गणतंत्र दिवस परेड मे छत्तीसगढ़ की झांकी 2022. l Tableau of Chhattisgarh in Republic Day Parade 2022

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है। हितेश कुमार आज के इस पोस्ट मे गणतंत्र दिवस परेड मे छत्तीसगढ़ की कौन सी झांकी का प्रदर्शन किया उसके बारे मे जानकारी देने वाला हू। यह पोस्ट अच्छा लगे तो कॉमेंट और शेयर जरूर करे।

गणतंत्र दिवस परेड मे छत्तीसगढ़ की झांकी 2022.

दोस्तो हमारे देश मे गणतंत्र दिवस परेड मे भारत के 29 राज्यो में से 12 राज्यो को ही अपनी झांकी प्रदर्शित करने का मौका मिला हैं। उनमे से छत्तीसगढ़ भी शामिल है।

कौन कौन से राज्यो ने लिया भाग – दोस्तो इसमें छत्तीसगढ़ के अलावा केवल मेघालय, गुजरात, गोवा, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक और जम्मू कश्मीर की झांकी शामिल हैं। 

छत्तीसगढ़ की थीम – दोस्तो 75 वाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने न्यू थीम मे काम किया जिसका नाम है। गोधन न्याय योजना इस झांकी के जरिये गॉव मे उपलब्ध संसाधन और तरीको के जरिये आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करता है।दोस्तो अगर ग्रामीण और शहरी तकनीक को मिला लिया जाए तो विश्व की समस्या का समाधान किया जा सकता है।

गोधन योजना थीम का चुनाव कैसे हुआ – दोस्तो छत्तीसगढ़ ने 3 झांकी प्रस्तुत किया था। पहला झांकी था भिलाई स्टील प्लांट का राष्ट्र के विकास में योगदान ऊपर था ।। दूसरा थीम छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का संघर्ष और गाथा के ऊपर था।और तीसरे थीम मे गोधन न्याय योजना का था। जिनमे से गोधन न्याय योजना का सेलेक्सन हुआ क्युकी की यह योजना एक साथ बहुत सारी समस्याओं का समाधान करती है। जैसे पर्यावरण, स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वच्छता, जैविक खेती, पोषण को बढ़ावा देना आदि।।

कैसे दिखता है यह मॉडल – दोस्तो यह मॉडल गोधन न्याय योजना पर आधारित होने के कारण इसका मुख्य आधार गाय है। मॉडल के बीच में एक 10 फीट ऊंची और 14 फीट लंबी गाय खड़ी है। गाय की पीठ पर गोठान मे होने वाली गतिविधियों को चित्रित किया गया। अगले भाग मे गाय के गोबर को इकट्ठा करके उसे बेचने के लिए गोठानों की ओर ले जाती महिलाओं को दर्शाया गया है। और इसमें एक महिला को गोबर से उत्पाद तैयार कर बेचने के लिए बाजार ले जाते दिखाया गया है। नीचे ही गोठानों में साग-सब्जियों और फूलों की खेती दिखाया गया है। नीचे दीवार के आलों में गोबर से बने दीयों और खिलौनों की सजावट दिखेगी। पिछले हिस्से में गौठानों को रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में विकसित होते दिखाया गया है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की झांकी – दोस्तो इस झांकी के मध्यम से गाय को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र मे रखकर पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, पोषण, रोजगार और आय मे वृद्धि को दर्शाया गया है। चित्रकारी करती हुई ग्रामीण महिलाओ को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक शिल्प और कलाओं के विकास की प्रतीक के रूप में मे दिखाया गया है। इस झांकी के माध्यम से प्रदेश मे विकसित हो रही जल प्रबंधन प्रणाली बड़ती हुई ऊत्पादकता और खुशहाल किसान को भित्ति चित्र मे दिखाया गया है।

छत्तीसगढ़ की झलक – दोस्तो इस झांकी के माधयम से आप को छत्तीसगढ़ की झलक देखने को मिलेगा एक योजना पर केंद्रित इस झांकी में छत्तीसगढ़ की समृद्ध और अलग-अलग सांस्कृतिक पहचान को दिखाने की भी कोशिश की गई है। झांकी में प्रदर्शित गोठान की दीवारों को गोबर से लिपी मिट्‌टी की दीवार जैसा बनाया गया है। उसपर सरगुजा की रजवार भित्ति चित्र शैली में जनजीवन के चित्र बने हैं। झांकी में शामिल महिलाओं में सरगुजा, बस्तर और मध्य क्षेत्र के ग्रामीण महिलाओं की वेशभूषा और अलंकरण की झलक होगी। वहीं मार्चपास्ट के दौरान एक गोंडी गीत को बजाया जाना है। इसके साथ परफॉर्म करने वाले कलाकार नारायणपुर और दुर्ग से गए है l

छत्तीसगढ़ के कलाकार भी होंगे शामिल – राजपथ पर झांकी के साथ दुर्ग और नारायणपुर के कलाकार लोक कला के रंग भी बिखेरेंगे। इसमें दुर्ग-बालोद से रिखी क्षत्रिय, कुलदीप सार्वा, पारस रजक, प्रदीप ठाकुर, केंवरा सिन्हा, साधना, नेहा और जया लक्ष्मी ठाकुर शामिल हैं। नारायणपुर क्षेत्र से जैनूराम सलाम, तेजूराम सलाम, सुमित्रा सलाम, घसनी सलाम, जगेन्ती ओर सुनीता सलाम झांकी के साथ राजपथ पर कला का प्रदर्शन करने वाले हैं।

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जय जोहार जय छत्तीसगढ़

Hello friends my name is Hitesh Kumar In today’s post, I am going to give information about which tableau of Chhattisgarh was displayed in the Republic Day parade. If you like this post then do comment and share.

Tableau of Chhattisgarh in Republic Day Parade 2022.

Friends, out of 29 states of India, only 12 states have got a chance to display their tableau in the Republic Day parade in our country. Chhattisgarh is also included among them.

Which states participated – Friends, apart from Chhattisgarh, only the tableau of Meghalaya, Gujarat, Goa, Haryana, Uttarakhand, Uttar Pradesh, Punjab, Maharashtra, Karnataka and Jammu and Kashmir are included.

Theme of Chhattisgarh – Friends, on the occasion of 75th Republic Day, Chhattisgarh has worked in a new theme, which is named. Godhan Nyay Yojana presents through this tableau with modern technology through the resources and methods available in the village.Friends, if rural and urban technology are combined, then the problem of the world can be solved.

How Godhan Yojana theme was chosen – Friends Chhattisgarh had presented 3 tableaux. The first tableau was the contribution of Bhilai Steel Plant to the development of the nation. The second theme was on the struggle and story of the freedom fighters of Chhattisgarh.And in the third theme was Godhan Nyay Yojana. Out of which Godhan Nyay Yojana was selected because this scheme solves many problems simultaneously. Like environment, employment at local level, sanitation, organic farming, promotion of nutrition etc.

How does this model look – Friends, because this model is based on the Godhan Nyay scheme, its main basis is cow. A 10 feet high and 14 feet long cow stands in the middle of the model. The activities of Gothan were depicted on the back of the cow. The next section depicts women taking cow dung to the Gothans to collect and sell it. And in this a woman is shown preparing products from cow dung and taking them to the market for sale.The cultivation of vegetables and flowers in Gothan is shown below. In the niches of the wall below, decorations made of cow dung lamps and toys will be seen. In the back part, the Gauthans are shown to be developed as Rural Industrial Parks.

Tableau of Rural Economy – Friends, through the medium of this tableau, environmental protection, organic farming, nutrition, employment and income growth have been shown by keeping the cow at the center of the rural economy. Rural women painting are shown as symbols of development of traditional crafts and arts of Chhattisgarh. Through this tableau, the water management system being developed in the state, increasing productivity and a happy farmer has been shown in the mural.

Glimpse of Chhattisgarh – Friends, through this tableau, you will get to see a glimpse of Chhattisgarh. The walls of Gothan displayed in the tableau have been made like a mud wall coated with cow dung. On it, pictures of life were made in the style of Surguja’s Rajwar mural painting.The women participating in the tableau will have a glimpse of the costumes and ornamentation of rural women from Surguja, Bastar and Central region. At the same time, a Gondi song is to be played during the march past. The artists who performed with this have gone from Narayanpur and Durg.

Artists of Chhattisgarh will also be involved – Along with the tableau on the Rajpath, the artists of Durg and Narayanpur will also spread the colors of folk art. This includes Rikhi Kshatriya from Durg-Balod, Kuldeep Sarva, Paras Rajak, Pradeep Thakur, Kevra Sinha, Sadhna, Neha and Jaya Lakshmi Thakur. Jainuram Salam, Tejuram Salaam, Sumitra Salaam, Ghasni Salaam, Jaganti and Sunita Salam from Narayanpur area are going to perform art on Rajpath along with tableau.

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jai johar jai Chhattisgarh

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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