भारत के चार धाम कौन कौन से है l bharat ke char dham । char dham in india l char dham ka etihas

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हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट मे आपको भारत के चार धाम के बारे में बताने जा रहे है। यह पोस्ट आपको अच्छा लगे तो कॉमेंट और शेयर जरूर करे।

भारत के प्रमुख चार धाम

दोस्तों ज्यादातर लोग बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में होने वाली यात्रा को ही चार धाम यात्रा मानते हैं। लेकिन भारत के वास्तविक चार धाम, बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी, द्वारिका और रामेश्वरम है और यह जो उत्तराखंड में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा होती है, इसको छोटी चारधाम यात्रा कहते हैं, जबकि वास्तव में भारत के जो चार धाम है। वह भारत में चार अलग-अलग दिशाओं में स्थापित है और यह सभी धाम भगवान विष्णु के धाम हैं। भारतीय धर्म ग्रंथों में उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ, उड़ीसा में स्थित जगन्नाथ पुरी, तमिलनाडु में स्थित रामेश्वरम धाम और गुजरात में स्थित द्वारिका धाम को चार धाम बताया गया है। यह सभी धाम भगवान विष्णु के अवतारों से संबंधित हैं।

तो चले मैं आप को बताता हूं एक-एक करके इन भारत के चार धामों के बारे में क्या है इनकी विशेषता और कहां पर यह मंदिर स्थित है।

1. बद्रीनाथ धाम, उत्तराखंड

सबसे पहले बात करते हैं। बद्रीनाथ धाम की उत्तराखंड की हिमालय पर्वतों के बीच में स्थित बद्रीनाथ मंदिर हिंदुओं की आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है। यह मंदिर उत्तराखंड में अलकनंदा नदी के किनारे पर बसा हुआ एक भव्य मंदिर है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इसके अलावा भारतीय जो अन्य चार धाम है, वह भी भगवान विष्णु को ही समर्पित है। यह जो आधुनिक बद्रीनाथ धाम मंदिर है, इसकी स्थापना 9 वीं शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। इस धाम का उल्लेख कई प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में भी मिलता है। इसीलिए इसका काफी ज्यादा महत्व है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शनों के लिए आते हैं। यह जो धाम है वह साल भर दर्शन नहीं खुला रहता है क्योंकि इस क्षेत्र में बर्फ काफी ज्यादा गिरती है। इसे लगभग 6 महीने तक यह धाम खुला रहता है और लगभग 6 मिनट तक की धाम बंद रहता है। इस धाम के कपाट अप्रैल महीने के अंतिम। सप्ताह तक खोल दी जाते हैं और लगभग नवंबर के आखिरी सप्ताह तक बंद कर दिए जाते हैं। इसी दौरान यहां पर श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं।

2. जगन्नाथ पुरी, उड़ीसा

दोस्तों इसके बाद अगला धाम है जगन्नाथ पुरी भारत के उड़ीसा राज्य में स्थित जगन्नाथ मंदिर चार धामों में से एक है। यह एक विशाल और अद्भुत मंदिर है। जगन्नाथ का अर्थ होता है जगत का स्वामी है। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है जो कि वैष्णवसंप्रदाय का एक मंदिर है। इस मंदिर में हर साल भव्य रथयात्रा का आयोजन होता है जिसमें भगवान जगन्नाथ उनके बड़े भाई बलभद्र और उनकी बहन सुभद्रा तीनों के अलग-अलग रथो को सजाकर यात्रा निकाली जाती है जिसे देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोग यहां पर एकत्रित होते हैं।

3. रामेश्वरम,तमिलनाडु

दोस्तों इसके बाद अगला धाम है रामेश्वरम भारत के तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में समुद्र के किनारे पर स्थित है। हिंदुओं का तीसरा धाम, रामेश्वरम और रामेश्वरम में स्थापित सिविल द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। माना जाता है कि भारत के उत्तर में जो मान्यता केदारनाथ और काशी की है। दक्षिण भारत में वही मान्यता रामेश्वरम की है। मान्यता के अनुसार भगवान राम ने यहां रामेश्वरम शिवलिंग की स्थापना की थी। यहां पर भगवान राम ने लंका में चढ़ाई करने से पहले पत्थरों का पुल का निर्माण भी करवाया था। बाद में राम ने विभीषण के अनुरोध पर धनुष कोर्ट नामक स्थान पर इस पुल को तोड़ दिया था।

4. द्वारिका, गुजरात

इसके बाद भारत का चौथा धाम है द्वारिका गुजरात राज्य में समुद्र के किनारे पर स्थित है। द्वारका धाम की मान्यता है कि द्वारिका को श्रीकृष्ण ने बताया था और मथुरा से यदुवंशियों को लाकर इस संपन्न नगर को उनकी राजधानी बनाया था। कहते हैं कि द्वारिका समुद्र में समा गई थी, लेकिन उसके अवशेष के रूप में आज द्वारिका और गोमती द्वारिका नाम के दो स्थान हैं। द्वारिका के दक्षिण में एक लंबा सा तालाब है जिसे गोमती तालाब कहते हैं। गोमती के नाम पर ही द्वारिका को गोमती द्वारिका कहते हैं l

तो यह है भारत के चार धाम और जो उत्तराखंड में चार धाम यात्रा होती है, वह छोटी चार धाम यात्रा होती है जबकि जो चार धाम होते हैं, वह भगवान विष्णु से संबंधित मंदिर हैं, जबकि जो उत्तराखंड में छोटी चार धाम यात्रा होती है, उसमें बद्रीनाथ भगवान विष्णु से संबंधित है। केदारनाथ भगवान शिव से संबंधित है।यमुनोत्री में यमुना से संबंधित है और गंगोत्री मां गंगा से संबंधित है तो कई लोगों को यह भ्रम रहता है कि जो चारधाम यात्रा उत्तराखंड में होती है, इसी को चार धाम यात्रा करते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। असली जो चार धाम में यह सभी हैं और इन सब में यात्रा करने पर आपको काफी दिन लग जाएंगे क्योंकि भारत के चार अलग-अलग कोनों में हैंl

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Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to tell you about the Char Dham of India. If you like this post then do comment and share.

Major Char Dham of India

Friends, most of the people consider the pilgrimage to Badrinath, Kedarnath, Yamunotri and Gangotri Dham as Char Dham Yatra. But the real Char Dham of India is Badrinath, Jagannathpuri, Dwarka and Rameshwaram and this pilgrimage to Badrinath, Kedarnath, Gangotri and Yamunotri in Uttarakhand is called Choti Chardham Yatra, whereas in reality the Char Dham of India.It is established in four different directions in India and all these dhams are the abode of Lord Vishnu. In Indian religious texts Badrinath located in Uttarakhand, Jagannath Puri located in Orissa, Rameshwaram Dham located in Tamil Nadu and Dwarka Dham located in Gujarat have been described as Char Dham. All these dhams are related to the incarnations of Lord Vishnu.

So let me tell you one by one about these four dhams of India, what is their specialty and where is this temple located.

1. Badrinath Dham, Uttarakhand

Let’s talk first. Badrinath Temple, situated in the middle of the Himalayan mountains of Uttarakhand, is a big center of faith of Hindus. This temple is a grand temple situated on the banks of river Alaknanda in Uttarakhand. This temple is dedicated to Lord Vishnu. Apart from this, the other four dhams in India are also dedicated to Lord Vishnu. This modern Badrinath Dham temple was established by Adi Guru Shankaracharya in the 9th century. The mention of this Dham is also found in many ancient texts and Puranas.That is why it has a lot of importance and every year lakhs of devotees come here for darshan. This Dham is not open for darshan throughout the year because snow falls a lot in this area. This Dham remains open for about 6 months and the Dham remains closed for about 6 minutes. The doors of this Dham are the last of the month of April. week and are almost closed until the last week of November. During this time, devotees come here for darshan.

2. Jagannath Puri, Orissa

Friends, after this the next Dham is Jagannath Puri Jagannath Temple located in the state of Orissa, India, is one of the four Dhams. This is a huge and wonderful temple. Jagannath means lord of the world. This temple is dedicated to Lord Krishna, an incarnation of Lord Vishnu, which is a temple of Vaishnavism. Every year a grand Rath Yatra is organized in this temple.In which Lord Jagannath, his elder brother Balabhadra and his sister Subhadra are taken out by decorating the different chariots of the three, to see which people from all corners of the country gather here.

3. Rameshwaram, Tamil Nadu

Friends, after this the next Dham is Rameshwaram situated on the sea shore in Ramanathapuram district of Tamil Nadu, India. The third dham of Hindus is one of the civil twelfth Jyotirlingas established in Rameshwaram and Rameshwaram. It is believed that in the north of India, the belief is of Kedarnath and Kashi. Rameshwaram has the same belief in South India. According to the belief, Lord Rama had established Rameshwaram Shivling here.Here Lord Rama had also built a bridge of stones before ascending to Lanka. Later, on the request of Vibhishana, Rama broke this bridge at a place called Dhanush Court.

4. Dwarka, Gujarat

After this, the fourth Dham of India is Dwarka, situated on the shore of the sea in the state of Gujarat. It is believed that Dwarka was told by Shri Krishna and brought Yaduvanshis from Mathura and made this prosperous city their capital. It is said that Dwarka was absorbed in the sea, but today there are two places named Dwarka and Gomti Dwarka as its remains. To the south of Dwarka there is a long pond called Gomti Talab. Dwarka is called Gomti Dwarka after the name of Gomti.

So this is the Char Dham of India and the Char Dham Yatra in Uttarakhand is the Choti Char Dham Yatra, whereas the Char Dhams are the temples related to Lord Vishnu, whereas the Choti Char Dham Yatra in Uttarakhand is In that Badrinath is related to Lord Vishnu. Kedarnath is related to Lord Shiva.Yamunotri is related to Yamuna and Gangotri is related to Maa Ganga, so many people have the illusion that the Chardham Yatra which takes place in Uttarakhand, is the Char Dham Yatra, whereas it is not so. The real ones are all these in the Char Dham and it will take you a long time to travel in all of them because they are in four different corners of India.

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Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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