डायरी मूवीस की कहानी है suspense thriller से भरपूर।Diary (2023) Movie Explained In Hindi | New Tamil Horror/Thriller Movie Explained In Hindi

 डायरी मूवीस की कहानी

Diary movie Explained In Hindi 

डायरी मूवीस की कहानी है  suspense thriller से भरपूर।Diary (2023) Movie Explained In Hindi | New Tamil Horror/Thriller Movie Explained In Hindi

दोस्तों आज जो suspense thriller story मैं आपके सामने लेकर आया हूँ, वो वीरूपक्षा तुमबाढ़ और कुमारी जैसे horror से तो भरी ही है, पर साथ में उसकी story भी अपने आप मे complete है।

मतलब movie देखने के बाद आपको एक अलग ही पॉजिटिविटी or सेटिस्फेक्शन feel होगा जो शायद इस तरह की movie को देखने के बाद नहीं होता।7.3 की IMDB rating वाली ये तमिल movie आज आपके होश उड़ाने वाली है यह मैं guarantee से कह सकता हूं। इसलिए बिना देरी किए शुरू करूंगा आज की explanation जिसका नाम है डायरी.

Movie की शुरुआत होती है एक couple से जो एक रात अपनी car से उटी जा रहे हैं. रास्ते में husband अपनी सोती हुई wife को जगा कर कहता है कि क्या तुम्हें इस area के बारे में पता है?

तो wife मना कर देती है Husband कहता है कि आगे अभी 13 hair pin का mode आने वाला है जो एक ऐसी lady के लिए मशहूर है जो रात में अपने बच्चे को लेकर रास्ता cross करती है और उसकी वजह से लोगों के accident हो जाते हैं, इसलिए सभी का मानना है कि कभी भी इस मोड़ पर अपनी car को नहीं रोकना चाहिए।

दरअसल husband इन सभी बातों में believe नहीं करता था लेकिन अपनी बीवी को जगाए रखने के लिए वो उसे उस जगह के बारे में बता रहा था। लेकिन जैसे ही उसकी car 13 हेयर पिन mode के पास हुंचती है, तो उसे अचानक सामने कुछ दिखाई देता है और उसकी car नीचे खाई में चली जाती है. जिससे उस couple की वही मौत हो जाती है।

अब हमें news में दिखाया जाता है कि इस तरह के accident आए दिन उस मोड़ पर होते रहते कुछ का कहना है कि वहां एक lady की आत्मा है, तो कुछ कहते हैं कि वो मोड़ ही ऐसा है कि सामने से आने वाली गाड़ियां एक दूसरे को नहीं देख पाती और accident का शिकार हो जाती है।हालांकि ऊटी police ने वहां एक warning sign भी लगाया हुआ है धीरे चलने का लेकिन कोई उस पर गौर नहीं करता।

अब सीन shoot होता है एक police head quarterमें जहां कुछ police वालों की training चल रही है, उनका senior उनको कहता है कि आज तुम्हारी training पूरी हो चुकी है और अब एक last काम बाकी है. मेरे पीछे इतनी सारी files देख रहे हो ये तमिलनाडु के सारे अनसुलझे cases जो अभी तक solve नहीं हुए हैं.अब तुम सभी को इनमें से एक एक file choose करनी है और उस case को solve करना है यही होगा तुम्हारा आखिरी काम।

डायरी मूवीस की कहानी है  suspense thriller से भरपूर।Diary (2023) Movie Explained In Hindi | New Tamil Horror/Thriller Movie Explained In Hindi

इसके बाद हम देखते हैं कि सभी police वाले अपने लिए एक एक file choose करने लगते हैं जिसमें वर्धन नाम का एक police officer भी होता है। वर्धन भी अपने लिए एक file select करता है. जो कि सोलह साल पहले हुए एक couple के murder के बारे में थी Details में पड़ने पर पता चलता है कि उस couple का murder चोरों ने ऊटी के hotel में किया था जिसके बाद वो उनके गहने लेकर फरार हो गए और आज तक कोई उनको पकड़ नहीं पाया। File select करने के बाद। senior officer सभी police वालों को शुभकामनाएं देता है.

जिसके बाद सभी police वाले अपनी अपनी file लेकर case को solve करने निकल पड़ते हैं चूँकि वर्धन का case ऊटी का था इसलिए वो फ़ौरन ऊटी के लिए रवाना हो जाता है. ऊटी पहुँचने पर उसे वहाँ का थानेदार पार्वती नाम की ASI को वर्धन के साथ उसकी इस case में help करने का काम सौंपा। पार्वती उस case की details check करती है जहां उसे एक रिटायर्ड कांस्टेबल के बारे में पता चलता है जिसने अपने officers के साथ इस case पर काम किया था.

इसलिए बिना देरी किए वर्धन और पार्वती उस constable के पास चले जाते हैं और उससे case के बारे में पूछने लगते हैं।

वो कांस्टेबल उनको देखकर हंसने लगता है और कहता है कि ये case solve नहीं हो पाएगा हमने काफी मेहनत की और सारे सबूत इकट्ठा किए लेकिन एक point पर जाकर ये case ऐसा अटक गया जहां से ना तो हमें कोई lead मिली और ना ही direction इसलिए सभी ने ये case छोड़ दिया। मैं भी तुमसे कहूंगा कि तुम ये case छोड़ दो और कोई दूसरा case पकड़ लो।

लेकिन वर्धन ऐसा करने से मना कर देता है. वो कहता है कि आज के time में हमारे पास इतने सारे equipment और techniques हैं कि हम उन चोरों को आसानी से पकड़ सकते हैं इसलिए आप मेरी इस case में help कीजिए ।

वर्धन का यह confidence देखकर वह constable उसको निराश नहीं करता और उसको सोलह साल पहले वो file देता है जो उसने उस वक्त के मिले सबूतों के आधार पर तैयार की थी.

इस file को लेकर वर्धन और पार्वती वहां से निकल पड़ते रास्ते में वो पार्वती से कहता है कि हमें आसपास के states में भी

check करना होगा कि वहां भी सोलह साल पहले ऐसा कोई case हुआ था या नहीं ताकि हमें कोई lead मिल सके।

पार्वती फ़ौरन इस information को आसपास के state police के साथ share करती है और उनसे information लेने लगती है।

अब हम देखते हैं कि वर्धन और पार्वती के beach धीरे धीरे नजदीकियां बढ़ने लगती हैं. इस beach वर्धन पार्वती को लेकर एक church में भी जाता है. जहां वो father से उसको मिलवाता है. दरअसल वर्धन अपनी family में अकेला है और उसके माता पिता नहीं है इसलिए वो जब भी अपने आपको अकेला या depressed feel करता था तो यही church में father से मिलने आता था।

अब इस case को काफी दिन निकल जाते हैं लेकिन वर्धन के हाथ कुछ भी नहीं लगता। फिर एक शाम police station में एक माता पिता अपनी गुमशुदा बेटी की complaint लिखवाने आते हैं पार्वती को वर्धन के पास जाना होता है इसलिए वह अपने constable को FIR दर्ज करने को कहकर वहां से निकल जाती है।

इसके बाद वर्धन और पार्वती एक restaurant में dinner कर रहे होते हैं तभी वर्धन के पास उसकी एक female कलिक का phone आता है. वो कहती है कि तुमने एक case के बारे में details मांगी थी ना, तो ऐसा ही case मेरे इलाके में भी सोलह साल पहले हुआ था, जिसमें दो आरोपियों को शक के आधार पर गिरफ्तार भी किया गया था मुझे लगता है कि तुम्हारे case और इस case के आरोपी same ही हैं। इन दोनों का नाम जय कुमार और अनंत था।

वर्धन खुश होता है कि उसके हाथ में आखिरकार एक lead लग गई है, वो उसे कहता है कि मैं फ़ौरन तुम्हारे police station आ रहा हूँ, मुझे उस case की file चाहिए, लेकिन जैसे ही वर्धन और पार्वती वहाँ से बाहर निकलते हैं तो वर्धन की car वहां नहीं होती।

CCTV footage में वह देखते हैं कि एक शख्स ने उनकी car को चुरा लिया है लेकिन उस आदमी को पार्वती फौरन पहचान लेती है. वो कहती हैं कि ये सत्या है जो पहले भी इस तरह के case में jail जा चुका है वो कहती है कि ये इन गाड़ियों को जहां बेचता है वो जगह मुझे पता है। वर्धन कहता है कि हमें फ़ौरन car को ढूँढना होगा क्योंकि मेरी gun और इस case की दोनों file मेरी car में ही है, इसके बाद सभी check post को inform करके वो दोनों car को ढूंढने निकल पड़ते हैं।

अब कहानी में entry होती है तीन चोरों की जिनके नाम है अनंत,जय कुमार और सत्ता रासू वो तीनों अभी अभी एक hotel में एक couple का murder करके और उनके गहने लेकर भागे हैं और ऊटी के bus stop पर एक bus का इंतज़ार कर रहे हैं।

दोस्तों अब यहां से movie एक भयंकर मोड़ लेने वाली है इसलिए अपने कान और आंखें खुली रखना।अब एक बस वहां आती है जिसमें एक एक करके तीनों चोर चढ़ने लगते हैं लेकिन जब सत्ता रासु उस bus में चढ़ता है तो उसे उस bus में कुछ negative एनर्जी महसूस होती है वो इस बात को जय कुमार को बताता है लेकिन वो उससे ये सब इग्नोर करने को कहता है।

उस बस में पहले से दो और लोग मौजूद होते हैं एक तो बूढ़ी साधु औरत और दूसरी मीनाक्षी नाम की एक महिला यहां हमें पता चलता है कि मीनाक्षी का husband अब इस दुनिया में नहीं है, इसलिए वो अपने आठ साल के बेटे को पालने के लिए,दूर शहर में जाकर कपड़ों को बेचने का काम करती है।

इतनी देर में उस बस में एक आदमी अपनी बेटी लिजी को drop करने आता है जिसको अपने hostel जाना है.और उसके बाद हमें दिखाया जाता है एक लड़का जो अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए उसके गांव जा रहा है दरअसल कल उसकी प्रेमिका की शादी है इसलिए वो आज ही उसके साथ गांव जाकर उसके साथ भागने वाला है।

अब थोड़ी देर में हमें येजहल और रागबी नाम का loving couple दिखाया जाता है जो घर से भाग कर एक सुनसान जंगल से होते हुए जा रहे हैं ताकि रास्ते में किसी बस को पकड़ सके. उधर रागवी के पिता को पता चल चुका है कि उसकी बेटी

घर से भाग गई है इसलिए वह अपने गुंडे भेज कर उन दोनों को ढूंढते ही जान से मारने का order दे देता है।इधर हम देखते हैं सत्या उस car को एक आदमी को बेच कर जा रहा होता है. जाते जाते उसे महसूस होता है कि उन लोगों ने एक लड़की को बाँध कर रखा हुआ है. फिर भी वो बिना कुछ कहे वहां से निकल जाता है।

उधर वर्धन और पार्वती को रास्ते में एक आदमी मिलता है जो उन्हें बताता है कि मैंने अभी आपकी car को इस रास्ते पर जाते हुए देखा है जिसके बाद वो दोनों उसी रास्ते पर निकल पड़ते हैं।वहीं बस में अब एक family और चढ़ती है जिसमें एक लॉयर उसकी बीवी और बच्चा होता है और इसी beach रागवी और येजहील गुंडों से बचने के लिए उस bus को रोक कर उसमें चढ़ जाते हैं।

उधर वर्धन और पार्वती उस car के चोर के पास पहुंच जाते हैं जिसने सत्या से उसकी car को खरीदा था.वहां वर्धन अपनी car के साथ साथ एक लड़की को भी देख लेता है जिसको उन लोगों ने किडनैप किया था इसलिए वो पहले उन चोरों की धुलाई करता है. और फिर उस लड़की को भी छूरवाता है।

यहां हमें पता चलता है कि यह लड़की कोई और नहीं बल्कि उन्हीं पैरेंस की मिसिंग बेटी है जिसकी report लिखवाने आज वो पार्वती के पास आए थे।वो लड़की तो अब अपने घर पहुंच जाएगी।

लेकिन वर्धन को अपनी car में वो bag नहीं मिलता जिसमें उसकी वो file और gun रखी थी. वो एक चोर से अपने bag के बारे में पूछता है जो उसे बताता है कि उसे बस car के बारे में पता है. हो सकता है car बेचने से पहले सत्य ने वो bag ले लिया हो ये सुनकर वर्धन का दिमाग ठनक जाता है और वो फ़ौरन पार्वती के साथ सत्या की तलाश में निकल पड़ता है।

उधर बस में येजहील सभी को अपने और रागवी के बारे में बताता है कि वो दोनों बचपन से ही एक दूसरे से प्यार करते थे और जब एक दिन रागवी ने यह बात अपने पिता को बताई तो उन्होंने येजहिल और उसके father को खूब पिटवाया जिसमें येजहिल के पिता की जान चली गई और इसी के बाद दोनों ने वहां से भागने का फ़ैसला लिया और अब रागवी के पिता के गुंडों से बचते हुए वो इस bus से बाहर जा रहे हैं।

ये सब बातें चल ही रही होती हैं कि तभी रास्ते में कुछ local लोग उस bus में चढ़ते हैं. अब कंडेक्टर येजहिल से पूछता है.कि तुम दोनों भाग तो आए लेकिन अपनी ज़िंदगी कैसे गुज़ारोगे? और आखिर कहां जाओगे?इस पर रागवी कहती है कि uncle यही सोचकर मैंने अपने घर से कुछ गहने भी चुरा लिए हैं ताकि मैं और येजहील काफी दूर चले जाए और वहां जाकर अपनी नई ज़िंदगी शुरू करें।गहनों की बात सुनते ही उन चोरों के कान खड़े हो जाते हैं और मन ही मन planning करने लगते हैं कि कैसे इन गहनों को चुराया जाए.

इतनी देर में पास बैठा lawyer उन दोनों से कहता हैकि तुम दोनों बालिग हो और अगर तुम्हारी शादी हो जाएतो फिर लीगली तुम्हें कोई अलग नहीं कर सकता इसलिए जितनी जल्दी हो सके तुम दोनों शादी कर लो।इतने में पीछे बैठी वह बंजारन महिला उनसे कहती है कि क्यों ना हम इनकी शादी आगे आने वाले मंदिर में करवा दे. मैंने वह मंदिर देखा है।couples के मान जाने पर सभी लोग आगे स्टॉपेज पर उनकी शादी करवाने के लिए उतर जाते हैं और मंदिर की तरफ चले जाते हैं.

उधर bus में सिर्फ वो साधु माता अकेली रह जाती है. क्योंकि वो तब से सो रही थी और उसको नहीं पता था कि बस में क्या बातें हो रही हैं. अचानक उसकी आंखें खुलती है और वो देखती है कि कोई उसके पास नहीं है इतनी देर में उसे बस के अंदर

कुछ अजीब सा feel होता है कुछ लोगों के हाथों के निशान तो किसी का डरावना चेहरा ये देखकर वो बेहद घबरा जाती है और दूसरी सीट पर जाकर बैठ जाती हैअब दूसरी तरफ सभी मिलकर येजहिल और रागवी की शादी करवा देते हैं और वापस bus में आकर बैठ जाते हैं थोड़ी दूर जाने पर उन बंजारे लोगों का गांव आ जाता है, इसलिए वो उस बस से उतर जाते हैं।

उतरते ही थोड़ी देर बाद उन्हें car आते हुए दिखाई देती है.Car में बैठे आदमी उनको एक photo दिखाकर पूछते हैं कि क्या तुमने इस लड़की को कहीं देखा है?दरअसल ये लड़की कोई और नहीं, रागवी ही होती है.और ये उसके पिता के गुंडे होते हैं. वो बंजारन ये समझ जाती है और उनको कहती है कि हमने इसको कहीं नहीं देखा।

इतनी देर में बंजारन छोटी बेटी कहती है कि मां ये तो वही दीदी हैं जिनकी अभी हमने शादी करवाई थी ये सुनकर वो गुंडे उस पूरे परिवार को गाड़ी से कुचल कर उस रास्ते पर आगे बढ़ जाते हैं।इस beach बस में एक ठरकी बंदा चढ़ता है और जस्ट लिजी के पीछे जाकर बैठकर उसे छेड़ता रहता है।अब वो प्रेमी लड़का जो अपनी प्रेमिका के गाँव जा रहा था ये notice करता है कि जो साधु माता इतनी देर से सो रही थी, वो एकदम से अजीब शक्ल बनाकर एक सीट पर बैठी हैं।

वो उनसे पूछता है कि aunty क्या बात है? इस पर वो साधु माता उसे bus में अपने साथ हुए वाक्य के बारे में बताती है.वो लड़का कहता है कि मुझे भी इस bus में कुछ अजीब सा feel हो रहा है वो लिजी की तरफ इशारा करते हुए कहता है कि मुझे तो उस लड़की पर शक है क्योंकि वो काफी देर से गुमसुम बैठी है और किसी से ज़्यादा बोल भी नहीं रही है.

ये कहकर वो लिजी के पास जाकर उससे कुछ पूछने लगता है, लेकिन पास जाते ही उसे लिजी की जगह एक डरावनी लड़की का चेहरा दिखता है. और वो डर के मारे फ़ौरन अपनी सीट पर वापस आ जाता है, लेकिन अगले ही पल हम देखते हैं कि लिजी तो एकदम ठीक है और उसका चेहरा भी बिल्कुल ठीक है।

खैर अब वह लड़का और साधु माता यह decide करते हैं कि वह अगले ही stoppage पर उतर जाएंगे क्योंकि इस bus में सब कुछ अजीब अजीब हो रहा है. और वो ठीक ऐसा करते भी हैं।अगले स्टॉपेज का RTO officer उस bus की Checking करने के लिए bus को रुकवाता है और इतनी देर में वो दोनों उतर जाते हैं. उतरते हुए वो officer से कहते हैं कि इस बस में भूत है इसलिए इसको check मत करो पर वो officer उनकी बातों पर ध्यान नहीं देता लेकिन अंदर घुसते ही उसे एक छोटी बच्ची की आत्मा दिखाई देती है जिसके बाद वो भी डर कर उस बस से फ़ौरन उतर जाता है।

उधर वर्धन और पार्वती को रास्ते में साधु माता और वो लड़का मिलता है जो वर्धन को उस बस के बारे में बताता है कि वो भूतिया बस है।

ये सुनकर वर्धन पार्वती से कहता है कि तुम सत्या को ढूंढो और इन दोनों को रास्ते में छोड़ देना मैं इस बस के पीछे जाकर देखता हूं कि आखिर मामला क्या उधर bus में जय कुमार और उसके साथी अब अपनी चोरी को अंजाम देने की शुरुआत करते हैं क्योंकि सारे पैसेंजर सो रहे होते हैं वो धीरे धीरे रागवी के बैग की तरफ बढ़ते है और ऐसा करते हुए उसे lawyer की बेटी देख लेती है ये देखकर वो शोर करने लगती है तो सारे पैसेंजर की नींद खुल जाती है लेकिन तीनों चोर अपनी gun और चाकू के बल पर उस bag को हासिल करके bus को रुकवाने के लिए कहते हैं।

पर तभी bus में वर्धन की entry होती है जो ये सब देखकर situation को भांप लेता है और तीनों चोरों की धुलाई करके उन्हें बस में ही बांध देता है. इस beach वो जैसे ही उन गहनों को देखता है तो उसे याद आता है कि जो हार इस bag में रखा हुआ है ठीक वैसा ही हार का photo उस case की file में भी था जो उसने कलेक्ट की थी और जिसकी वह छान बीन कर रहा है।

वर्धन इसके बाद तीनों से उनके नाम पूछता है और सोचने लगता है कि ये नाम तो मैंने कहीं सुने हैं तभी उसे याद आता है कि ये तो उन्हीं चोरों के नाम है जो उसकी कलीग ने सोलह साल पहले हुए एक similar case के बारे में बताते वक्त उसको इनके नाम बताए थे।

इसके बाद चोर उसे बताते हैं. कि हमने अभी अभी ऊटी के एक hotel में कुछ गहने चोरी किए हैं और वहां से एक couple को मार कर भाग आए हैं.इस beach वर्धन को भी bus में कुछ अजीब सा feel होने लगता जैसे शिशो पर हाथों का दिखना और बार बार कुछ डरावने चेहरे दिखना।।

वो फ़ौरन अपनी team को उस hotel की खबर देता है, जहां ये तीन चोर अभी murder करके आए हैं और साथ ही वो पार्वती को भी phone करता है और कहता है कि मुझे इस बस में कुछ अजीब feel हो रहा है।पार्वती उससे कहती है कि तुम मुझे उस बस का number दो.

मैं इसके बारे में पता करती हूं और तुम वहां सभी पैसेंजर की details लो। वर्धन ऐसा ही करता है और एक एक करके सभी से पूछताछ करने लगता है।इसी beach वो लिजी के पास पहुंचता है और उसे सोने से उठाता है। लिजी एकदम से उठकर कहती है कि sir अभी मैंने एक सपना देखा कि आपके हाथ में एक गन है और आप किसी को सूट कर रहे हो।

वर्धन कहता है लेकिन मेरे पास तो गन है ही नहीं यह सिर्फ तुम्हारा सपना है।इसके बाद वो राघवी और येजहील के पास पूछताछ करने जाता है जहां उसके साथ साथ सभी पैसेंजर को पता चलता है.कि रागवी असल में ऊटी के MLA की बेटी है यह सुनकर वर्धन के साथ साथ सभी पैसेंजर को भी शौक लगता है क्योंकि उन्हें अभी तक यह सब नहीं पता था।

उधर पार्वती bus stop इंकवारी के पास पहुंचती है और उससे उस bus के number के बारे में पूछती है जो अभी वर्धन ने उसे बताया था वो आदमी पार्वती को बताता है कि इस number की तो कोई बस असल में है ही नहीं और वैसे भी last बस ग्यारह बजे निकल चुकी है इसका number एकदम अलग है।

पार्वती ये सब समझ नहीं पाती कि आखिर ये सब क्या हो रहा है उधर बस में एक और passenger चढ़ता है जो और कोई नहीं बल्कि सत्या होता है वर्धन सत्या को पहचान लेता है और उसको मारने लगता है जिसके बाद वो अपना bag वापस उससे ले लेता है जिसमें उसकी gun और वो file भी होती है.

उसकी gun देख कर लिजी डर जाती है क्योंकि अभी अभी उसने सपने में वर्धन को shoot करते हुए देखा था।इसी beach bus में बैठी मिनाक्षी सत्य से कहती है कि बेटा तुम इतने बड़े हो, हट्टे कट्टे हो, क्यों ये चोरी करते हो? अच्छा काम करो बेटा, चोरी से कुछ हासिल नहीं होता।

उधर police वाले ऊटी के हर hotel में check कर लेते हैं लेकिन किसी को वहां किसी भी murder की खबर नहीं मिलती और उधर पार्वती भी वर्धन को phone करके बताती है कि जिस number की bus का तुमने ज़िक्र किया, उस number की bus तो registered है ही नहीं ये सुनकर वर्धन के होश उड़ जाते हैं।

और इतनी देर में उस bus में रागवी के पिता के गुंडे आ जाते हैं, जिनको देखकर वर्धन उन्हें रोकने की कोशिश करता है, काफी कोशिश करने के बाद भी उनमें से एक आदमी राघवी का गला काट कर उसे मार देता है जिसके बाद वर्धन को मजबूरन अपनी gun निकालकर उस आदमी को shoot करना पड़ता है और इसी तरह लिजी का वो सपना सच हो जाता है जिसके बारे में उसने अभी अभी वर्धन को बताया था।

इसके बाद बचे हुए गुंडों में से एक के हाथों गलती से बस के driver का खून हो जाता है. जिसके बाद बस का बैलेंस बिगड़ हो जाती है।इस वक्त बस उसी 13 हेयर पिन मोड़ के पास होती है जिसके बारे में हमने movie में शुरू में सुना था. और तभी उस बस के बैलेंस बिगड़ने से सामने से आ रही एक car अपना balance खो देती है और पास की खाई में गिर जाती है।

हमें पता चलता है कि यह वही car होती है जिसका accident movie की शुरुआत में हुआ था. इसका मतलब उस couple का accident इसी bus की वजह से हुआ था।खैर ये bus भी एक खाई के ऊपर जाकर अटक जाती है और इस तरह हिलती है कि अगर किसी ने भी जगह बदली तो सभी

उस खाई में जा गिरेंगे इसलिए वर्धन सभी को एक एक करके बस से निकालने की कोशिश करता है लेकिन इतना एहतियात बरतने पर भी bus से वर्धन सहित सिर्फ चार लोग ही बचकर निकल पाते हैं।

सुबह होने पर police वाले उस पहाड़ी के नीचे नदी में उस bus को तलाशने लगते हैं जो रात को इस खाई में गिरी थी.लेकिन थोड़ी देर बाद जैसे ही बस बाहर आती है तो सभी की आंखें फटी की फटी रह जाती हैं क्योंकि जो बस कल ही गिरी थी वो देखने में ऐसी लग रही थी जिसे ना जाने कितने सालों से वो उस नदी में पड़ी थी उसमें सभी लोगों की लाशों को ढूंढा जाता है तो वहां लाशों की जगह सभी के कंकाल मिलते हैं सिर्फ एक ही व्यक्ति होता है जिसकी लाश एकदम सही condition में मिलती है और वो वही ठरकी लड़का था जो लिजी के पीछे बैठ कर उसे छेड़ रहा था।

अब ये देखकर सभी के हाथ पैर सुन्न पड़ जा हैं क्योंकि आज तक किसी ने ऐसा कुछ भी नहीं देखा था.आखिर ये बस इतनी पुरानी कैसे होगी? और इन लोगों की लाशों का कंकाल कैसे वन गया?

इसके बाद वर्धन और पार्वती उस बस के बारे में पूछ तास करने लगते हैं तो पता चलता है कि उस number की बस सोलह साल पहले अचानक से गायब हो गई थी.जिसकी complaint police record में दर्ज है और आगे उन्हें पता चलता है कि ठीक उसी रात ऊटी के एक hotel में भी एक couple का murder हुआ था.जिनके गहने लेकर चोर फरार हो गए थे।

ये सब सुनकर वर्धन को एहसास हो जाता है कि वो बसअसल में एक time जोन में travel कर रही थी जिसमें होने वाली हर चीज़ को उसने अपने आंखों से देखा है।वो पार्वती को इस बारे में बताने लगता है कि जैसा जैसा उस case की file में लिखा है. मैंने हर वो चीज़ उस bus में होने वाली हर सिचवेशन से connect करके देखा लिया है इसलिए मै सियोर हूं ।

कि यह वही बस है जो सोलह साल पहले गुम हो गई थी.इस beach हमें पता चलता है कि सत्या जिसने वर्धन की car चुराई थी, वो असल में मीनाक्षी का ही बेटा था. सत्य को भी इस बात का एहसास उस बस के बारे में जानने के बाद ही होता है जिसके बाद वो चोरी छोड़ देता है क्योंकि उसकी मां ने बस में उससे चोरी छोड़ने के लिए कहा था और यह सोचकर वह बेहद emotional हो जाता है.

इसके बाद वर्धन police station आकर अपने senior को उस case के बारे में बताता है. लेकिन वो officer उसकी इस बात से agree नहीं करता।तो वर्धन एक एक करके सारे सबूत दिखाता है. वो बताता है कि जिस couple का murder सोलह साल पहले उस hotel में हुआ उनको इन तीन चोरों ने मारा और उसके बाद जिस bus में वो तीनों बैठे थे उस bus का accident हुआ और ये तीनों भी मारे गए।जिसके बाद वर्धन उस MLA के खिलाफ भी सबूत इकट्ठा करके उसको गिरफ्तार करवा देता है।

जिसके बाद वो इन सभी बातों को church के father को बताता है. Father उससे कहता है कि तुम्हारा उस बस में होना कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं था बल्कि एक ऐसा राज़ है जिसके बारे में तुमको नहीं पता।

तो यहाँ आता है picture का climax. Father उसे बताते हैं कि जब सोलह साल पहले मैं एक रास्ते से गुज़र रहा था तो मैंने एक एक्सिडेंट car में एक family को देखा जिसमें वो आदमी और औरत तो मर चुके थे लेकिन पीछे सीट पर एक आठ साल का बच्चा था जो अभी भी सांसे ले रहा था और वह बच्चा कोई और नहीं बल्कि तुम हो वर्धन यह सुनकर वर्धन के होश उड़ जाते हैं।

और उस दिन के बाद वह रोज़ उसी बस का इंतज़ार करना लगता है ताकि उस बस के ज़रिए अपने माता पिता से मिल सके या कैसे भी उस घटना को होने से रोक सके, लेकिन काफी महीनों तक daily wait करने के बाद भी उसे वो बस फिर से दिखाई नहीं देती जिसके बाद उसे लगता है कि शायद सभी को इंसाफ मिलने की वजह से अब वो बस दिखाई नहीं दे रही और इसी तरह वो अपने माता पिता से कभी नहीं मिल पाएगा।

अब इस वाक्या को चार साल गुज़र जाते हैं और हम देखते हैं कि वर्धन और पार्वती की शादी हो चुकी है और अब इनका एक बेटा भी है. इस beach एक दिन वर्धन के पास अपनी कलीग का phone आता है जो उसे अपनी engagement में invite करती है।लेकिन वर्धन उससे कहता है कि आज तो उनतीस फरवरी है, जो कि मेरे parents की death anniversary है, इसलिए मैं आज नहीं आ पाऊंगा।

यह सुनकर पार्वती shock रह जाती है.क्योंकि उनतीस फरवरी सुनते ही उसके दिमाग में एक pattern run करने लगता है.वो फ़ौरन वर्धन से कहती है कि उनतीस फरवरी को ही तुम्हारे पिता का डेथ हुआ था और चार साल पहले जब हम दोनों उस case पर काम कर रहे थे तो जिस रात तुमने उस bus में travel किया वो भी उनतीस फरवरी ही थी इसका मतलब वो bus रोज़ नहीं बल्कि हर चार साल में एक बार उस bus stop से गुज़रती है।

वर्धन पार्वती का इशारा समझ जाता है और उस रात को bus stop पर बस उस का इंतज़ार करने लगता है और आखिरकार उस रात वो बस वहां आती है जिसमें वर्धन के साथ एक और आदमी उस बस में चढ़ता है जो कोई और नहीं बल्कि सत्या था दरअसल सत्य भी पिछले चार साल से इस बस का इंतज़ार कर रहा था ताकि वो अपनी माँ को बता सके कि उसने चोरी करना छोड़ दिया है. Bus में चढ़ते ही सत्या अपनी मां से बात करने लगता है और उन दोनों को देखकर वर्धन भी अपने parents के बारे में सोचने लगता है और emotional हो जाते है।

इसके बाद वो सोचने लगता है कि आखिरकार वो अपने माता पिता से आज मिल पाएगा और यही होता है movie का the end.

दोस्तों, अब बात करते हैं स्टोरी की तो मेरा मानना है कि ये बस अभी भी एक time loop में फँसी हुई है, क्योंकि इंसाफ मिलने के बाद भी ये बस वापस आती है और इसमें वो लोग भी होते हैं जो बीस साल पहले सफर कर रहे थे और present time के लोग भी इसमें सफर कर सकते हैं जिसे वर्धन और सत्या ने पिछली बार सफर किया और अब भी कर रहे हैं ।

लेकिन accident होने से पहले अगर present time के पैसेंजर इसमें से नहीं उतरेगे तो वो लोग भी मारे जाएंगे जैसे वो ठरकी व्यक्ती मारा गया लेकिन आखिर कैसे वर्धन इस बार उस accident को रोकेगा और कैसे अपने माता पिता से मिलेगा क्योंकि accident होगा तो फिर से उसके माता पिता instantly मारे जाएंगे तो ये सारे सवाल ही हमारे दिमाग का दही करने के लिए director ने खुले छोड़ दिया है ताकि हम और आप comments में इनके जवाब ढूंढते रहे कि वर्धन कैसे अपने parents को इस बार बचा पाएगा।Comments में मुझे ज़रूर बताइए।

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