।

मंदिर की नक्काशी – दोस्तों चटुवापुरी धाम के इस मंदिर में सुंदर नक्काशी की गई है मंदिर की दीवारों में अन्य कलात्मक चित्र दिखाई देती है इस मंदिर के पास अन्य छोटे छोटे मंदिर है जो इस मंदिर को और भी खूबसूरत बनाती है।

तपस्वीगुरू अमरदास जी के अनमोल वाणी

1.अपनें सभी कार्य को समय पर कर लेना चाहिए।

2.धीरज ही विपत्ति का सबसे बड़ा मित्र है।

3.सदैव सतनाम को याद कर हमें सच बोलना चाहिए

4.जन्म है तो मरण भी है, दुख है तो सुख भी है।

5.सत्य अहिंसा श्रेष्ठ मानव धर्म है।

6.गुरू व माता-पिता का सदैव सम्मान करे।

7.सभी धनो में विद्याधन श्रेष्ठ है।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Chatuvapuri Dham, if you like this information then do comment and share.

Tomb of Amardas ji, Chatwapuri Dham, Bemetara

Address – Friends, the Samadhi place of Amardas ji is located in Chatuvapuri village in Bemetara district of Chhattisgarh.

Birthplace – Friends Amardas ji was born in the lap of Saint Shiromani Guru Baba Ghasidas ji and Safuramata, the eldest son of Guru Amardas ji was incarnated on the day of Guru Purnima on July 1794 in the holy village of Giroudpuri.

Samadhi Sthal – Friends, Amardas ji had taken samadhi in this Chatuvapuri village. Guru Amar Das ji in his knowledge teachings in Satnam sect of high-low, untouchable, rich-poor, black and white, beyond the discrimination of all human beings were direct and certified. He used to dispel the darkness of the creatures who were fascinated by the message. Friends, on the day of Guru Purnima, a grand fair is held in Chatuvapuri village.

Temple Carving – Friends, this temple of Chatuvapuri Dham has beautiful carvings, other artistic pictures are visible in the walls of the temple, there are other small temples near this temple which makes this temple even more beautiful.

Priceless speech of ascetic guru Amardas ji

1. All your work should be done on time.

2. Patience is the greatest friend of adversity.

3. Always remembering Satnam we should speak the truth .

4. If there is birth, there is also death, if there is sorrow, then there is also happiness.

5. Truth, non-violence is the best human religion.

6. Always respect guru and parents.

7. Vidya Dhan is the best among all the wealth.

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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