पशुपतिनाथ व्रत की पूजा सामग्री (व्रत की संपूर्ण विधि ) pashupatinath vrat samagri l pashupatinath vrat ki katha

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हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट मे आपको श बताने जा रहे हैं पशुपतिनाथ का व्रत कैसे करें। यह पोस्ट आपको अच्छा लगे तो कॉमेंट और शेयर जरूर करे।

पशुपतिनाथ व्रत की पूजा सामग्री

पशुपतिनाथ व्रत की पूजा सामग्री (व्रत की संपूर्ण विधि ) pashupatinath vrat samagri l pashupatinath vrat ki katha

दोस्तो पशुपतिनाथ का व्रत किसी भी सोमवार से आप शुरू कर सकते हैं। पशुपतिनाथ का व्रत करने से आपके मन की इच्छा सभी मनवांछित फल आपको भगवान शिव की कृपा से मिल जाते हैं।

पशुपतिनाथ का व्रत करने की विधि

दोस्तों सबसे पहले हम पंचामृत तैयार करते हैं जिसमें दूध दही, शहद, जल, गंगाजल को मिलाया जाता है। सबसे पहले इन सभी को मिलाकर बाबा पर अर्पित करने के लिए पंचामृत तैयार करें।उसके बाद आप अपनी पशुपतिनाथ व्रत के लिए पूजन के लिए जो थाली तैयार करते हैं, उसमें आप एक लोटा जल भरकर बाबा को अर्पित करने के लिए तैयार करे जिसमें चावल का दाना और चीनी के दाने मिलाकर रख ले l

पूजन की थाली तैयार करने की विधि

दोस्तों सबसे पहले थाली में हम अक्षत रखेंगे। ध्यान रहे अक्षत खंडित नहीं होने चाहिए। इसके बाद हम लाल चंदन बाबा को समर्पित करने के लिए रखेंगे। इस बात का विशेष ध्यान रहे बाबा पर रोली नहीं चढ़ाई जाती। इसलिए यह लाल चंदन है जो मार्केट में बहुत आसानी से आपको मिल जाएगा। लालचंदन को एक कटोरी में रख ले लाल चंदन बाबा को अत्यंत प्रिय है। इसलिए विशेष ध्यान रखें कि बाबा पर चढ़ने वाला लाल चंदन होना चाहिए ना कि कोई रोली।अक्षत रखने के बाद लालचंदन रखने के बाद पंचामृत रखने के बाद हमने एक लोटा जल भी रख लेना है।

दिया तैयार करने की विधि

इसके बाद हम बाबा को समर्पित करने के लिए एक दिया तैयार करेंगे। दीपक तैयार करेंगे और बाबा पे समर्पित करने के लिए एक कलावा या आप जनेऊ भी ले सकते हैं इसके बाद काले तिल और हल्दी को मिलाकर और तैयार करके अपनी पूजन की थाली में रख ले। जिसे बाबा पर समर्पित करते समय विशकरनेश्वर महादेव के नाम से अगर हम समर्पित करते हैं तो हमारी जितनी भी मनोकामना होती हैं, वह बाबा जल्दी से जल्दी पूरी कर लेते हैं।

चरणामृत करने की विधि

उसके बाद शिवाले में जाकर सबसे पहले हम बाबा को चरणामृत अर्पित करते हैं। पशुपतिनाथ के व्रत में सबसे पहले बड़े श्रद्धा भाव के साथ बाबा को चरणामृत अर्पित करें। उसके बाद जल अर्पित करें। श्री शिवाय नमस्तुभयम का जाप करते रहें। बाबा से अपनी मनोकामना मन की इच्छा जिस वजह से भी हम पशुपतिनाथ का व्रत कर रहे हैं उस मनोकामना को बाबा के सामने प्रस्तुत करके बाबा को जल समर्पित करें साथ ही साथ मन ही मन में श्री शिवाय नमस्तुभयम का जाप निरंतर करते रहें।

लाल चंदन, अक्षत, मिष्ठान, बेलपत्र अर्पित करने की विधि

उसके बाद हम बाबा को लाल चंदन अर्पित करें। लाल चंदन के बाद बाबा को अक्षत अर्पित करें। अक्षत अर्पित करने के बाद बड़ी श्रद्धा भाव से बाबा को एक बेलपत्र अर्पित करें। उसके बाद काले तिल और हल्दी का जो मिष्ठान आपने तैयार किया था, वह बाबा को अर्पित करें और विश्वकर्मेश्वर महादेव के नाम से बाबा को काला तिल और हल्दी अर्पित करके श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप करें और अपने मन की इच्छा मनोकामना को बाबा के सामने प्रस्तुत करें। बाबा के ऊपर कलावा चढ़ाएं बाबा को बेल पत्री समर्पित करने के बाद दिया जला कर बाबा की आरती करें।

शाम के समय पूजन करने की विधि

इसके बाद शाम को जो आपकी सुबह की थाली की पूजन की उसी थाली में 6 दीए तैयार करें। साथ ही बाबा को प्रसाद में आलू का हलवा जब कोई भी मिष्ठान जो आप बना सकते हो, उसको रख लें। उसके बाद हम उसी शाम को मंदिर में पूजन के लिए आते हैं। सुबह के पूजन की थाली में जो लाल चंदन बचा था, उसको बाबा पर समर्पित करें जो अक्षत बचे थे। उसको बाबा को समर्पित करें। इसके बाद जो 6 दिए हम तैयार करके लाए थे उसमें घी के पांच दिए बाबा के सामने रखकर अपनी मनोकामना बोलकर दिए बाबा के सामने प्रज्वलित करें। उसके बाद जो बाबा के लिए प्रसाद बना कर लाए थे। वह दो हिस्सों में बांट दो। दोना में रखकर बाबा को समर्पित करें और एक हिस्सा अपने थाली में रख लो फिर घर में ले जाकर सबसे पहले जो 6 में से 5 दिया आपने वहां जलाए थे। एक दिया बचा था उस एक दिया को घर पर लाकर घर में प्रवेश करने से पहले सीधे हाथ पर रख कर उसे जलाएं। बाबा से अपने मन की मनोकामना बोलकर श्री शिवाय समस्त जाप कर कर दिए जलाकर घर में प्रवेश करें और सबसे पहले तीसरा हिस्सा जो पश्चात का बचा था, उसे ग्रहण करें कि नाथ के व्रत के पहले दिन आप बाबा से जो मनोकामना करते हैं बाबा उस मनोकामना को 5 वर्ष पूर्ण होने से पहले ही आपकी सभी मनोकामना पूर्ण कर देते हैं।

दोस्तो महाशिव पुराण की कथा में पंडित प्रदीपमिश्रा जी द्वारा बताया गया एक एक उपाय आप के लिए हैं। बाबा भोलेनाथ आप सभी की मनोकामनाएं जल्दी से जल्दी पूर्ण करें। सभी को रोग मुक्त रखें। ऐसी कामना करते हुए श्री शिवाय नमस्तुभयम का जाप करते हुए रहे।

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Hello friends my name is Hitesh Kumar in this post I am going to tell you how to fast on Pashupatinath. If you like this post then do comment and share.

Worship material of Pashupatinath Vrat

Friends, you can start the fast of Pashupatinath from any Monday. By observing the fast of Pashupatinath, you get all the desired results of your mind by the grace of Lord Shiva.

Method of fasting Pashupatinath

Friends, first of all we prepare Panchamrit in which milk curd, honey, water, Gangajal are mixed. First of all, mix all these and prepare Panchamrit to be offered to Baba. After that, in the plate you prepare for worship for your Pashupatinath fast, you should fill a lot of water and prepare it to offer to Baba, in which rice is prepared. Have brought grains and sugar grains together.

Method of preparing the plate of worship

Friends, first of all we will keep Akshat in the plate. Keep in mind that the akshat should not be broken. After this we will keep Lal Chandan to dedicate to Baba. Keep in mind that no roli is offered to Baba. That’s why it is red sandalwood which you will get very easily in the market. Keep red sandalwood in a bowl, red sandalwood is very dear to Baba. Therefore, take special care that the person climbing on Baba should be red sandalwood and not any roli. After keeping Akshat, after keeping Lalchandan, after keeping Panchamrit, we also have to keep a lot of water.

Method of preparation of diya

After this we will prepare a diya to dedicate to Baba. You will prepare a lamp and you can also take a kalawa or janeu to dedicate it to Baba, after that mix black sesame and turmeric and keep it in your worship plate. Whichever one we dedicate in the name of Vishkarneshwar Mahadev while dedicating it to Baba, then Baba fulfills all our wishes as soon as possible.

step-by-step method

After that going to Shivale first we offer Charanamrit to Baba. First of all, in the fasting of Pashupatinath, offer Charanamrit to Baba with great devotion. After that offer water. Keep on chanting Sri Shivaya Namastubhayam. Offer water to Baba by presenting that wish in front of Baba, because of which we are fasting on Pashupatinath and also keep chanting Shri Shivaya Namastubhayam continuously in the mind.

Method of offering red sandalwood, akshat, sweets, belpatra

After that we should offer red sandalwood to Baba. After red sandalwood, offer Akshat to Baba. After offering Akshat, offer a Belpatra to Baba with great reverence. After that, the sweetmeat prepared by you of black oil and turmeric should be offered to Baba and in the name of Vishwa Vishwakarma Ishwar Mahadev.Offering black sesame and turmeric to Baba, chant Shri Shivaya Namastubhyam and present your heart’s desire to Baba. Offer Kalava on Baba, climb the Bel Pathri, after dedicating the Bel Patri to Baba, light a lamp and do the aarti of Baba.

Method of worshiping in the evening

After this, prepare 6 diyas in the same plate of worship of your morning plate in the evening. At the same time, when you can make potato pudding in the prasad to Baba, keep any dessert that you can make. After that we come to the temple for worship in the same evening. Offer red sandalwood which was left in the plate of morning worship to Baba who was left intact.Devote it to Baba. After this, put five diyas of ghee in front of Baba in the 6 diyas that we had prepared and ignite it in front of Baba by saying your wishes. After that, those who had made prasad for Baba and brought them. Divide it into two parts. Keep it in dona and dedicate it to BabaAnd keep one part in your plate, then after taking it to the house, first of all 5 out of 6 that you had burnt there. One lamp was left, bring that one lamp at home and light it by placing it on the right hand before entering the house. By speaking your heart’s wish to BabaShri Shivaay after doing all the chanting and lighting it, enter the house and first of all, accept the third part which was left after that, whatever you wish to Baba on the first day of Nath’s fast, Baba fulfill that wish before 5 years. He fulfills all your wishes.

Friends, in the story of Mahashiv Purana, you have taken one remedy as told by Pandit Pradeep Mishra. May Baba Bholenath fulfill all your wishes as soon as possible. Keep everyone disease free. Wishing so, Sri Shivaya kept on chanting Namastubhayam.

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Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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