द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय l Carieer,Age, Family, draupadi murmu biography in hindi

नोट – हिंदी और इंग्लिश में जानकारी प्राप्त करे।

हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट मैं आपको भारत देश में पहली बार है जब एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने जा रही है तो आइए जानते है द्रोपति मुर्मू जी के जीवन के बारे यह पोस्ट आपको अच्छा लगे तो कॉमेंट और शेयर जरूर करे।

द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय

द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय l Carieer,Age, Family, draupadi murmu biography in hindi

द्रौपदी मुर्मू का जन्म

दोस्तों द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को उड़ीसा के मयूरभंज जिले में हुआ।

द्रौपदी मुर्मू की पढ़ाई

दोस्तों द्रौपदी मुर्मू ने साल 1979 रामादेवी महिला महाविद्यालय भुवनेश्वर से बीए की पढ़ाई की है।

द्रौपदी मुर्मू की पैतृक घर

दोस्तों द्रोपति मुर्मू का पैतृक घर उड़ीसा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर जहां उनके पैतृक गांव बैदापोसी का प्रखंड मुख्यालय है।

द्रोपदी मुर्मू का व्यक्तिगत जीवन

द्रौपदी मुर्मू की शादी श्याम चरण मुर्मू से हुई और द्रौपदी मुर्मू के दो बेटे और एक बेटी हुए। लेकिन द्रोपदी मुर्मू का व्यक्तिगत जीवन त्रासदियों से भरा रहा और उन्होंने अपने पति व दोनों बेटों को खो दिया। उनकी बेटी इतिश्री की शादी गणेश्वरम से हुई। हालांकि द्रौपदी मुर्मू ने कभी भी कठिनाइयों से हार नहीं मानी और सभी बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ी।

द्रोपदी मुर्मू का करियर

दोस्तों वर्ष 2015 में द्रौपदी मुर्मू झारखंड की नवी राज्यपाल नियुक्त की गई। 5 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद भी कोरोना वायरस को देखते हुए भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें सेवा विस्तार दिया। इस कारण झारखंड में 6 वर्ष 54 दिनों तक राज्यपाल रही स्नातकतक की शिक्षा ग्रहण करने वाली द्रौपदी मुर्मू वर्ष 1997 से राजनीति में सक्रिय है।

🔸उन्होंने भुनेश्वर के रामा देवी महिला कॉलेज से आर्ट्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।

🔸उसके बाद उन्हें उड़ीसा सरकार ने सिंचाई और बिजली विभाग में एक जूनियर असिस्टेंट यानीकलर के रूप में नौकरी मिली।

🔸बाद में उन्होंने रायरंगपुर में श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर में मानस सहायक शिक्षक के रूप में काम भी किया।

🔸द्रोपति मुर्मू ने 1997 में पहली बार उड़ीसा के रायरंगपुर जिले में पार्षद चुनी गई।

🔸द्रोपति मुर्मू वर्ष 2002 से 2009 तक मयूरभंज जिले में भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुकी है। वर्ष 2004 में द्रौपदी मुर्मू रंगरंग पूर्विका सभा क्षेत्र में विधायक चुनी गई।

🔸भाजपा ने द्रोपति मुर्मू को 2006 में अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। वह इस पद पर 2009 तक रही वर्ष 2010 में वह मयूरभंज जिले में भाजपा अध्यक्ष के रूप में दोबारा चुने गए।

🔸वर्ष 2013 आज उन्हें तीसरी बार जिला अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी ली। वह अप्रैल 2015 तक इसी पद पर बनी रहे। इसके बाद मई 2015 में झारखंड की राज्यपाल बनाई गई।

द्रोपदी मुर्मू का इंटरव्यू

द्रोपदी मुर्मू ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि मैं आदिवासी संथाल समाज से आती हूं। परिवार बहुत गरीब था। मेरा मकसद सिर्फ छोटी सी नौकरी करके परिवार पालना था। नौकरी लग भी गए, लेकिन ससुराल वाले के कहने पर छोड़नी पड़ी मन नहीं लगता तो फिर मुफ्त में बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। वहीं से समाज सेवा करने लगी।1997 में पहली बार रायरंगपुर नगर पंचायत के काउंसलर का चुनाव लड़ा और जीते 2000 में विधायक का टिकट मिला और जीत गए इसके बाद मंत्री बने 2009 में चुनाव हारने के बाद गांव आ गई। मगर इसी बीच बेटे की दुर्घटना में मौत हो गई जिससे डिप्रेशन में चली गई। 2013 में दूसरे बेटी की भी हादसे में मौत हो गई और 2014 में पति को भी खो दिया। इसके बाद पूरी तरह से टूट गईपर हिम्मत जुटा कर खुद को समाज सेवा में झोंके रखा।

संघर्ष की मिसाल द्रौपदी मुर्मू

🔸वर्ष 2009 खुद को हिम्मत देने के लिए अध्यात्म का रास्ता चुनाब्रह्माकुमारी संस्था के साथ जुड़ीं ।

🔸वर्ष 2013 में सड़क दुर्घटना मे दूसरे बेटे की मृत्यु हो गई और बेटों की मृत्यु के कुछ दिन बाद मां और भाई का देहांत हो गया।

🔸वर्ष 2014 पति का भी देहांत हो गया और डिप्रेशन से बाहर आने के लिए अध्यात्म के साथ योग शुरू किया ।

🔸वर्ष 2014 डिप्रेशन के खिलाफ तब तक लड़ीं जब तक उसे हरा नहीं दिया ।

🔸वर्ष 2015 में झारखंड की पहली महिला राज्यपाल ” नियुक्त हुईं।

द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति उम्मीदवार की कहानी

🔸द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला और आदिवासी राज्यपाल थीं. वह संथाल आदिवासी हैं और उनके पिता अपनी पंचायत के मुखिया रहे हैं ।

🔸साल 1979 में भुवनेश्वर के रमादेवी महिला कॉलेज से बीए किया ।

🔸ओड़िशा सरकार के लिए क्लर्क की नौकरी की.वो सिंचाई और ऊर्जा विभाग में जूनियर सहायक थीं।इसके बाद वो कई सालों तक शिक्षक रहीं.

🔸वार्ड काउंसलर के तौर पर साल 1997 में राजनीतिक सफ़र शुरू किया ।

🔸रायरंगपुर विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर दो बार (साल 2000 और 2009) विधायक भी बनीं ।

🔸साल 2000 से 2004 तक नवीन पटनायक के मंत्रिमंडल में स्वतंत्र प्रभार की राज्यमंत्री रहीं ।

🔸साल 2009 में जब वे दूसरी बार विधायक बनीं, तो उनके पास कोई गाड़ी नहीं थी।

🔸ओड़िशा में सर्वश्रेष्ठ विधायकों को मिलने वाला नीलकंठ पुरस्कार भी मिल चुका है. साल 2015 में उन्हें पहली बार राज्यपाल बनाया गया.

🔸18 मई 2015 को उन्होंने झारखंड की पहली महिला और आदिवासी राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी.वह छह साल, एक महीना और 18 दिन इस पद पर रहीं ।

🔸मई 2017 में सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन विधेयक बगैर दस्तखत सरकार को वापस कर दिया।

🔸द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि इस संशोधन विधेयक के खिलाफ राजभवन को क़रीब 200 आपत्तियां मिली थीं.

दोस्तो अगर आप को यह जानकारी अच्छा लगा तो कॉमेंट और शेयर जरूर करे।

!! धन्यवाद !!

FAQ.

1.कौन है द्रौपदी मुर्मू

Ans. Nda द्वारा घोषित भारत के अगले राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार।

2. द्रौपदी मुर्मू के पति का क्या नाम है?

Ans.श्याम चरण मुर्मू

3. द्रौपदी मुर्मू की जाति क्या है?

Ans. अनुसूचित जनजाति

4. द्रौपदी मुर्मू की आयु क्या है?

Ans. 64वर्ष

और पढ़े –

🔸 केके सिंगर का जीवन परिचय

🔸 सिद्धू मूसे वाला का जीवन परिचय

🔸 गीतांजलि श्री का जीवन परिचय

Hello friends, my name is Hitesh Kumar, this post is the first time in the country of India, when a tribal woman is going to become the President, then let us know if you like this post about the life of Draupathi Murmu ji, then do comment and share.

Draupadi Murmu biography

Birth of Draupadi Murmu

Friends Draupadi Murmu was born on 20 June 1958 in Mayurbhanj district of Orissa.

Draupadi Murmu’s studies

Friends Draupadi Murmu has studied BA from the year 1979 Ramadevi Mahila Mahavidyalaya Bhubaneswar.

Draupadi Murmu’s ancestral home

Friends Draupathi Murmu’s ancestral home Rairangpur in Mayurbhanj district of Orissa, where his native village Baidaposi is the block headquarters.

Draupadi Murmu’s personal life

Draupadi Murmu was married to Shyam Charan Murmu and Draupadi Murmu had two sons and a daughter. But Draupadi Murmu’s personal life was full of tragedies and she lost her husband and both sons. His daughter Itishree is married to Ganeshwaram. Although Draupadi Murmu never gave up on difficulties and went ahead overcoming all the obstacles.

Draupadi Murmu’s career

Friends, in the year 2015, Draupadi Murmu was appointed as the new Governor of Jharkhand. In view of the corona virus even after the completion of 5 years, the President of India gave him an extension of service. Due to this, Draupadi Murmu, who was the governor of Jharkhand for 6 years 54 days, has been active in politics since 1997.

🔸She did her graduation in Arts from Rama Devi Mahila College, Bhuneshwar.

🔸After that he got a job as a Junior Assistant Yanicolor in the Department of Irrigation and Electricity, Government of Odisha.

🔸Later he also worked as Manas Assistant Teacher at Sri Aurobindo Integral Education Center in Rairangpur.

🔸Draupathi Murmu was elected councilor for the first time in 1997 in Rairangpur district of Orissa.

🔸Draupathi Murmu has also been the President of BJP in Mayurbhanj district from the year 2002 to 2009. In the year 2004, Draupadi was elected MLA in Murmu Rangrang Purvika assembly constituency.

🔸The BJP made Draupathi Murmu the state president of the Scheduled Tribes Morcha in 2006. She held this position till 2009. In the year 2010, she was re-elected as BJP President in Mayurbhanj district.

🔸Year 2013, today he took the responsibility of the post of District President for the third time. He remained in this post till April 2015. After this, in May 2015, the Governor of Jharkhand was made.

Draupadi Murmu interview

Draupadi Murmu told in one of her interviews that I come from the tribal Santhal community. The family was very poor. My aim was to raise a family by doing only a small job. Got a job, but did not feel like leaving at the behest of the in-laws, then started teaching children for free. From there he started doing social service.For the first time in 1997, contested the election of councilor of Rairangpur Nagar Panchayat and won, got MLA’s ticket in 2000 and won, then became a minister and came to the village after losing the election in 2009. But in the meantime, the son died in an accident due to which he went into depression. Another daughter also died in an accident in 2013 and lost her husband in 2014. After this, she broke down completely but gathered courage and kept herself busy in social service.

Draupadi Murmu example of struggle

🔸The year 2009 chose the path of spirituality to give courage to herself, associated with Brahmakumari Sanstha.

🔸In the year 2013, the second son died in a road accident and a few days after the death of the sons, the mother and brother died.

🔸In the year 2014, the husband also passed away and started yoga with spirituality to come out of depression.

🔸The year 2014 fought against depression till it was defeated.

🔸In the year 2015, the first woman governor of Jharkhand was appointed.

Story of Draupadi Murmu Presidential Candidate

🔸Draupadi Murmu was the first woman and tribal governor of Jharkhand. He is a Santhal tribal and his father has been the head of his panchayat.

🔸In the year 1979, did BA from Ramadevi Women’s College, Bhuneshwar.

🔸She worked as a clerk for the Government of Odisha. She was a junior assistant in the Department of Irrigation and Energy. After that she was a teacher for many years.

🔸He started his political journey in the year 1997 as a Ward Counselor.

🔸Became MLA twice (years 2000 and 2009) on BJP ticket from Rairangpur assembly seat.

🔸From 2000 to 2004, she was Minister of State with independent charge in Naveen Patnaik’s cabinet.

🔸When she became MLA for the second time in the year 2009, she did not have any vehicle.

🔸The best MLAs in Odisha have also received the Neelkanth Award. In the year 2015, he was made governor for the first time.

🔸On 18 May 2015, she was sworn in as the first woman and tribal governor of Jharkhand. She held this position for six years, one month and 18 days.

🔸In May 2017, the CNT-SPT Act Amendment Bill was returned to the government without its signature.

🔸Draupadi Murmu said that the Raj Bhavan had received about 200 objections against this amendment bill.

Friends, if you like this information, then do comment and share.

!! Thanks you !!

Read More –

🔸Biography of KK Singer

🔸Biography of Sidhu Moose Wala

🔸Biography of Geetanjali Shree

Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!