पैठाणी गांव के मंदिर में होती है दानव की पूजा l Rahu temple uttarakhand l Rahu mandir in uttarakhand l

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हैलो दोस्तो मेरा नाम है हितेश कुमार इस पोस्ट मे आपको राहु का प्राचीनतम मंदिर के बारे मे जानकारी देने वाला हुँ। यह पोस्ट आपको अच्छा लगे तो कॉमेंट और शेयर जरूर करे।

राहु का प्राचीनतम मंदिर पैठाणी गांव पौडी, उत्तराखंड

यहां होती है दानव की पूजा l Rahu temple uttarakhand l Rahu mandir in uttarakhand l

पूरे भारत वर्ष में यहां पर राहू का एकमात्र प्राचीनतम मंदिर भारत के इस प्राचीन मंदिर में देवताओं के साथ होती है दानव की भी पूजा l

कहा पर स्थित है यह मंदिर

दोस्तों यह मंदिर पूर्वी और पश्चिमी नयार नदियों के संगम पर स्थापित है। यह मंदिर उत्तराखंड के कोटद्वार से लगभग 150 किलोमीटर दूर थलीसैण ब्लॉक के पैठाणी गांव में स्थित है।

यहां होती है दानव की पूजा

उत्तराखंड के पौड़ी में स्थित थलीसैण ब्लॉक के एक गांव पैठाणी का धार्मिक महत्व देश के धार्मिक स्थानों से अनोखा माना जाता है, क्योंकि यहां देवता के साथ दानव की भी पूजा की जाती है लोग कहते हैं कि पैठाणी के मंदिर में सदियों से दानव की पूजा होती आ रही है। पूरे भारत वर्ष में यहां राहू का एकमात्र प्राचीनतम मंदिर स्थापित है।

मंदिर की पौराणिक कहानी

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन के दौरान राहू ने देवताओं का रूप धरकर छल से अमृतपान किया था तब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शनचक्र से राहू का सिर धड़ से अलग कर दिया, ताकि वह अमर न हो जाए। कहते हैं, राहू का कटा सिर इसी स्थान पर गिरा था।

कहते हैं कि जहां पर राहू का कटा हुआ सिर गिरा था वहां पर एक मंदिर का निर्माण किया गया और भगवान शिव के साथ राहू की प्रतिमा की स्थापना की गई और इस प्रकार देवताओं के साथ यहां दानव की भी पूजा होने लगी। वर्तमान में यह राहू मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है । धड़ विहीन की राहू की मूर्ति वाला यह मंदिर देखने से ही काफी प्राचीन प्रतीत होता है। इसकी प्राचीन शिल्पकला अनोखी और आकर्षक है। पश्चिममुखी इस प्राचीन मंदिर के बारे में यहां के लोगों का मानना है कि राहू की दशा की शान्ति और भगवान शिव की आराधना के लिए यह मंदिर पूरी दुनिया में सबसे उपयुक्त स्थान है।

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Hello friends, my name is Hitesh Kumar, in this post I am going to give you information about the oldest temple of Rahu. If you like this post then do comment and share.

The oldest temple of Rahu in Paithani village Pauri, Uttarakhand

The only oldest temple of Rahu here in the whole of India, in this ancient temple of India, along with the gods, the demon is also worshiped.

Where is this temple located

Friends, this temple is established at the confluence of the eastern and western Nayar rivers. This temple is located in Paithani village of Thalisain block, about 150 km from Kotdwar in Uttarakhand.

Here is the worship of the demon

The religious significance of Paithani, a village in Thalisain block located in Pauri, Uttarakhand, is considered unique from the religious places of the country, because here the demon is worshiped along with the deity. People say that the demon has been worshiped in the temple of Paithani for centuries. is coming. The only oldest temple of Rahu is established here in the whole of India.

mythological story of temple

It is said about this temple that when Rahu drank nectar in the form of deities during the churning of the ocean, Lord Vishnu beheaded Rahu with his Sudarshan Chakra, so that he would not become immortal. It is said that the severed head of Rahu fell at this place.

It is said that a temple was built at the place where Rahu’s severed head fell and the idol of Rahu was established with Lord Shiva and thus the demon was worshiped here along with the gods. Presently it is famous as Rahu Mandir. This temple with the idol of Rahu without torso looks quite ancient just by looking at it. Its ancient sculpture is unique and attractive.About this ancient temple facing west, the people here believe that this temple is the most suitable place in the whole world for the peace of Rahu’s dasha and worship of Lord Shiva.

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Hitesh

हितेश कुमार इस साइट के एडिटर है।इस वेबसाईट में आप छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति, मंदिर, जलप्रपात, पर्यटक स्थल, स्मारक, गुफा , जीवनी और अन्य रहस्यमय जगह के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से सुंदर और सहज जानकारी प्राप्त करे। जिससे इस जगह का विकास हो पायेगा।

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