कुतुब मीनार से भी ऊंचा गिरौदपुरी का जैतखाम lJaitkham Giroudpuri, Balodabazar chhattisgarh

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट में मै आपको गिरौदपुरी के जैतखाम के बारे में जानकारी देने वाला हूं यह जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट और शेयर जरूर करे

जैतखाम गिरौदपुरी, बलौदाबाजार, छ. ग.

पता- दोस्तों यह छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से 40 किलोमीटर की दूरी में गिरौद नामक ग्राम स्थित है जहां पर सतनाम धर्म का प्रतीक चिन्ह जैतखाम स्तंभ स्थित है।

जन्मस्थान – दोस्तों गुरु घासीदास बाबा का जन्म छत्तीसगढ़ के के गिरौदपूरी नामक ग्राम में हुआ था। उनके पिता का नाम मंहगू दास एवम् माता का नाम अमरौतिन और उनकी पत्नी का नाम सफुरा था।

ऊंचाई – दोस्तों दिल्ली के इस कुतुब मीनार की ऊंचाई लगभग 72.5 मीटर (237 फीट) है और इस गिरौधपुरी के जैतखाम स्तंभ की ऊंचाई लगभग 77 मीटर (243 फीट) है यह जैतखाम कुतुबमीनार से भी अधिक ऊंचा है ।

गुरु घासीदास बाबा का परिचय – दोस्तों 18 दिसंबर को गुरु घासीदास की जयंती मनाया जाता है यह पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। गुरु घासीदास का जन्म ऐसे समय हुआ जब समाज में छुआछूत, भेदभाव, ऊंचनीच, झूठ-कपट था।बाबा ने समाज को एकता और भाईचारे का संदेश दिया। गुरु घासीदास की सत्य के प्रति अटूट आस्था थी । इसलिए इन्होंने बचपन में कई अद्भुत चमत्कार दिखाए, जिसका समाज और लोगो पर काफी प्रभाव पड़ा। दोस्तों गुरु घासीदास ने समाज के लोगों को सहज और सात्विक जीवन जीने की प्रेरणा दी। बाबा ने अपनी तपस्या से प्राप्त ज्ञान और शक्ति का उपयोग मानवता की सेवा में लगा दिया।इस कारण लाखों लोग बाबा के अनुयायी हो गए।इस तरह सतनाम पंथ’ की स्थापना हुई, सतनाम पंथ के लोग बाबा जी को अवतारी पुरुष के रूप में मानते हैं। इसलिए सतनाम पंथ के संस्थापक भी गुरु घासीदास बाबा को ही माना जाता है।

गुरुघासीदास बाबा के कुछ महत्वपूर्ण संदेश

(1) सतनाम् पर विश्वास रखना।

(2) जीव की हत्या नहीं करना ।

(3) मांसाहार नहीं करना ।

(4) चोरी और जुआ से दूर रहना ।

(5) नशा का सेवन नहीं करना ।

(6) जाति-धर्म के प्रपंच में नहीं पड़ना

(7) व्यभिचार नहीं करना ।

छाता पहाड़ – दोस्तों गिरौदपूरी में देखने योग्य जगह में से एएक जहां पर गुरु घासीदास बाबा ने तप किया था जिसे बाबा जी की तपस्थली या छाता पहाड़ के नाम से जाना जाता है।

अमृत कुंड – दोस्तों माना जाता है की अमृत कुंड का जल से कई प्रकार के रोग दूर हो जाते है यहां दूर दूर से लोग इस चरण कुंड में आते है। कहा जाता है की बाबा इसी अमृत कुंड के जल का सेवन करते थे।

हमने यूट्यूब में जैतखाम स्तंभ का विडियो बनाया है जिसे देखे और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करे

youtube channel-Dk808

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about Jaitkham of Giroudpuri, if you like this information then do comment and share.

Jaitkham Giroudpuri, Balodabazar, C.G.

Address- Friends, this village named Giroud is located 40 km away from Balodabazar in Chhattisgarh, where the Jaitkham pillar, the symbol of Satnam religion, is located.

Birthplace – Friends, Guru Ghasidas Baba was born in a village named Giroudpuri in Chhattisgarh. His father’s name was Manhagu Das and mother’s name was Amarautin and his wife’s name was Safoora.

Height – Friends, the height of this Qutub Minar of Delhi is about 72.5 meters (237 feet) and the height of the Jaitkham pillar of this Giraudhpuri is about 77 meters (243 feet), it is higher than the Jaitkham Qutub Minar.

Introduction of Guru Ghasidas Baba – Friends, the birth anniversary of Guru Ghasidas is celebrated on 18th December, this holy festival is celebrated with reverence and enthusiasm. Guru Ghasidas was born at a time when there was untouchability, discrimination, hiccups, lies and deceit in the society. Baba gave the message of unity and brotherhood to the society. Guru Ghasidas had unwavering faith in truth. That’s why he showed many wonderful miracles in his childhood, which had a great impact on society and people. Friends, Guru Ghasidas inspired the people of the society to lead a simple and sattvik life.Baba used the knowledge and power gained from his penance in the service of humanity. Due to this lakhs of people became followers of Baba. Thus the Satnam Panth was established, the people of Satnam Panth consider Baba Ji as an incarnate person. Huh. That is why the founder of Satnam Panth is also considered to be Guru Ghasidas Baba.

Some Important Messages of Guru Ghasidas Baba

(1) Have faith in Satnam.

(2) Not to kill a living being.

(3) Not to eat meat.

(4) To abstain from stealing and gambling.

(5) Do not consume intoxicants.

(6) Do not fall into the trap of caste-religion.

(7) Not to commit adultery.

Umbrella Pahar – Friends, one of the places to see in Giroudpuri, where Guru Ghasidas Baba did penance, which is known as Baba Ji’s Tapasthali or Chhath Pahar.

Amrit Kund – Friends, it is believed that many types of diseases are cured by the water of Amrit Kund, here people from far and wide come to this Amrit Kund. It is said that Baba used to consume water from this Amrit Kund.

We have made a video of Jaitkham pillar in youtube, watch it and subscribe to the channel

youtube channel-Dk808

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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