अक्षय तृतीया क्या होता है इसका क्या महत्व है l What is Akshaya Tritiya 2022

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हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार आज की पोस्ट मे आप को अक्षय तृतीया के बारे मे जानकारी देने वाला हुँ। यह पोस्ट अच्छा लगे तो कॉमेंट और शेयर जरूर करे।

अक्षय तृतीया क्या होता है इसका क्या महत्व है

दोस्तों अक्षय तृतीया को हिन्दू धर्म विशेष महत्व है । लोग इस दिन कई सारे शुभ कार्य करते हैं लेकिन आपको पता है कि अक्षय तृतीया क्या होता है इसका क्या महत्व है ।तो चलिए आज इस अक्षय तृतीया के बारे में हम जान लेते हैं ।

दोस्तों धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया बहुत महत्वपूर्ण होती है वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं उनका अक्षय फल मिलता है इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है । अक्षय तृतीया को आखा तीज और अक्षय तीज नाम से जाना जाता है ।

दोस्तों वर्षभर में जो साढे तीन मुहूर्त होते हैं उनमें से अक्षय तृतीया मुहूर्त है । पूरे वर्ष के साढे तीन मुहूर्त है जैसे गुडी पडवा, दशहरा और अक्षय तृतीया । ये तीन मूर्त हैं और दीपावली का पढवा आधा मुहूर्त है यानी आधा दिन को ही मुहूर्त माना जाता है । और इन मुहूर्त पर लोग कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं । अक्षय तृतीया के दिन व्रत, दान और पूजन जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं ।

अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है । इसी दिन लोग भगवान जी को भोग लगाते हैं । अक्षय तृतीया के दिन बिना कोई पंचांग देखे कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृहप्रवेश, सोना खरीदना, घर या जमीन खरीदने, वाहन खरीदना, सामान खरीदना, कपडे खरीदना साथ ही नया व्यापार प्रारंभ किए जा सकते हैं । इसी दिन माँ अन्नपूर्णा का जन्मदिन मनाया जाता है ।

इसलिए अक्षय तृतीया के दिन दान करने का बहुत अधिक महत्व होता है । इसी अक्षय तृतीया के दिन पर दान करना शुभ माना जाता है और मान्यताओं के अनुसार दान करने के कई गुना फल मिलता हैं । भगवान शंकर जी ने इसी दिन भगवान कुबेर माता लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करने की सलाह दी थी । जिसके कारण अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है । भविष्य पुराण के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन ही सत्ययुग और त्रेता युग का प्रारंभ हुआ था । अक्षय तृतीया के अवसर पर महर्षि वेद व्यास जी ने महाभारत लिखना शुरू किया था । साथ ही ऐसा भी कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी । साथ ही अक्षय तृतीया के दिन है । भगवान विष्णु के अवतार परशुराम नरनारायण और हग्रियों का जन्म होता था । इसी लिए इसी दिन भगवान विष्णु जी की पूजा की जाती है ।

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Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in today’s post I am going to inform you about Akshaya Tritiya. If you like this post then do comment and share.

What is Akshaya Tritiya what is its significance

Friends, Hindu religion has special significance on Akshaya Tritiya. People do many auspicious things on this day but you know what is Akshaya Tritiya and what is its importance. So let us know about this Akshaya Tritiya today.

Friends, according to religious beliefs, Akshaya Tritiya is very important, the Tritiya date of Shukla Paksha of Vaishakh month is called Akshaya Tritiya. Akshaya Tritiya is also known as Akha Teej and Akshay Teej.

Friends, out of the three and a half Muhurtas in a year, Akshaya Tritiya is Muhurta. There are three and a half Muhurtas in the whole year like Gudi Padwa, Dussehra and Akshaya Tritiya. These three are idols and the reading of Deepawali is half Muhurta i.e. only half day is considered as Muhurta. And on these Muhurta people can do any auspicious work. Important things like fasting, charity and worship are done on Akshaya Tritiya.

Lord Vishnu and Mother Lakshmi are worshiped on the day of Akshaya Tritiya. On this day people offer Bhog to God. On the day of Akshaya Tritiya, any auspicious and auspicious work like marriage, home entry, buying gold, buying a house or land, buying a vehicle, buying goods, buying clothes as well as new business can be started without seeing any Panchang. Mother Annapurna’s birthday is celebrated on this day.

Therefore, donating on the day of Akshaya Tritiya has a lot of importance. Donating on this day of Akshaya Tritiya is considered auspicious and according to the beliefs, donating gives manifold results. Lord Shankar ji had advised to worship Lord Kubera Mata Lakshmi ji on this day. Due to which Mata Lakshmi ji is worshiped on the day of Akshaya Tritiya. According to Bhavishya Purana, Satya Yuga and Treta Yuga started on the day of Akshaya Tritiya. Maharishi Ved Vyas started writing Mahabharata on the occasion of Akshaya Tritiya.It is also said that on the day of Akshaya Tritiya, Mother Ganga descended from heaven to earth. It is also on the day of Akshaya Tritiya. Parashuram Naranarayana and Hagris were born incarnations of Lord Vishnu. That is why Lord Vishnu is worshiped on this day.

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Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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